केला फार्मिंग बिजनेस: कम निवेश में लाखों कमाए

केला फार्मिंग बिजनेस [कैसे शुरू करें, फ़ायदा, नुकसान, लागत, मार्केट में भाव, कौन से खाद का प्रयोग करें, बीज, कमाई, रजिस्ट्रेशन] Banana Farming Business [how to start, profit, risk, investment, market condition, seed, registration, license]

अगर आप अपना खुद का कोई बिजनेस स्टार्ट करने के बारे में सोच रहे हैं जिसे आप अपने गांव में रह करके ही प्रारंभ कर सके तो आपको बनाना फार्मिंग बिजनेस के बारे में अवश्य ही विचार करना चाहिए। बनाना फार्मिंग बिजनेस अर्थात केले का बिजनेस आजकल किसान भाइयों के द्वारा काफी बड़े पैमाने पर किया जा रहा है।

केले का बिजनेस एक पारंपरिक बिजनेस है। आप केला फार्मिंग बिजनेस को केले की खेती का बिजनेस भी कह सकते हैं, क्योंकि इसमें आपको अपने ही खेत में केला उगाकर बेचना पड़ता है। इस आर्टिकल में हम आपको “केला फार्मिंग बिजनेस कैसे करें” की जानकारी दे रहे हैं।

Banana Framing Business

Table of Contents

केला फार्मिंग बिजनेस [Banana Farming Business]

केला फार्मिंग बिजनेस कैसे करें?

केला फार्मिंग बिजनेस स्टार्ट करने के लिए आपके पास थोड़ी बड़े पैमाने पर जमीन होनी चाहिए। अगर आपके पास बड़े पैमाने पर जमीन नहीं है तो आप किसी से जमीन किराए पर भी ले सकते हैं और उस पर केले के पौधे को लगाकर के केला फार्मिंग का बिजनेस स्टार्ट कर सकते हैं।

केला फार्मिंग बिजनेस की सबसे बड़ी बात यह है कि यह नगदी फसल की कैटेगरी में आती है अर्थात जब आपका माल तैयार हो जाता है तब आप तुरंत ही अपने माल की सप्लाई करके नगद पैसे प्राप्त कर सकते हैं। इस प्रकार से बनाना फार्मिंग बिजनेस करना आपके लिए लाभदायक साबित हो सकता है।

1: केले की खेती के लिए मिट्टी

केले की खेती के लिए ऐसी जमीन की आवश्यकता होती है जहां पर जलभराव ना होता हो साथ ही जमीन दोमट मिट्टी वाली हो। अधिक पानी भरने वाली जगह पर इसकी खेती करने पर इसमें रोग लगने की संभावना काफी अधिक हो जाती है।

इसके अलावा केले की खेती के लिए जमीन का पीएच 6 से 8 के बीच होना चाहिए। इसके अलावा केले की खेती के लिए उष्णकटिबंधीय जलवायु अच्छी मानी जाती है और बरसात के मौसम में इसकी खेती करना लाभदायक माना जाता है। केले का पेड़ अधिक से अधिक 40 डिग्री और कम से कम 16 डिग्री का तापमान सहन कर सकता है।

2: केला की उन्नत किस्में

केले की अच्छी क्वालिटी की किस्म में रॉबस्टा, बतीसा, कटिया, कूटिया जैसी किस्म शामिल है। इसके बारे में अधिक जानकारी आप केले का पौधा बेचने वाले व्यक्ति से प्राप्त कर सकते हैं या फिर किसी नर्सरी से प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा केले की अन्य किस्म मार्केट में मिलती हैं जिन्हें आप लगा सकते हैं।

3: केले के खेत की तैयारी और खाद

तकरीबन 1 महीने पहले ही केले के खेत को तैयार कर लिया जाता है। इसके लिए ट्रैक्टर के द्वारा अच्छी तरह से खेत की जुताई करवाई जाती है और उसके पश्चात थोड़े दिनों तक खेत को ऐसे ही रहने दिया जाता है।

