भारत में कुत्ता पालन का व्यवसाय कैसे शुरू करे | How to Start Dog Farming Business in India in hindi

भारत में कुत्ता पालन का व्यवसाय कैसे शुरू करे (How to Start Dog Farming Business in India in hindi) 

अगर आप पहले से कोई व्यवसाय या नौकरी करते है और अपनी इनकम के किसी अन्य सोर्स के बारे में विचार कर रहे है, तो डॉग फ़ार्मिंग आपके लिए एक बेहतर विकल्प हो सकता है. आपको इसके लिए अलग से कोई प्रबंध नहीं करना होता है, आप अपने रोज़मर्रा के कार्यो को करते हुये आराम से अपने घर में कुछ विशेष प्रजाति के कुत्तों  को पालकर, उनकी ब्रीडिंग करवाकर और उनके बच्चो को मार्केट में बेचकर अच्छी ख़ासी कमाई कर सकते है.

Dog Farming Business

डॉग ब्रीडिंग व्यापार के लिए उपयोगी कुत्ते (Good Type Of Dog For Dog Breeding Business) –

ऐसे तो कई प्रजाति के कुत्ते होते है, परंतु आज हम यहाँ आपको कुछ विशेष प्रजाति के कुत्तो के बारे में बताने जा रहे है, जिनके द्वारा आप इस व्यापार में अच्छी कमाई कर सकते है.

  • लेब्राडोर (Labrador) – इसमें कोई संशय नहीं है, कि लेब्राडोर हमारे देश में सबसे ज्यादा पसंद किये जाने वाली कुत्तों की प्रजाति है. ये बहुत ही फ्रेंडली नेचर के होते है और इन्हे आसानी से ट्रेन भी किया जा सकता है इसके अलावा ये बहुत ही बुद्धिमान भी होते है. इन्हे पालने के लिए बहुत अधिक पैसा खर्च नहीं करना पड़ता और साथ ही ये आसानी से किसी भी माहौल में अपने आप को ढाल लेते है. इसलिए आपके लिए व्यवसाय के लिए कुत्तों की यह प्रजाति सबसे ज्यादा लाभदायी होगी.
  • पग (Pug) – कुत्तों की इस नस्ल को किसी परिचय की आवश्यकता नहीं है. पग आकार में छोटे और कुछ मोटे बेहद ही प्यारे कुत्ते होते है. यह वास्तव में कुत्तों की सबसे प्राचीन प्रजाति है. कुत्तों की यह प्रजाति अपार्टमेंट में रहने वाले लोगो के लिए सबसे आदर्श नस्ल की प्रजाति है, इसी के साथ ऐसे लोग जो पहली बार कुत्ता पालते है, उनके लिए भी इस नस्ल के कुत्ते पालना आसान होता है.
  • जर्मन शेपर्ड (German Shepherd) – जर्मन शेपर्ड भारत में सबसे अधिक और सबसे आसानी से उपलब्ध होने वाली कुत्तों की प्रजाति है. इस नस्ल के कुत्ते साहसी, बुद्धिमान और हमेशा अलर्ट रहने वाले कुत्तों में से एक होते है. इसके अलावा कुत्तों की इस नस्ल के अन्य देशो में और भी कई अलग अलग नाम है. इस नस्ल के कुत्तों को आजकल सुरक्षा की दृष्टि से अधिक उपयोग किया जाता है, इनकी सूंघने की क्षमता और पहचानने की क्षमता सबसे अधिक होती है.
  • परियाह (Pariah) – अगर आपको सचमुच कुत्तों से बहुत अधिक लगाव है, तो आपके लिए भारतीय परियाह से अच्छी कोई नस्ल नहीं है. इस प्रजाति के कुत्ते बेहद ही आसानी से और मुफ्त में भी मिल जाते है. ये कुत्ते भी अन्य कुत्तों की तरह स्नेही और वफादार होते है. कुत्तों की यह नस्ल भारतीय पर्यावरण के लिए सबसे अधिक उपयुक्त है, जो यहाँ के वातावरण में आसानी से एडजस्ट कर लेते है.
  • इंडियन स्पीट्ज़ (Indian Spitz) – भारतीय स्पीट्ज़ और पोमेरियन के बीच कन्फ्युज न हो, क्योंकि ये दोनों ही अलग-अलग प्रजाति के कुत्ते है. पोमेरियन कुत्ते,  इंडियन स्पीट्ज़ की तुलना में कद में छोटे, कम वजन और लंबे फर वाले कुत्ते होते है.
  • दच्शुंद (Dachshund) – अगर आप एक छोटे अपार्टमेंट में रहने के लिए अनुकूल और सुदर फर वाले कुत्ते के बारे में सोच रहे है, तो दच्शुंद आपके लिए बेहतर विकल्प साबित हो सकता है. सर्वप्रथम इन कुत्तो को छोटे जानवरो जैसे खरगोश का शिकार करने के लिए पाला गया था, परंतु बाद में ये पालतू कुत्तो में एक बेहतरीन विकल्प बन गए. ये साहसी, ऊर्जावान, हेल्दी और भारतीय जलवायु के लिए उपयुक्त कुत्ते साबित हुये.
  • डोबरमेन (Doberman) – कुत्ते की यह प्रजाति पूरे विश्व में पुलिस और मिलिट्री के लिए बेहतरीन विकल्प तो है ही, इसी के साथ-साथ यह भारतीय पालतू कुत्तों में भी एक बहुत पसंद की जाने वाली प्रजाति है. इस प्रजाति के कुत्ते बुद्धिमान, साहसी और साथ ही साथ अपने छठी इंद्री के लिए मशहूर होते है. इसके अलावा कुत्तों की यह प्रजाति किसी भी जलवायु में आसानी से एडजस्ट हो सकती है और यह विभिन्न भारतीय शहरो में आसानी से उपलब्ध भी होते है.
  • डालमेटियन (Dalmatian) – डालमेशियन एथलीट टाइप के कुत्ते होते है, इसके अलावा ये स्वस्थ्य और अपने मालिक से स्नेह रखने वाले कुत्ते भी होते है. कुत्ते की इस प्रजाति को पाले जाने का मुख्य उद्देश्य चौकीदारी होता है, परंतु ये कुत्ते केवल गर्म मौसम में जीवन यापन कर सकते है, ठंडी जलवायु इस प्रकार के कुत्तों के लिए उपयुक्त नहीं है.

