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नाई की दुकान कैसे शुरू करे | How to Start a Salon with Small Investment in hindi

कम लागत में सैलून व्यापार कैसे शुरू करें | How to Start a Salon (Barber Shop) Business with Small Investment in hindi

सैलून बिज़नेस आज कल बहुत ही प्रचलित बिज़नेस है और इसमे अच्छा स्कोप भी है. आज से कुछ समय पूर्व केवल लड़किया ही पार्लर जाकर मेकअप और अन्य चीजें करवाती थी. परंतु आज के समय में लड़को का रुझान भी इस ओर बढ़ने लगा है. तभी तो विभिन्न नामी कंपनिया भी खास इनके लिए प्रोडक्ट जैसे फेयरनेस क्रीम फॉर मेन, मेन्स फेसवाश आदि लांच कर रहीं है. इसी प्रकार क्या आप भी अपना स्वयं का सैलून स्टार्ट करना चाहते है? और आपके पास इसके संबंध में पर्याप्त जानकारी नहीं है? क्या आप सैलून बिज़नेस के लाभ और नुकसान जानना चाहते है? तो आज हम अपने इस आर्टिकल के द्वारा आपको इस बिज़नेस से जुड़ी हुई पूरी जानकारी उपलब्ध करायेंगे, जो आपके काम आयेगी.

 नाई की दुकान

आपका बिज़नेस सेट करने के लिए टिप्स (Tips For setting up your Business)

ऐसे बहुत से तरीके होते है जिनके द्वारा आप स्वयं का बिज़नेस शुरू करके उसके द्वारा बहुत सा प्रॉफिट कमा सकते है. अगर आप अपना स्वयं का सैलून स्टार्ट कर रहें है, तो हम आपको यहाँ आपके बिज़नेस के लिए कुछ टिप्स दे रहें है. इन टिप्स को फॉलो करके आप खुद को ना केवल मार्केट में स्थापित कर सकते है, अपितु अन्य लोगों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन भी कर सकते है.

  • इस बिज़नेस को स्टार्ट करने के लिए आपको बहुत सारी मेहनत और धैर्य की आवश्यक्ता है. आजकल अधिक्तर लड़के अपने लुक, हेयर कलर, स्किन टाइप, चेहरे आदि को लेकर बहुत सजग रहते है. इसलिए जब आप इस बिज़नेस को स्टार्ट करते है तो आपके पास सर्व करने के लिए बहुत बड़ा मार्केट होता है, बस आवश्यक्ता होती है तो अपने प्रयासों द्वारा इस मार्केट और लोगों को अपनी तरफ आकर्षित करने की और इन्हें बेहतरीन सेवा उपलब्ध कराने की.
  • इस बिज़नेस को स्टार्ट करने से पहले आपको इसमे संबंधित कामो की ट्रेनिंग लेनी चाहिये, आप चाहे तो अच्छे प्रोफेशनल्स को भी हायर कर सकते है. परंतु इससे आपका खर्चा बढ़ जाता है.
  • आपको जहाँ तक हो सके अपने सैलून में अच्छे और ब्रांडेड प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करना चाहिये. ताकि लोग आपसे इम्प्रेस हो और आपके रेगुलर कस्टमर बन जाये.
  • अगला और महत्वपूर्ण काम आपको अपने यहाँ उपलब्ध विभिन्न सेवाओं के लिए प्राइस लिस्ट तैयार करनी होती है. ध्यान रखिये शुरुआत में आपकी प्राइस अन्य उपलब्ध सैलून के मुकाबले कम होनी चाहिये, ताकि लोग आप तक आये. और जब एक बार लोग आप तक आ जाते है और आप उनका विश्वास जीत लेते है तो वे आपके रेगुलर कस्टमर बन जाते है.
  • जब आप अपने व्यवसाय में बहुत सारी सेवाएँ एक साथ देते है तो आपको कई बार ज्यादा काम के चलते दिक्कतों का सामना करना पढता है, तो इस प्रॉब्लम का हल निकालने के लिए आप अपने लिए अपने बजट के हिसाब से किसी अन्य व्यक्ति को सहायता के लिए रख सकते है. बजट की कमी में आप चाहे तो अपने नीचे अन्य व्यक्तियों को ट्रेनिंग भी दे सकते है, जिससे उनकी ट्रेनिंग के साथ साथ आपकी मदद भी हो जाएगी और आपके पैसे भी नहीं खर्च होंगे.  
  • सैलून बिज़नेस में आपके सैलून का इंटीरियर भी मायने रखता है परंतु आप शुरुआत में इसे सामान्य भी रख सकते है. और जब आपका बिज़नेस चलने लगे तो इसमे सुधार करले.