उसके पश्चात फिर से खेत की तिरछी जुताई करवाई जाती है। ऐसा करने पर खेत की मिट्टी भुरभुरी हो जाती है। इसके पश्चात खेत को समतल बनाया जाता है और फिर पौधा लगाने के लिए खेत में गड्ढे बनाए जाते है।

खेत में बनाए जाने वाले हर गड्ढे के बीच डेढ़ मीटर की दूरी रखना आवश्यक होती है तथा गड्ढे की चौड़ाई 1 फीट होनी चाहिए। गड्ढे खोद लेने के बाद उसमें सही मात्रा में खाद डालना होता है। खाद गोबर की हो सकती है। इसके बाद खेत में बने हुए गड्ढे में सिंचाई करनी होती है और फिर पौधे लगाने होते हैं।

पौधे लगाने के तकरीबन 1 महीने के बाद 60gm नाइट्रोजन की मात्रा भी पौधे में छिड़कनी होती है और 3 महीने तक लगातार यह क्रिया की जाती है और फिर जब पौधे पर फूल आना प्रारंभ हो जाते हैं तो इस दरमियान 60gm नाइट्रोजन की मात्रा फिर से पौधे को देनी होती है।

4: केले के पौधों की रोपाई

केले का पौधा आपको किसी रजिस्टर्ड नर्सरी से खरीद कर के लाना होता है क्योंकि नर्सरी से खरीदे गए पौधे बहुत ही अच्छे होते हैं।

केले के पौधे को खेत में लगाने का सबसे अच्छा समय 15 मई से लेकर के 5 जुलाई के बीच का होता है। व्यक्ति चाहे तो जून के महीने में भी पौधे लगा सकता है क्योंकि बरसात के मौसम में पौधे लगाने पर केले के पौधे को समय-समय पर पानी प्राप्त होता रहता है।

5: केले के पौधे की सिंचाई

बरसात के मौसम में केले का पौधा खेत में लगाने पर इसे ज्यादा पानी देने की आवश्यकता नहीं होती है क्योंकि बारिश होने की वजह से यह अपने आप ही पानी प्राप्त करता रहता है।

अगर पहली बार केले के पौधे को लगाया गया है तो उसके तुरंत बाद इसे पानी देना होता है। हफ्ते में एक बार पौधे को पानी देने की आवश्यकता तथा ठंडी के मौसम में 15 दिनों के अंतराल में पानी देने की आवश्यकता होती है।

6: केले के पौधों में खरपतवार नियंत्रण

केला एक ऐसा पौधा है जिसके पौधे की ज्यादा गुड़ाई नहीं करनी पड़ती है क्योंकि इसके खरपतवार पर कंट्रोल पाने के लिए प्राकृतिक तरीके का ही इस्तेमाल किया जाता है।

जब केले के पौधे को लगा दिया जाता है तो उसके तकरीबन 1 महीने के बाद इसकी पहली गुड़ाई की जाती है और जब फिर से खरपतवार खेत में पैदा हो जाते हैं तो फिर से उसकी गुड़ाई कर दी जाती है।

7: केले के पौधों में लगने वाले रोग एवं उनकी रोकथाम

सामान्य तौर पर केले के पौधे में ऊकट्ठा रोग, लीफ स्पॉट, थ्रिप्स, लेस विंग बग जैसे रोग दिखाई देते हैं। अगर इन पर समय रहते लगाम ना लगाई जाए तो यह केले के पौधे को काफी नुकसान पहुंचाते हैं।

इसलिए आपको इन लोगों पर लगाम लगाने के लिए बीज भंडार से उचित दवाई लानी चाहिए और पौधों पर छिड़काव करना चाहिए।

