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महिलाएं घर से कैसे शुरू करें बुटीक का बिजनेस | How to start Online Boutique Business Plan In Hindi

बुटीक क्या है? बुटीक बिजनेस प्लान/बुटीक खोलने के लिए कुछ बेहतरीन टिप्स (How to start Online Boutique Business Plan In Hindi)

क्या आपके पास कोई अनोखा बिजनेस आईडिया है?? क्या आप किसी के नीचे या सुपरविज़न में काम करना पसंद नहीं करते हैं? क्या आप बहुत सारा पैसा कमाना चाहते हैं?? यदि इन सब सवालों का जवाब हाँ हैं तो आपको अपने खुदके बिजनेस प्लान के बारे में सोचना चाहिए. ज्यादातर लोग सोचते हैं कि बिजनेस को स्थापित करने के लिए बहुत बड़ी राशि की आवश्यकता होती हैं, लेकिन ऐसा नहीं हैं. आप इसके लिए दूर-दराज के क्षेत्रों तक भी आपकी पहुँच बनाने वाले इन्टरनेट को धन्यवाद दे सकते हैं. अब कोई भी ज्यादा राशि ना होने पर भी इन्टरनेट की मदद से बिजनेस शुरू कर सकता हैं. यदि आपके पास परफेक्ट बिजनेस प्लान हैं तो आप ऑनलाइन ट्रेड इंडस्ट्री में भी भाग्य आजमा सकते हैं. पिछले कुछ समय में पोर्टल आधारित गारमेंट स्टोर में बढ़ोतरी हुई हैं. लोग इन साईट पर आवश्यक सामन जैसे कपडे, जूते, बैग और अन्य जरूरत की वस्तुएं खरीदने के लिए log.in करते हैं.

Boutique business | बुटीक बिजनेस

ऑनलाइन बुटीक बिजनेस को स्थापित करने के लिए आवश्यक चरण (Steps for establishing online boutique business in hindi)

आप ऑनलाइन प्लेटफार्म पर क्या बेचना चाहते है वो महत्वपूर्ण नहीं हैं, इसके लिए आपके पास बस आत्म विश्वास होना चाहिए. यदि आपको इस तरह के बिजनेस को स्थापित करने की प्रक्रिया में आत्म-विश्वास नहीं हैं तो आप अनुभवी लोगों से सलाह भी ले सकते हैं. वैसे चाहे आप पारम्परिक कपड़ों की दूकान खोलना चाहे या पोर्टल बिजनेस को स्थापित करने के लिए निम्न बातें हैं, जो कि आपकी सफलता को सुनिश्चित करेगी. आखिर में आपकी प्रेरणा, मेहनत, प्रोडक्ट की क्वालिटी और प्रमोशनल तकनीक ही आपके ऑनलाइन बुटीक बिजनेस में सफलता की राह को आसान करेगी.

आवश्यक बिजनेस प्लान बनाए (Prepare business plan)-

कोई भी टास्क को पूरा करने के लिए प्रॉपर प्लानिंग की जरूरत होती हैं.  हालांकि ऐसा कोई नियम नहीं हैं जो किसी भी बिजनेस की सफलता की गारंटी दे, लेकिन सफल होने के लिए कुछ पालिसी हैं जिन्हें फॉलो किया जा सकता हैं. बिजनेस प्लान बनाना किसी भी बिजनेस को सेट करने का पहला स्टेप हैं. ऑनलाइन गारमेंट बिजनेस में आवश्यक फाइनेंस को तैयार करना, प्रोडक्ट्स चुनना, प्रमोशन, ऑर्डर एक्सेप्ट करना और डीलिवरी के बाद पेमेंट लेना जैसे कुछ आवश्यक काम होते हैं. ऐसे में प्रॉपर प्लानिंग के अभाव से समस्या आ सकती हैं, जिससे कि ना केवल आपका ऑनलाइन बिजनेस नहीं जम सकेगा, बल्कि आपकी मार्केट में रेप्युटेशन भी ख़राब हो जाएगी. इसलिए बिजनेस प्लान बनाने के लिए समय देना जरुरी होता हैं