यह केवल कुछ टिप्स है जो आपको ध्यान में रखने चाहिये. इनके अलावा भी आपके शहर और माहोल के हिसाब से आप रिसर्च करके कुछ परिवर्तन कर सकते है.

सैलून के लिए आवश्यक लाइसेंस (Beauty Salon Licensing Requirements in hindi):

यदि आप अपना स्वयं का सैलून स्टार्ट करना चाहते है तो आपको इसके लिए जगह से संबंधित ठीक वैसे ही कुछ लाइसेंस की आवश्यक्ता होगी जो कि किसी अन्य बिज़नेस के लिए होती है. परंतु किसी ब्यूटी सैलून में अपना काम करने के लिए मैकअप, हेअरकट और अन्य चीजों के लिए कुछ विशेष लाइसेंस की जरुरत होती है आइये हम आपको कुछ जरुरी लाइसेंस की जानकारी देते है.

  • सामान्य लाइसेंस और परमिट्स : किसी भी तरह के बिज़नेस को स्टार्ट के लिए एक बिज़नेस आइडेंटिफिकेशन नंबर की आवश्यक्ता होती हैं जिसके द्वारा आप अपने बिज़नेस से संबंधित सभी टैक्स भर पाये. इसके अलावा अपने सैलून से विभिन्न प्रोडक्ट्स जैसे हेयर प्रोडक्ट, ब्यूटी प्रोडक्ट आदि को बेचने के लिए भी आपको इस लाइसेंस की आवश्यक्ता पढेगी. इसके अलावा जगह या परमिट से संबंधित लाइसेंस के लिए आपको अपने एरिया के संबंधित ऑफिस में संपर्क कर लेना चाहिये. इसके अलावा शायद आपको हेल्थ डिपार्टमेन्ट से भी लाइसेंस लाइसेंस लेने की आवश्यक्ता होगी इसलिए आपको अपने एरिया के हेल्थ डिपार्टमेन्ट में भी एक बार संपर्क कर लेना चाहिये.

इन लाइसेंस के अतिरिक्त इस बिज़नेस के लिए आपको कई और लाइसेंस की आवश्यकता होगी जिससे आप अपने यहाँ विभिन्न सेवाएँ उपलब्ध करवा पायेंगे.