8: केले के फलो की तुड़ाई

कुल 2 प्रकार से केले के फलों को तोड़ा जाता है जिसके अंतर्गत इसके कच्चे फल को सब्जी के लिए और आटे को तैयार करने के लिए तोड़ा जाता है और इसके पश्चात इसके पके हुए फलों को तोड़ा जाता है।

जब केले का रंग पीला दिखाई देने लगे तो यह समझ जाना चाहिए कि केला पूरी तरह से पक गया है और उसकी तोड़ाई कर लेनी चाहिए।

केले के एक घेरे का वजन 20 किलो से लेकर के 25 किलो के आसपास में होता है और इसी प्रकार किसान भाई एक हेक्टर के खेत में तकरीबन 60 से 70 टन की पैदावार सालाना तौर पर हासिल कर सकते हैं।

केला फार्मिंग बिजनेस में इन्वेस्टमेंट

केला फार्मिंग बिजनेस में लगने वाला इन्वेस्टमेंट इसी बात पर आधारित होगा कि आप कितने छोटे या फिर बड़े लेवल पर इस बिजनेस को कर रहे हैं, क्योंकि इस बात से तो आप भली-भांति परिचित हैं कि किसी भी काम को छोटे लेवल पर करने पर कम पैसे और बड़े लेवल पर करने पर अधिक पैसे लगते हैं।

इसलिए आप के लोकल मार्केट में बनाना फार्मिंग बिजनेस को प्रारंभ करने के लिए जो चीजें लगती है उनका दाम क्या है, इसी के ऊपर इस बिजनेस में लगने वाला इन्वेस्टमेंट तय होता है।

हालांकि अगर अंदाज के तौर पर कहा जाए तो शुरुआत में आपको इस बिजनेस में तकरीबन ₹200000 से लेकर के ढाई लाख रुपए तक लगाने की आवश्यकता पड़ेगी। हालांकि इसे आप पक्का इन्वेस्टमेंट मान कर ना चले। इन्वेस्टमेंट कम या और अधिक हो सकता है।

केला फार्मिंग बिजनेस में जोखिम

बनाना फार्मिंग बिजनेस को स्टार्ट करने से पहले ही आप तैयार माल को किस जगह पर सप्लाई करेंगे अथवा कैसे सप्लाई करेंगे, इसका प्रबंध कर ले ताकि जब आपका माल तैयार हो जाए तब आप आसानी से अपने माल को बेच सकें और पैसे कमा सके।

इसके अलावा इस बात का भी ध्यान रखें कि इस बिज़नेस में सबसे बड़ा जोखिम केले के फलों का और केले के पौधों का खराब होने का होता है क्योंकि केले के पौधे में कई हानिकारक कीटाणु लग जाते हैं जो पौधे को नुकसान करते हैं।

इसके अलावा कई रोग भी लग जाते हैं। इसलिए कीटाणुओं पर और रोग पर रोकथाम लगाने के लिए आवश्यक दवाइयों का इस्तेमाल करें।

केला फार्मिंग बिजनेस में कर्मचारी

यह बात सब भली भांति जानते हैं कि केला फार्मिंग बिजनेस को करने के लिए कम से कम 2 से लेकर के 3 कर्मचारियों की आवश्यकता पड़ती ही है।

अगर आप खुद भी साथ में काम करते हैं तो इसके बावजूद भी आपको दो कर्मचारियों की आवश्यकता पड़ेगी, जो समय समय पर केले के पौधे की सिचाई करेंगे। खरपतवार को हटाएंगे। पौधों की मिट्टी की गुड़ाई करेंगे और कीटनाशक का छिड़काव करेंगे, साथ ही दैनिक तौर पर केले के पौधों की देखरेख करेंगे।

