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ईट बनाने का व्यवसाय कैसे शुरू करें | How to start brick manufacturing business in hindi

ईट बनाने का व्यवसाय कैसे शुरू करें ( How to start brick manufacturing business in India in hindi)

ईट या ब्रिक बनाने का व्यवसाय आज के समय में किसी भी व्यवसाय की इच्छा रखने वाले व्यक्ति के लिए बहुत ही अच्छा विकल्प है. यदि आप छोटे स्तर पर कोई व्यापार स्टार्ट करना  चाहते है तो यह व्यवसाय आपके लिए सही होगा. इस व्यवसाय को आप कम लागत में तथा सीमित जगह से स्टार्ट कर सकतें है. पहले हमारे यहाँ केवल मिट्टी से बनी ईटें प्रचलन में थी, परंतु आज बढ़ते समय के साथ सीमेंट की ईटें प्रचलन में आई और अब इसका उपयोग भी बढ़ गया है.

Brick Business

 

बिज़नस प्लान (Business Plan) –     

बिज़नस प्लान से हमारा तात्पर्य होता है, आप अपने व्यापार को शुरू करने से पहले एक रूप रेखा तैयार करें. जैसे आप कच्चा माल कहाँ से मंगवाएंगे, आपके पास उत्पादन के लिए पर्याप्त परिस्थितियां हैं या नहीं, आपके पास पर्याप्त मात्रा में और सही दामो में काम करने वाले व्यक्ति है या नहीं और अंत में सबसे महत्वपूर्ण आप अपना माल बेचेंगे कहाँ? यहाँ इस बिज़नस में पर्याप्त परिस्थितियों के लिए आपको अपनी कंस्ट्रक्शन  की साइट में पानी की पर्याप्त व्यवस्था रखना आवश्यक है.

जगह (Location) –

किसी भी व्यापार के लिए जगह सबसे आवश्यक है, क्यूकी यहीं पर कंस्ट्रक्शन और बिक्री जैसे कार्य संपन्न होते है. इस व्यापार के लिए आपको जगह के संबंध में विचार करते समय बिक्री के संबंध में विचार करने की कोई जरूरत नहीं होती, क्यूकी अगर हम ब्रिक्स की बात करें तो यह एक तरह का “फास्ट मुविंग कंस्यूमर ड्यूरेबल” आइटम है. इसे बेचने के लिए आपको किसी दुकान की जरूरत नहीं होगी, बल्कि आप इसे बनाकर सीधे ग्राहक या ठेकेदार को उसकी जगह पर सप्लाई  कर सकते है.

इन सब कारणों से आप अपने व्यापार के लिए किसी ऐसी जगह का चयन कर सकते है, जो भले ही मुख्य बाजार में ना हो पर वहाँ पानी की सुविधा होना आवश्यक है. ऐसी जगह का चयन करने पर आपको जगह का मूल्य भी कम चुकाना पड़ेगा. परंतु जगह के चयन से पूर्व कच्चे माल की ढुलाई और अन्य खर्चो का जायजा जरूर ले ले. इस व्यापार के कंस्ट्रक्शन के लिए आपको लगभग 1 हजार स्क्वेयर फीट जगह की आवश्यकता होगी.

मशीनरी और ईटें बनाने के अन्य साधन (Machinery and Equipment )-

जैसा कि हम जानते है कि ईटें कई मटेरियल जैसे मिट्टी, सीमेंट, राखड़ कई चीजों की बनती है. पूर्व में मिट्टी की बनी पारंपरिक ईटें कारीगरों द्वारा हाथ से ही बनाकर तैयार की जाती थी और इसे पारंपरिक तरीके से ही आग जलाकर पकाया जाता था. परंतु अब समय के साथ अलग अलग मटेरियल की ईटों के साथ-साथ इसे बनाने की तकनीक में भी परिवर्तन आया है. आपको बाजार में कई तरह की ऐसी स्वचालित और अर्ध स्वचालित मशीने देखने के लिए मिलेंगी, जिससे ईटें बनाना आसान हो गया है. इन मशीनों की कीमत 3 लाख से प्रारंभ होकर इसकी दक्षता के हिसाब से बढ़ती जाती है.

यहाँ हम आपको कुछ वेबसाइट्स के लिंक्स दे रहें है, जहां आपको इन मशीनों के संबंध में और इनकी कीमत के संबंध में अन्य जानकारी मिलेगी.

ट्रेनिंग (Training) –

अगर आप यह व्यापार स्टार्ट करना चाहते है तो आपको ईटें कैसे बनाते है, यह जानकारी प्राप्त कर लेना चाहिए. इसके लिए आप चाहे तो जहां ये काम होता है वहां जाकर भी जानकारी प्राप्त कर सकते है. कई बार आप जहां से मशीन खरीदते है, वहां भी आपके लिए कुछ दिनों का ट्रेनिंग सेशन आयोजित किया जाता है ताकि आप वहां से उस मशीन को चलाने और ऑपरेट करने की संपूर्ण जानकारी ले सके. इसके अलावा आज कल कई जगहों पर मशीन विक्रेता ही आपके लिए ऐसे व्यक्ति का प्रबंध भी करके देते है जो मशीन चलाना जानता है और आपके लिए मशीन पर काम भी करता है, बदले में आपको उसे उसके काम की तनख्वाह देनी होती है.

ईटें बनाने की विधि (Cement Bricks Manufacturing Process) –

जैसा कि हमने बताया कि आज कल बाजार में कई तरह की मशीन उपलब्ध है, तो मशीनों के स्वचालित और अर्ध स्वचालित और अलग-अलग टेक्नालॉजी के कारण इसे बनाने की विधि में भी थोड़ा परिवर्तन हो सकता है, परंतु हम यहाँ आपको सीमेंट कि ईट बनाने की एक समान्य विधि बता रहें है. इससे आपको इसकी प्रोसेस का एक सिंपल आइडिया लग जाएगा.