मार्केट रिसर्च में समय बिताये (Spend time in market research)- एक बार यदि आपका प्लान तैयार हो जाए, तो किसी  प्रोफेशनल से इसके लिए मार्केट रिसर्च करे. कोई भी किसी भी बिजनेस में मार्केट रिसर्च किए बिना सफलता हासिल नहीं कर सकता. यह आपके ऑनलाइन गारमेंट स्टोर को शेप देने के लिए डाटा उपलब्ध कराएगा. यह आपको जरुररत की राशि के लिए एक क्लियर आईडिया भी देगा, जैसे लोगों को क्या पसंद हैं, डिलीवर कैसे करते है वगैरह. मार्केट की रिसर्च आपको अपने टारगेट कस्टमर तक पहुँचने में भी मदद करेगी. ये रिपोर्ट्स आपको बताएगी कि आपके बिजनेस के लिए क्या क्या जरुरी हैं जिससे आप डिमांड को पूरी कर पायेंगे.

स्टोर के लिए उपयुक्त नाम का चुनाव (Proper selection of store name)- एक बार सारे डेटा आपके हाथ में आ गए, तो अब आपको अपने ऑनलाइन क्लोथिंग बुटीक का नाम सोचना होगा. यह आसान लग सकता हैं लेकिन वास्तव में यह बहुत मुश्किल काम हैं. इसके लिए बड़े,पुराने और घिसे-पिटे नाम को नजरंदाज करे. ऑनलाइन स्टोर का नाम में कुछ ऐसा होना जो ग्राहकों को आकर्षित करे. कुछ अच्छा और स्मार्ट नाम खोजे. और ये सुनिश्चित करें कि ग्राहक को नाम से ही ये समझ आये कि आप उसे क्या ऑफर कर रहे हैं.

ऑनलाइन डोमेन का चुनाव (Selection of online domain)- ये बताने की जरूरत नहीं हैं कि ऑनलाइन गारमेंट बुटीक के लिए प्रॉपर ऑनलाइन जगह भी होनी चाहिए. इसके लिए एक वेबसाइट होनी बहुत जरुरी हैं जिन पर ग्राहक अपने पसंद के आइटम चुन सके. इसलिए अगली महत्वपूर्ण कड़ी हैं सही डोमेन का नाम चुनना. डोमेन के होने से इसे एक प्रोफेशनल टच मिलेगा, लोग ऐसे स्टोर पर अन्य से ज्यादा भरोसा करते हैं. इसके लिए प्रीमियम प्लान बहुत महंगे होते हैं लेकिन इससे ऑनलाइन गारमेंट बिजनेस में वृद्धि होती हैं.

वेबसाइट बनाना (Designing the website)– यदि आपका ऑनलाइन रीप्रेजेंटेशन सही नहीं हुआ तो आपको जल्द ही अपने बिजनेस से हाथ धोना पड सकता हैं. एक बार आपने स्टोर और डोमेन  का नाम सोच लिया, तो अब आपको स्टोर के लिए एक प्रभावशाली वेबपेज बनाना होगा. वेबपेज उस खिड़की की तरह काम करेगी जहाँ से ग्राहक आपके फ्रेश कलेक्शन देख सकेंगे. ऑनलाइन गारमेंट स्टोर के लिए किसी वेबसाईट डिजाइनर की सहायता लेना अच्छा रहेगा. ये सुनिश्चित करे कि आइटम की महत्वता को बिना कम किए डिज़ाइन और टेम्पलेट ग्राहकों को आकर्षित करे, इसलिए साईट को आकर्षक बनाए. यदि टैब को नेविगेट करना मुश्किल हुआ, तो ग्राहक तुरंत किसी अन्य स्टोर पर लोग-इन कर लेगा.