कुत्ता पालन बिज़नस के लिए आवश्यकतायें (Business Concept and Need for Dog Breeding) –   

कुत्तों को ब्रीडिंग करवाकर उनके बच्चों को बेचना इतना आसान काम नहीं है, आपको इसके लिए एक पर्फेक्ट प्लानिंग की जरूरत है. अगर आप इसे अपने फुल टाइम बिज़नस के रूप में इसका चयन करते है, तो आपको इसके इनवेस्टमेंट से लेकर, ब्रीडिंग की प्रक्रिया, नवजात बच्चों का ध्यान रखने और बिज़नस के लिए जरूरी लाईसेंस आदि सभी चीजों का ध्यान रखना होगा. आपको इस बात का भी ध्यान रखना होगा, कि आपकी भलाई के लिए किसी जानवर को कोई नुकसान ना पंहुचे. और फिर जब आप अपने आपको इस फील्ड में स्थापित कर लेते है और एक भरोसेमंद ब्रीडर के रूप में अपने ग्राहको से संपर्क बैठा लेते है, तो आपको लाभ प्राप्त करने से कोई नहीं रोक सकता.

इस व्यापार के लिए निम्न आवश्यकताए है –

  1. बिज़नस प्लान
  2. उचित प्रबंधन
  3. प्रोपर इनवेस्टमेंट
  4. आवश्यक लाइसेन्स
  5. ग्राहक
  6. उचित मार्केटिंग

कुत्ता पालन व्यवसाय के लिए मार्केट अवलोकन (Market Overview for Dog Breeding Business) –   

मार्केट का अवलोकन से हमारा तात्पर्य आपके इस व्यवसाय की बाजार में कितनी डिमांड है. अगर हम समान्य तौर पर देखे, तो आजकल अधिकतर घरो में कुत्ते पाले जाते है, इसके अतिरिक्त विभिन्न जगहों जैसे खेत-खलियान, बाग बगीचो और शहरो में भी कई लोग विभिन्न जगहों पर रखवाली के लिए कुत्ते रखते है. इसके अलावा भी विभिन्न विभागो जैसे पुलिस, सीआईडी, स्पेशल फोर्स आदि में भी विशेष तरह के कुत्तों की आवश्यकता होती है. इसलिए इस व्यापार और अलग-अलग प्रजाति के कुत्तों की पूरे मार्केट में बहुत डिमांड है. अगर आप इस व्यापार को पूरी प्लानिंग से और सही मैनेजमेंट के साथ करे, तो आपको लाभ अवश्य होगा.

नर और मादा कुत्तों के लिए ब्रीडिंग की जानकारी  (Breeding Information For Male and Female Dog) –

अगर आप यह व्यवसाय शुरू करना चाहते है, तो आपको इसकी पूर्ण जानकारी होना चाहिए, ताकि आपकी वजह से किसी जानवर को कोई नुकसान ना पंहुचे. जब आप कुत्तों में ब्रीडिंग करवाते है, तो आपको निम्न बातों का ध्यान रखना होगा.