  • कोस्मेलोजी (Cosmetology) सैलून लाइसेंस टाइप्स  : अपना स्वयं का सैलून स्टार्ट करने के लिए आपके पास कोस्मेलोजी का लाइसेंस होना अनिवार्य है, जो कि आपकी स्टेट गवर्मेंट के द्वारा दिया जाता है. इस लाइसेंस के लिए हर जगह की थोड़ी अलग फोर्मलिटी होति है, जो की आपको पूरी करनी होती है. एक सैलून में दी जाने वाली सेवाओं के लिए विभिन्न लाइसेंस उपलब्ध होते है जैसे- कोस्मेलोजिस्ट (cosmetologist),  बार्बर (barber), एस्थेटीसियन (aesthetician), एलेक्ट्रोलोजिस्ट ( electrologist) , मेनिक्युरिस्ट  (manicurist). अगर आप अपने सैलून में किसी एम्प्लोयी को रख रहें है तो उसके पास भी यह लाइसेंस होने चाहिये. आपको अपने इन लाइसेंस को पार्लर में डिस्प्ले करना चाहिये, ताकि कस्टमर्स इसे आसानी से देख पाये. अपने इन लाइसेंस को आपको कुछ समय में अपडेट करवाना होता है, अधिक्तर इनके रिन्यू करवाने की अवधि 2 साल होति है.
  • कोस्मेलोजीस्ट लाइसेंस : सैलून के लिए यह सबसे व्यापक लाइसेंस है, अगर आपके पास यह लाइसेंस है तो आप स्त्री और पुरुष दोनों के स्किन पर काम कर सकते है. इसके अलावा इस लाइसेंस के द्वारा आप उनके नाखुनो के लिए भी काम कर सकते है. इस प्रशिक्षण के द्वारा आप सौंदर्य को बढ़ावा देने के उद्देश्य से काम करते है. इसके लिए अलग अलग टाइम के कोर्स उपलब्ध होते है.
  • बार्बर लाइसेंस : सैलून के लिए लाइसेंस की लिस्ट में अगला लाइसेंस बार्बर लाइसेंस होता है. इसके द्वारा आप पुरुषों के बालों पर काम कर सकते है.
  • एस्थेटीसियन : इस लाइसेंस के द्वारा आप केवल कस्टमर्स की स्किन पर काम कर सकते है. यह लोग कस्टमर के मेकअप, मसाज रिफ्लेक्सोलोजी आदि के लिए काम करते है.
  • इलेक्ट्रोलोजिस्ट : इस प्रकार के लाइसेंस होल्डर अपने सैलून में आपके कुछ बाल जिन्हें आप जड़ से हटाना चाहते है उन्हें इलेक्ट्रिक ट्रीटमेंट के द्वारा जड़ से हटाते है. इसके द्वारा आप अपने फेस, बेक, पैरो, अपर लिप्स और आर्मपिट्स के बाल जड़ से हटवा सकते है.
  • मेनिक्युरिस्ट लाइसेंस : इस प्रकार के लाइसेंस होल्डर आपके पैरो के मसाज, मेनिक्योर, पेडिक्योर, नेल्स आदि पर ध्यान देते है.

हालाँकि भारत में छोटे सैलून चलाने वाले इतने सारे लाइसेंस नहीं रखते, वे केवल एक सिंगल लाइसेंस से सभी सेवाएँ प्रदान करते है.  परंतु कुछ बड़े सैलून में इस प्रकार के स्पेशल प्रशिक्षण के बाद सेवा प्रदान की जाती है.

सैलून के लिए आवश्यक चीजें (Requirements for a Salon):

जब आप अपना स्वयं का सैलून खोलने का निर्णय लेले तो आपके लिए निम्न चीजे आवश्यक है.

  • सैलून के लिए जगह :

 आपका सैलून खोलने के लिए सबसे महत्वपूर्ण चीज है जगह जहाँ आप अपना सैलून स्टार्ट करेंगे और अपने कस्टमर्स को ट्रीट करेंगे. अगर आपका इन्वेस्टमेंट कम है तो आप इसे अपने घर में ही कुछ जगह में स्थापित कर सकते है. इसके लिए आपको लगभग 500 से 2000 स्क्वेयर फीट जगह की आवश्यक्ता होगी. वैसे जगह का साइज़ पुर्णतः आपके बिज़नेस के स्तर पर निर्भर करता है. आप अपने हिसाब से इसे बड़ा या छोटा कर सकते है.