यूनिक ब्रांड की पहचान बनाए रखना (Develop unique brand identity)  गारमेंट इंडस्ट्री में ऑनलाइन ब्रांडिंग जरुरी है. यह आपके ग्राहकों, प्रोडक्ट्स, नाम और सोशल मीडिया पर उपस्थिति पर निर्भर करता हैं. यदि स्टोर पर सिर्फ महिलाओं के सामान ही उपलब्ध हैं तो बेहतर होगा की महिला के रंग और पंसद की प्रेजेंटेशन हो. यदि पोर्टल पर युवाओं, महिलाओ, पूरुषों और बच्चों सबके लिए सामान उपलब्ध हैं तो ब्रांड और उसकी डिजाइन उसके अनुसार ही होनी चाहिए. पुरुष तो वैसे भी महिलाओं की चीजों या डिजाइन को देखना पसंद नहीं करेंगे. और अगर आप स्कूल यूनिफार्म को बेचने से शुरू करना चाहते है, तो उस तरह से पहचान बनाये.

प्रोडक्ट पर हाईलाईट करे और उसकी क्वालिटी अच्छी रखें (Highlight Products and ensure quality)- एक बार आपने अपने गाढ़कों को इम्प्रेस कर दिया तो वो हमेशा आपके स्टोर पर देखने को आते रहेंगे  कि आपने क्या नया किया हैं. और आपके लिए अपनी डील क्रैक करने का यही सही मौका होगा. आपका ऑनलाइन बुटीक तभी चलेगा जब इस पर कुछ विशेष वर्ग के ग्राहकों के लिए भी आवश्यक आइटम होंगे. आपको विभिन्न एंगल से खीचकर अपने प्रोडक्ट की फोटो को अपलोड करते रहना चाहिए, जिससे ग्राहकों को प्रोडक्ट का शेप, साइज़ और कलर सही तरीके से समझ आ सके. फोटो के साथ आपको प्रोडक्ट की डिटेल भी पोस्ट करनी चाहिए, जिससे ग्राहकों को पता चल सके कि उन्हें इसमें क्या क्या मिलने वाला है. इन सबको ध्यान में रखकर ही आपको बेस्ट क्वालिटी का प्रोडक्ट दिखाना चाहिए.

कीमत का सही चुनाव-  प्रत्येक व्यक्ति के पास अपना एक बजट होता हैं. इसकी प्राइस इसके क्वालिटी के अनुसार ही होना चाहिए. यदि उन्हें क्वालिटी पसंद नहीं आती तो ग्राहक यही प्रोडक्ट अन्य साईट पर भी देखते हैं. वो लोग हमेशा बेस्ट डील ही चुनेंगे, इसलिए आपके प्रोडक्ट की प्राइस आकर्षक और ग्राहक के बजट में होनी चाहिए, इसके लिए पहले अच्छे से रिसर्च कर ले.

उत्पाद की सोर्सिंग (Source)- अपना कलेक्शन बनाने के लिए आपको होलसेलर, रिटेलर, मनुफ्रेकचरर और अन्य स्टोर्स  के टच में रहना होगा, जहाँ से आपको अपने पोर्टल के लिए अच्छे प्रोडक्ट्स मिल सके, लोकल आर्टिस्ट से बात करके भी आप उनके उत्पादों को भी अपने स्टोर पर बेच सकते हो,आप किसी आर्टिस्ट को अपने काम के लिए हायर भी कर सकते हो

प्रॉपर डिलीवरी सर्विस (Delivery services)- जब ग्राहक कोई आर्डर देता हैं, तो वो माल के जल्दी और सुरक्षित डीलिवरी की उम्मीद भी करते हैं. व्यापारी की ये जिम्मेदारी बनती हैं कि वो सही तरीके से ग्राहक तक माल पहुंचाए. इसके लिए स्टोर के मलिक गारमेंट भेजने के लिए कुरियर सर्विस की भी सहायता ले सकते हैं. आप कौनसे डिलीवरी सर्विस चुनते हैं इससे कोई फर्क नहीं पड़ता बस ये सुनिश्चित कर ले कि ग्राहक को कोई शिकायत का मौका ना मिले.