केला फार्मिंग बिजनेस में साधन

केला फार्मिंग बिजनेस प्रारंभ करने के लिए आपके पास सिंचाई की उचित व्यवस्था होनी चाहिए। इसके अलावा आपको पौधों तक पानी पहुंचाने के लिए प्लास्टिक की पाइप की भी व्यवस्था करनी पड़ेगी, साथ ही कीटनाशक का छिड़काव करने के लिए आपके पास कीटनाशक छिड़काव करने वाली मशीन होनी चाहिए।

इसके अलावा आपको तयार केले को रखने के लिए टोकरी की भी व्यवस्था करनी पड़ेगी अथवा प्लास्टिक के बड़े-बड़े बॉक्स की व्यवस्था करनी पड़ेगी।

अगर आप शहर में केला सप्लाई करना चाहते हैं तो इसके लिए आपके पास एक छोटी साइज की चार पहिया गाड़ी भी होनी चाहिए जो केले के पौधों को ला सके और तैयार माल को ले करके जा सके। इसके अलावा आपके पास फावड़ा, कुदाल, खुरपी जैसी चीजें भी होनी चाहिए।

केला फार्मिंग बिजनेस से कमाई

केला फार्मिंग बिजनेस में आप कच्चे फल को बेचकर के कमा सकते हैं या फिर पके हुए केले की सप्लाई कर के भी पैसे कमा सकते हैं। इस बिजनेस के द्वारा आप कितने पैसे कमा सकेंगे यह डिपेंड करता है कि आप कौन से भाव पर केले को बेच रहे हैं, क्योंकि हर जगह केले का अलग-अलग भाव होता है।

हालांकि एक बात तो तय है कि इस बिजनेस के द्वारा आप की कमाई बहुत ही बढ़िया होगी क्योंकि मार्केट में केला गिरे से गिरे रेट में भी ₹20 दर्जन के आसपास होता है। ऐसे में आप बढ़िया पैसे इस बिजनेस के द्वारा कमाएंगे।

केला फार्मिंग बिजनेस की मार्केटिंग

अपने केला फार्मिंग बिजनेस की मार्केटिंग करने के लिए आप अपने बिजनेस को गूगल माय बिजनेस पर रजिस्टर्ड कर सकते हैं। इसके अलावा आप अपने बिजनेस का बैनर भी प्रिंट करवा कर के चौराहे पर लगा सकते हैं।

इसके साथ ही अपने बिजनेस की मार्केटिंग करने के लिए अपने इलाके के पास में मौजूद फल मंडी में भी जा सकते हैं और वहां पर भी लोगों को अपने बिजनेस के बारे में बता सकते हैं।

ऐसा करने से जब किसी व्यक्ति को एक साथ अधिक केले की आवश्यकता पड़ेगी तो वह आपके पास अवश्य आएगा। आप अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को भी अपने इस बिजनेस के बारे में अवश्य बताएं।

केला फार्मिंग बिजनेस में आवश्यक लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन

छोटे लेवल पर इस बिजनेस को करने के लिए आपको किसी भी प्रकार के लाइसेंस को लेने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं होती है परंतु अगर आप बड़े लेवल पर इस बिजनेस को करते हैं और माल सप्लाई करने का काम करते हैं अथवा आप मंडी में माल भेजते हैं तो आपको जीएसटी का लाइसेंस लेना चाहिए, साथ ही अगर अन्य किसी लाइसेंस की आवश्यकता पड़ती है तो आपको उसे भी प्राप्त कर लेना चाहिए।

FAQ:

Q: केला फार्मिंग बिजनेस शुरू करने में कितने पैसे लगेंगे?

ANS: शुरुआत में 200000 से ढाई लाख

Q: केला फार्मिंग बिजनेस किस जगह पर करना सबसे उपयुक्त रहेगा?

ANS: फल मंडी के आसपास

Q: केला फार्मिंग बिजनेस कब स्टार्ट करना चाहिए?

ANS: मई के महीने में

Q: केला फार्मिंग बिजनेस से हम कितने पैसे कमा सकते हैं?

ANS: लाखों रुपए

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