  • हेल्पिंग हेंड्स :

अगर आप कम निवेश पर अपना बिज़नेस स्टार्ट कर रहें है तो आपको अपनी सहायता के लिए किसी अन्य व्यक्ति की आवश्यक्ता बिलकुल नहीं होगी. परंतु यदि आप अपने सैलून का स्तर बड़ा रखना चाहते है तो आपको विभिन्न प्रोफेश्नलिस्ट के अलावा रेशेप्स्निस्ट और अन्य व्यक्तियों की भी न्यूक्ति करनी पड़ेगी. इससे आपका खर्चा भी बढेगा.

  • सैलून का इंटीरियर :

अगर सैलून की जगह आपकी स्वयं की है तो प्रारंभ से ही आप इसे अपने हिसाब से बनवा सकते है. परंतु यदि आप इसे रेंट या लीस पर ले रहें है तो इसे आपको अपनी आवश्यक्ता के हिसाब से परिवर्तित करना होगा.

  • सैलून में काम आने वाले उपकरण :

सैलून के मालिक को उसके द्वारा दी जाने वाली सेवाओं के हिसाब से उपकरण खरीदने होंगे. इसके लिए सबसे महत्वपूर्ण आवश्यक उपकरण- आकर्षक कुर्सी, साफ काँच, विभिन्न तरीके की कैंचिया, शेविंग का सामान, मैकअप कीट, हेयर कीट, हेयर वाश के लिए वाश बेसिन, हेयर ड्रायर, मसाजर, स्टीमर आदि. इसके अलावा आपकी सेवाओं के हिसाब से इसमे अन्य उपकरण जोड़े जा सकते है.

  • इनिशियल खर्चे :

किसी भी बिज़नेस की शुरुआत में आपको विभिन्न खर्चे वहन करने पढ़ते है. इस प्रकार इसमे भी आपको शुरुआत में जगह, जगह के इंटीरियर, उपकरण, लाइसेंस आदि पर खर्चा करना पड़ेगा . इसका आपको विशेष ध्यान रखना चाहिये.

भारत में सैलून का संचालन कैसे करे (How to keep the salon running in India):

आपको यहाँ अपने देश भारत में सैलून के संचालन के लिए निम्न बातों का ध्यान रखना आवश्यक है:

  • ग्राहक की संतुष्टि :

ग्राहक की संतुष्टि केवल सैलून के बिज़नेस में ही नहीं अपितु हर बिज़नेस में आवश्यक है. अगर आपका कस्टमर आपकी सेवाओं से संतुष्ट होगा तभी वह आपके पास दोबारा आएगा. इसी के साथ यह ग्राहक आपकी की पब्लिसिटी अन्य लोगों के समक्ष भी करेगा.

  • सैलून की जगह :

आपके सैलून के लिए अच्छी  जगह का चुनाव जरूरी हैं .आपका सैलून ऐसी जगह होना चाहिये जहाँ आपके लिए ग्राहक मौजूद हो, आप चाहे तो किसी मॉल में या किसी कॉलेज के समीप या ऐसी जगह जहाँ बहुत सारे ऑफिस मौजूद हो वहाँ आस पास अपना सैलून स्टार्ट कर सकते है. परंतु अगर आपकी रेपूटेशन अच्छी हो तो सैलून की जगह मायने नहीं रखती, आप जहाँ से चांहे अपने सेवाएँ दे  सकते है, ग्राहक स्वयं आपके पास आयेंगे.

  • सफाई और कस्टमर की सेफ्टी :

आपको अपने पार्लर की सफाई का बहुत ध्यान रखना चाहिये ताकि कस्टमर को इसमे विभिन्न सेवाएँ लेने में हिचक महसूस ना हो. इसके अलावा आपको अपने पार्लर में ऐसे उपकरण उपयोग नहीं करने चाहियें जिससे कस्टमर को कोई नुकसान पहुचे. आपको अपनी प्रतिष्ठा के लिए के लिए एकमात्र उद्देश्य कस्टमर सेफ्टी का बहुत ध्यान रखना चाहियें.