सोशल मीडिया पर आवश्यक प्रमोशन (Adequate promotion via social media)- यदि प्रॉपर प्रमोशनल तकनीक का इस्तेमाल नहीं किया, तो ऊपर बताये सभी निर्देश फ़ैल हो जायेंगे. ग्राहकों तक अपनी बात पहुंचाने  के लिए विज्ञापन बहुत जरुरी हैं.इसके अलावा प्रतिस्पर्धा में बहुत सी साईट हैं, विज्ञापन के बिना आप ग्राहकों को आकर्षित नहीं कर पायेंगे. ऑनलाइन बुटीक को प्रोमोट करने का बेस्ट तरीका यही हैं कि सोशल मीडिया के प्लेटफार्म का उपयोग किया जाए. ऑनलाइन बुटीक के मालिक सोशल मीडिया जैसे फेसबुक,इन्स्टाग्राम या ट्विटर पर अकाउंट खोल सकते हैं और वहां से अपने ऑनलाइन बिजनेस की जानकारी को फैला सकते हैं. यदि आपके पास पर्याप्त धन हैं तो आप पारम्परिक विज्ञापनों जैसे टेलीविज़न, न्यूज़ पेपर, रेडियो इत्यादि का भी उपयोग कर सकते हैं. सेलिब्रिटी को भी अपने ऑनलाइन गारमेंट स्टोर का ब्रांड अम्बेसडर बनाया जा सकता हैं.

आवश्यक लीगल डाक्यूमेंट्स और लाइसेंस (Necessary legal documents and licenses)

  1. कंपनी बैंक अकाउंट (Company Bank account)- अपने ऑनलाइन बिजनेस के लिए आपको जिस डॉक्यूमेंट की सबसे पहले जरूरत पड़ेगी वो हैं आपकी कंपनी का बैंक अकाउंट. व्यापार सम्बन्धित सभी आर्थिक विनिमय इस कंपनी अकाउंट से ही किये जाएंगे. जो ग्राहक ऑनलाइन पेमेंट से कपडे खरीदेंगे वो पैसे इसी अकाउंट में जमा करवाएंगे.
  2. कंपनी का पैन कार्ड (Company’s PAN card)- ऑनलाइन बिजनेस के लिए एक अन्य आवश्यक डॉक्यूमेंट हैं रजिस्टर्ड पैन कार्ड,जो कि कंपनी के नाम का बना हुआ होना चाहिए. इन लीगल डॉक्यूमेंट के बिना कई तरह की परमिट या ग्रांट नहीं मिल सकती.
  3. कम्पनी के ओनरशिप के पेपर (Company ownership papers)- जब भी कोई ओनर ट्रेड लाइसेंस या अन्य आवश्यक पेपर के लिए के लिए अप्लाई करता हैं, तब  उसे एजेंसी के ओनरशिप के टाइप के बारे में भी बताना होता हैं मतलंब की वो अकेला ही कंपनी का मालिक हैं या उसकी पार्टनरशिप फर्म या एलएलपी (LLP), प्राइवेट लिमिटेड कंपनी हैं. ये सब बातें रजिस्ट्रेशन फॉर्म में बतानी जरुरी हैं
  4. ट्रेड लाइसेंस (Trade License)- जैसे ही आप अच्छी सर्विस, लाभ और विक्रय के लिए एक अच्छी आर्गेनाइजेशन बनाते हैं, आपको ट्रेड लाइसेंस की जरूरत पड़ती हैं. इस लाइसेंस के लिए भी प्रॉपर पेपर्स की जरूरत पड़ती हैं.
  5. रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (Registration certificate)—आपको ऑनलाइन बुटीक के लिए प्रॉपर रजिस्ट्रेशन की भी जरूरत होगी जिससे की ट्रेड-लॉ के अनुसार आपका स्टोर लीगल हो जाएगा.
  6. जीएसटी रजिस्ट्रेशन डॉक्यूमेंट (GST registration documents)- भारत में जीएसटी के लागू होने से नए और पुराने दोनों प्रकार के आर्गेनाइजेशन के पास जीएसटी रजिस्ट्रेशन पेपर होने जरुरी हैं. यह कम्पनी के मालिक को टैक्स भरने में सुविधा होगी.
  7. सेलटैक्स/वैट रजिस्ट्रेशन जीएसटी रजिस्ट्रेशन (Sale tax/VAT registration) – जीएसटी रजिस्ट्रेशन के अलावा बुटीक ओनर को सेल टैक्स और वैट रजिस्ट्रेशन पेपर्स की भी जरूरत होती हैं. ये पेपर बताते हैं की एजेंसी लीगल हैं और सभी काम लीगल तरीके से करती हैं
  8. पहचान प्रमाण पत्र  (Identity proof) —गारमेंट शॉप के मालिक को अपना पहचान प्रमाण पत्र भी देना पड़ता हैं .वोटर कार्ड, पैन कार्ड, राशन कार्ड, पासपोर्ट इत्यादि कुछ डाक्यूमेंट्स हैं जिनकी इस काम में जरुरत पड़ती हैं.
  9. निवास प्रमाण पत्र (Address Proof)- मालिक के घर के प्रमाण पत्र के साथ गारमेंट सेलींग कंपनी के एड्रेस का भी सर्टीफिकेट जमा करवाना पड़ता हैं. हालांकि बुटीक ऑनलाइन होता हैं लेकिन एक एड्रेस ऐसा देना होता है जिसे वास्तव में ट्रेस किया जा सके. इसके लिए निवास स्थान के एड्रेस को यूज किया जा सकता हैं.
  10. ऑनलाइन टर्म एंड प्राइवेसी पॉलिसी (Online terms and Privacy policy) – आपको ऑनलाइन बुटीक चलाने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाना पड़ता हैं,ये रजिस्ट्रेशन ट्रेड के टर्म, साईट की प्राइवेसी पालिसी और आर्गेनाइजेशन के कॉपीराईट के साथ सेफ्टी का ध्यान रखती हैं