  • कच्चे माल को उचित अनुपात में मिलाना – अच्छी गुणवत्ता की ईटें बनाने के लिए यह जरूरी है कि आप कच्चे माल को उचित अनुपात में मिलाये. इसे बनाने के लिए आपको सीमेंट, पत्थरों के टुकड़े और मिट्टी की जरूरत होगी. अब आपको यह कच्चा माल 1 : 6 के अनुपात में मिलाना होगा.
  • मिक्सिंग ईट बनाने की प्रक्रिया का अगला काम कच्चे माल की उचित मिक्सिंग होता है. इसके लिए आपको इस कच्चे माल में पानी मिलाना होगा. आपको इस बात का ध्यान रखना चाहिए, कि यह मिश्रण पानी से पूरी तरह गीला हो जाए. अब इस मिश्रण को कंक्रीट घोल में डालना चाहिए और इसे लगभग 1 से 2 मिनिट तक इसमे घुमाना चाहिए, ताकि यह सहीं से मिश्रित हो जाए.
  • मिश्रण को सही शेप देना अब इस मिश्रण को उन खोखले ब्लॉक्स में डाला जाता है, जिस शेप में हम इसे ढालना चाहते है. इसे तब तक इसमे रहने देते है जब तक यह बिना टूटे इन ब्लॉक्स से बाहर आने की स्थिति में न आ जाए. और ऐसी स्थिति में आने के लिए इसे कम से कम 24 घंटों तक धूप और तेज हवा से दूर रखना होता है.
  • सुखाना – सूखते वक़्त कंक्रीट नमी के कारण हल्का सा सिकुड़ता है. इसलिए आपको यह ध्यान रखना चाहिए कि आप इसे छाव में धीरे-धीरे सूखने दे. इसके अलावा आप इसे सुखाने के लिए मशीन का प्रयोग भी कर सकते है.

इन सभी प्रक्रिया से गुजरने के बाद आपके ईंट बनकर तैयार होंगे और आप इसे बाजार में बेच सकते है.

सीमेंट की ईंटों का मूल्य और इस बिज़नस में प्रॉफ़िट (Cement bricks price and profit)–  

पहले हमारे यहाँ केवल मिट्टी की ईटों का व्यापार फायदे में रहता था, किन्तु साल 2012 में जब मिट्टी के अवैध खनन पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रतिबंध लगाया गया, तब सीमेंट की ईटों का व्यापार बाजार में मजबूती पकड़ने लगा. और अब यह ईटें भी बाजार में बिकने लगी है, सीमेंट की ईटों का मूल्य मुख्य रूप से सीमेंट के मूल्य और आपकी उत्पादन की कीमत पर निर्भर करता है. और इस बिज़नस का प्रॉफ़िट भी आपके मार्केट की कंडिशन और मार्केट के साइज़ पर निर्भर करता है.

परंतु यदि हम इस व्यापार के लिए अनुमानित प्रॉफ़िट की बात करें, तो हमारे हिसाब से यदि आप एक महीने में लगभग 1 लाख ईटें बेचते है, तो आप इसमें लगने वाले अन्य खर्चों को कम करके लगभग 1.5 से 2 लाख रूपये कमा सकतें है. आप चाहें तो 1 महीने में 1 लाख से अधिक ईटों का निर्माण भी कर सकते है और अधिक पैसे कमा सकते है.

इस बिज़नस में लगने वाली लागत (Investment)

अगर आप यह व्यापार शुरू करना चाहते है, तो आपको पूरा प्लांट सेट करने और काम स्टार्ट करने के लिए मशीनों के अलावा कच्चे माल, जगह और और भी अन्य कई प्रकार के खर्चे करने होंगे. अगर आप मध्यम स्तर पर अपना व्यापार शुरू करते है, तो आपको लगभग 15 से 20 लाख तक खर्च करने पढ़ सकते है. परंतु यदि आप अपना व्यापार बड़े स्तर पर शुरू करते है तो आपकी लागत बढ़ भी सकती है. इसके अलावा आपको कच्चे माल के लिए 2 से 3 लाख और बिजली कनेक्शन और जगह के लिए 1 से 2 लाख तक खर्च करने पढ़ सकते है.

सीमेंट की ईटों की मांग क्यू बढ़ रही है (Why It’s In Demand)  –

अगर इन ईटों का प्रयोग मिट्टी की ईटों की जगह किया जाता है, तो बनवाई के लिए सीमेंट की मांग कम हो जाती है. इसके अलावा इन ईटों को कंस्ट्रक्शन के लिए उपयोग करने से दीवार के दोनों ओर फिनिशिंग भी अच्छी आती है. और इसी के साथ यह भी कहाँ जाता है कि इन ईटों से बने घरो की दीवारों में नमी की दिक्कत भी नहीं होती, जो कि मिट्टी की ईटों से बने घरों में सामान्यतः पाई जाती है.

आशा करते है कि हम आप तक इस व्यापार की संपूर्ण जानकारी पंहुचाने में सफल रहें होंगे और अगर अभी भी आपके मन में इस व्यापार से जुड़े कुछ सवाल बाकी है तो आप हमसे पूछ सकते हैं. हम जल्द ही आपके सवालों का जवाब आपतक पहुंचाने का प्रयास करेंगे.

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One comment

  1. श्रीमान जी कृपया टाइल्स व्यापार से जुड़ी जानकारी दे।

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