  • सेवाओं की विस्तृत रेंज :

अधिक्तर लोग यह चाहते है की उन्हें विभिन्न सेवाएँ जैसे फेस ट्रीटमेंट, हेयर कट, हेयर ट्रीटमेंट, विभिन्न मसाज मेनिक्योर, पेडिक्योर आदि एक जगह पर उपलब्ध हो जाये. तो आपको अपने कस्टमर के लिए यह सब चीजें एक जगह उपलब्ध कराने का प्रयास करना चाहिये.

  • ट्रेन प्रोफेशनल की उपलब्धता :

आपको अपने सैलून में ट्रेन प्रोफेशनल को रखना चाहिये. ताकि कस्टमर को अच्छी सेवाएँ उपलब्ध हो और वे संतुष्ट हो.

मार्केटिंग एरिया और आईडिया (Marketing Area and Ideas) :  

आपको अपने बिज़नेस के लिए मार्केटिंग की बहुत जरुरत होती है, इसी के द्वारा आपके कस्टमर आप तक पहुंचते है. नीचे हम आपको कुछ टिप्स दे रहें है जो आपको अपने नये बिज़नेस की मार्केटिंग में काम आयेंगे.

  • जब आप अपना सैलून स्टार्ट करते है तो आप अपनी प्राइस अन्य लोगों के मुकाबले कम रखकर लोगों को आकर्षित कर सकते है. इसके अलावा आप विभिन्न ऑफर भी प्रदान कर सकते है.
  • आजकल मार्केटिंग के लिए सबसे अच्छा तरीका सोशल मीडिया के द्वारा मार्केटिंग है. आप अपने सैलून के बारे में इनफार्मेशन फेसबुक, इन्स्टाग्राम,ट्विटर आदि पर अपलोड कर सकते है. आप इन जगहों पर अपने सैलून की अन्य जानकारिया जैसे प्राइस, ऑफर आदि से भी लोगों को परिचित करवा सकते है. मार्केटिंग के इस तरीके से पैसे पास से नही लगते.
  • आप अपने सैलून का विज्ञापन लोकल मैगज़ीन में और चैनल पर भी प्रकाशित कर सकते है. इससे लोग आपके बारे में जानेंगे.
  • आप इसके अलावा अपने सैलून के लिए एक अलग वेबसाइट भी बनवा सकते है, जिसमे आपके सैलून की पूरी जानकारी जैसे दी जाने वाली सेवाएँ, प्रोडक्ट, प्राइस आदि से सभी को अवगत करवा सकते है.
  • इसके अलावा आप अपने अच्छे क्लाइंट से अपने लिए ऑनलाइन रिव्यु भी करवा सकते है, क्योंकि आज कल लोग किसी भी नई जगह जाकर सेवाओं का लाभ लेने से पहले ऑनलाइन रिव्यु जरुर चेक करते.

निवेश (Total Investment)

आपके सैलून बिज़नेस के लिए आपका निवेश पुर्णतः आपके बिज़नेस के साइज़ पर निर्भर करता है. अगर सैलून के लिए जगह आपकी स्वयं की है तो आपको कम निवेश की आवश्यक्ता पढ़ती है परंतु यदि जगह आप रेंट या लीस पर ले रहें है तो आपका इन्वेस्टमेंट बढ़ जाता है. इसके अलावा आपको अपने सैलून के लिए विभिन्न उपकरणों और मेकअप के सामान पर भी खर्च करना होता है. इसप्रकार इन सब खर्चो को मिलाकर आपको एक छोटेसे सैलून के लिए लगभग 5 से 10 लाख के मध्य खर्च करना होगा. आप चाहे तो यह पैसे विभिन्न बैंक या सरकार द्वारा चलाई गयी योजनाओं के द्वारा लोन के रूप में प्राप्त कर सकते है.