स्टाफ और वेतन प्रणाली (Staffing and Remuneration) –

यदि आप ऑनलाइन गारमेंट स्टोर चला रहे हो, तो आपको बहुत ज्यादा सहयोग की आवश्यकता नहीं होगी. यदि काम छोटा है तो एक अकेला व्यक्ति भी संभल सकता हैं, लेकिन जैसे-जैसे काम बड़ा होता जाएगा आपको 2-4 व्यक्तियों को रखने की जरुरत लगेगी, ऑनलाइन स्टोर के मालिक को फैक्ट्री की जरूरत नहीं होती. यदि आप सिर्फ मजदूरी जैसे पैकिंग, स्टॉकिंग के लिए ही कुछ व्यक्तियों को रखना चाहते हैं तो उन्हें 5000 से 10,000 तक प्रति महीने दिए जा सकते हैं.

इन्वेस्टमेंट कॉस्ट और प्रॉफिट मार्जिन (Investment cost and Profit margins)

ऑनलाइन बुटीक शुरू करने के लिए कोई आदर्श कॉस्ट नहीं हैं. यदि आप केवल ब्रांडेड कपडे ही बेचना चाहते हैं तो आपका इन्वेस्टमेंट लोकल बनने वाले गारमेंट की अपेक्षा बहुत ज्यादा होगा. ऑनलाइन स्टोर इन्वेस्टमेंट को बहुत कम कर देता हैं यदि आपको अपनी पहचान रेडीमेड गारमेंट इंडस्ट्री में बनानी हैं तो आपको 5 से 7 लाख तक के रुपयों से शुरू करना होगा.

रिस्क फैक्टर (Risk Factor)

  • स्टोर करने की समस्या (Problems of storing)- कपड़ो को जल्दी नुक्सान होता हों. यदि स्टोर ऑनलाइन है तो भी कलेक्शन को रखने के लिए जगह की आवश्यकता होती हैं. प्रॉपर स्टोरेज की कमी से ना केवल गारमेंट्स को हानि होती हैं बल्कि इससे प्रॉफिट भी कम होता है.
  • ग्राहक नहीं मिलना (Risk of not finding customers)- यदि आपके पास ताज़ा कलेक्शन हो तो भी सम्भव हैं लोग उसे पसंद ना करे. माल की प्राइस भी एक बड़ा कारण हैं जो कि ऑनलाइन बिजनेस को डूबा सकती हैं. लोगों के दिमाग को पढना आसान नहीं होता और ऐसे में खरीदने वाले किसी विशेष ग्राहक को समझाना और भी मुश्किल हो जाता हैं, जबकि वास्तविकता में कोई भी दुकानदार अपने ग्राहक को अपनी बात और प्रोडक्ट के बारे में आसानी से समझा सकता हैं.

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