मादा कुत्तों में ब्रीडिंग के लिए आवश्यक शर्ते –

  • वे मादा कुत्ते जो अपनी आयु के 18 महीने पूर्ण कर चुके होते है, केवल वही प्रजनन के लिए उपयुक्त होते, इस आयु के पहले इनसे प्रजनन करवाना सही नहीं होगा. इसके अलावा ब्रीडिंग के 10 दिन पूर्व इन मादा कुत्तों की किसी लाइसेंस प्राप्त पशु चिकित्सक से निरीक्षण करवा लेना चाहिए, ताकि इस बात का पता चल सके, कि ये ब्रीडिंग के लिए तैयार है या नहीं.
  • आप किसी भी प्रकार के मादा कुत्तों को साल में 1 बार से अधिक प्रजनन के लिए बाध्य नहीं कर सकते, मादा कुत्ते केवल साल में एक बार प्रजनन कर सकते है.
  • कोई भी मादा कुत्ते अपने जीवन में 5 बार से अधिक प्रजनन नहीं कर सकते और आप उन्हे इससे अधिक प्रजनन के लिए बाध्य भी नहीं कर सकते.

नर कुत्तों में ब्रीडिंग के लिए आवश्यक शर्ते –

  • ब्रीडिंग के लिए कुत्तों का स्वास्थ्य और परिपक्व होना अनिवार्य है, इसके अलावा आप किसी भी नर कुत्ते को उसकी आयु के 18 महीने के बाद ही ब्रीडिंग के लिए प्रयोग कर सकते है.
  • ब्रीडिंग के 10 दिन पूर्व किसी भी लाइसेंस वाले पशुचिकित्सक से नर कुत्ते का परीक्षण आवश्यक है, ताकि उसके स्वास्थ्य को प्रमाणित किया जा सके.

कुत्ता पालन के लिए आवश्यक लाइसेंस (Required License For Dog Breeding)  –

अगर आप एक साल में तीन से अधिक नस्ल के कुत्तों की ब्रीडिंग करवाते है और उन्हे बाजार में बेचते है, तो आपके लिए इस व्यवसाय का लाइसेंस लेना अनिवार्य है –

  • आपको सर्वप्रथम डॉग ब्रीडिंग लाइसेंस लेना अनिवार्य है, उसके लिए आपको सर्वप्रथम ऑनलाइन अप्लाय करना होगा और फिर आपके यहाँ इन्सपैक्शन के बाद ही आपको यह लाइसेंस दिया जाएगा.
  • इसके बाद आपको अपनी लोकल अथॉरिटी से भी कई पर्मिशन लेनी पड़ेगी.
  • इसके बाद आपको अपने व्यापार का रजिस्ट्रेशन करवाना और टीन नंबर लेना भी अनिवार्य है.
  • डॉग ब्रीडिंग का लाइसेंस केवल एक साल के लिए मान्य होता है और आपको प्रतिवर्ष इसे रेन्यु करवाना अनिवार्य है.

कुत्ता पालन के व्यवसाय में कुल निवेश (Total Investment For Dog Breeding Business) –

डॉग ब्रीडिंग का व्यापार शुरू करने के लिए आपको किसी एसी जगह की तलाश करनी होगी, जहां कुत्ते आसानी से रह सके और उनका स्वस्थ्य पर्यावरण में उचित विकास और देखभाल हो सके. जगह के साथ-साथ आपको इस व्यापार में कुत्तों के खाने पीने उनके रखरखाव और नर व  मादा कुत्तों के चिकित्सीय परीक्षण,  प्रजनन के समय उनके उचित देखभाल पर निवेश करना होगा. इसी के साथ आपको ब्रीडिंग करवाने के लिए प्रथम बार नर व मादा कुत्तों को भी खरीदना होगा. इस प्रकार अगर आपके पास जगह स्वयं की हो, तो आप केवल 50 हजार के निवेश में भी यह व्यवसाय शुरू कर सकते है.

कुत्ता पालन व्यवसाय में जोखिम (Risk Factor In Dog Breeding Business) –

हर व्यापार में कुछ ना कुछ जोखिम अवश्य रहता है, परंतु बिना रिस्क के सफलता संभव नहीं है. इस व्यापार में होने वाले जोखिम निम्न है.

  • आप किसी भी मादा कुत्ते से केवल 5 बार ब्रीड करवा सकते है और इसके बाद आपको इनका पालन पोषण स्वयं करना होता है, परंतु ये आपके मुनाफे के लिए काम के नहीं होते है.
  • आप एक परिवार के कुत्तों को आपस में ब्रीड नहीं करवा सकते, इसलिए आपको इस बात का विशेष ध्यान रखना होता है.
  • आपको इस व्यापार में कुत्तों के स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखना होता है, क्योंकि अस्वस्थ्य कुत्तों में ब्रीडिंग संभव नहीं.

इस प्रकार से अगर आप इस व्यापार को पूरी प्लानिंग और उचित मैनेजमेंट के साथ करेंगे, तो आपको लाभ अवश्य होगा. इस व्यापार में लाभ की अपार संभावनाएं है, और शौकीन लोग लाखो रुपय तक के कुत्ते खरीदते है. आपको बस जरूरत है, की उनकी पसंद के मुताबिक उन्हे कुत्ते सप्लाइ कर पाये. अगर आप ग्राहक की जरूरत को पहचानकर उनकी जरुरत को पूरा करने में कामयाब होते है, तो आप लाभ अवश्य कमाएंगे.

अन्य पढ़े:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!