इसके अलावा आप विभिन्न सैलून की फ्रैंचाइज़ी भी ले सकते है. परंतु फ्रैंचाइज़ी के लिए आपको उनकी शर्तो के हिसाब से कुछ पैसे डिपाजिट करने होंगे. इसके अलाव आपको उनकी शर्तो के हिसाब से अपना इंटीरियर और प्रबंधन भी रखना होगा. इसलिए आपको किसी भी फ्रैंचाइज़ी के लिए ज्यादा खर्चा वहन करना होता है.

भारत में फ्रैंचाइज़ी के लिए निम्न सैलून मौजूद है.

  • काया स्किन क्लिनिक
  • वीएलसीसी
  • जावेद हबीब हेयर and ब्यूटी सैलून
  • saks हेयर एंड ब्यूटी
  • मैट्रिक्स सैलून
  • लोरेअल प्रोफेशनल सैलून
  • स्टार एंड सितारा सैलून
  • अरोमा मैजिक सैलून
  • लुक्स सैलून

इसके अलावा भी कई ऐसे सैलून है जिनकी आप फ्रैंचाइज़ी ले सकते है, और अपना बिज़नेस स्टार्ट कर सकते है.

लाभ (Profit ):

किसी भी बिज़नेस की सक्सेस उसके प्रॉफिट से ही मेजर की जाती है. जब आपकी इनकम आपके एक्सपेंस से ज्यादा हो जाती है तो यह आपका प्रॉफिट कहलाता है. शुरुआत में आपको इस स्थिति में आने में थोडा टाइम लगता है, परंतु बिज़नेस सेट हो जाने पर आपका प्रॉफिट भी बढ़ने लगता है. आपको इस बिज़नेस में लगभग 5 से 10 लाख के इनवेस्ट में आप हर महीने लगभग 10 से 15 हजार रुपय महिना कमा सकते है और फिर टाइम के साथ आपका प्रॉफिट बढ़ने लगता है.

जोखिम (Risk) :

आपको हर बिज़नेस में कुछ रिस्क का सामना करना पढता है, इसी प्रकार सैलून के बिज़नेस में आपको निम्न जोखिमो का ध्यान रखना पढता है.

  • पर्सनल इंजरी और ट्रीटमेंट रिस्क : आप अपने सैलून में लोगो के चेहरे, बालों आदि जगहों को ट्रीट करते है. इसलिए आपको यह ध्यान रखना चाहिये की आप बेहतर क्वालिटी के प्रोडक्ट यूज़ करे जिससे किसी को नुकसान ना पहुचे और वे आपकी सेवाओं से खुश रहें.
  • सफाई और जगह का रिस्क : अगर आप अपने सैलून में सफाई नहीं रखेंगे तो लोग आपके यहाँ आकर सेवाओ का लाभ लेने में थोड़ी हिचक महसूस करेंगे. इसके अलावा यदि आप जगह रेंट पर ले रहें है तो आपको पहले से ही कुछ वर्ष का अनुबंध कर लेना चाहिये वर्ना आपके इंटीरियर के लिए खर्च किये रुपय बेकार जायेंगे.
  • बेस्ट एम्प्लोयस को हायर करना : आपको ध्यान रखना चाहिये आप अपने सैलून के द्वारा लोगों को पर्सनल सर्विस दे रहें है. इसलिए आपके एम्प्लोयी जितने अच्छे प्रशिक्षित होंगे, उतनी अच्छी सेवाएँ आप अपने कस्टमर को डे पायेंगे.
  • कॉम्पटीशन : किसी भी व्यापार में आपके प्रतियोगी सबसे बड़ा जोखिम होता है. आपको अपने प्रयासों हमेशा यह सुनिश्चित करते रहना चाहिये कि नये कस्टमर आपकी तरफ आकर्षित हो. और फिर अपनी बेहतरीन सेवाओं से इन कस्टमर्स को आप अपने रेगुलर कस्टमर में परिवर्तित करके रख सकते है.

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