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कैसे शुरू करें रबड़ बनाने का व्यापार | How To Start Eraser Making Business In Hindi

कैसे शुरू करें इरेज़र (रबड़) बनाने का व्यापार | How To Start Eraser Making Business In Hindi

व्यापार करना हमेशा ही फायदेमंद रहता है, व्यापार के जरिए आप अच्छी खासी कमाई करने के साथ – साथ लोगों को रोजगार भी प्रदान कर सकते हैं. किसी भी व्यापार को करने से पहले उस व्यापार से जुड़ी सभी तरह की जानकारी होना बेहद जरुरी है ताकि आप अपने व्यापार को कामयाब बना सकें. अपने पिचले आर्टिकल में हम आपको स्कूल यूनिफार्म बनाने का व्यापार व ब्लैक बोर्ड चाक बनाने का व्यापार बता चुके है. आज हम आपको मिटाने वाला रबड़ यानी इरेज़र बनाने के व्यापार के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं ताकि आप इस व्यापार को सफल तरीके से कर सकें और एक कामयाब व्यापारी बन सकें.

रबर व्यापार

मिटाने वाली रबड़ का इस्तेमाल (Eraser Uses)

मिटाने वाली रबड़ बच्चों के द्वारा काफी इस्तेमाल की जाती है और इसकी डिमांड भी काफी अधिक है. इस प्रकार की रबड़ का इस्तेमाल कॉलेज वाले छात्रों और कई तरह के ऑफिसों में भी काफी किया जाता है.

इरेज़र बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामाग्री (Raw Materials Price Details)

इरेज़र को बनाने में जो प्राथमिक चीज सबसे ज्यादा जरूरी होती है वो रबड़ है और इस व्यापार में दो तरह की रबड़ों का इस्तेमाल किया जा सकता है. जिनमें से एक प्राकृतिक रबड़ (Natural Rubber) होती है और दूसरी सिंथेटिक रबड़ (Synthetic Rubber). सिंथेटिक रबड़ बनाने के लिए पेट्रोलियम उत्पादों जैसे की इथाइलीन और स्टायरिन का इस्तेमाल किया जाता है. वहीं प्राकृतिक रबड़, रबड़ के पेड़ से निकलने वाले लेटेक्स से प्राप्त की जाती है.

रबड़ के दाम और कहां से खरीदें रबड़ (Place And Price Details)

रबड़ के दाम एक जैसे नहीं रहते हैं यह बदलते रहते हैं. इसलिए इनका सही दाम बता पाना मुश्किल है. रबड़ को आप ऑनलाइन भी खरीद सकते हैं या फिर अपने शहर के किसी विक्रेता से भी खरीद सकते हैं. नीचे हमने आपको कुछ लिंक दे रखे हैं, जिसमें प्राकृतिक रबड़ और सिंथेटिक रबड़ बचने वाले विक्रेताओं के नंबर और जानकारी दी गई है.

https://www.go4worldbusiness.com/buyers/raw-rubber.html

https://www.tradeindia.com/Buyer/Chemicals/Natural-Rubber/

अन्य इंग्रेडिएंट्स की जानकारी (Other Ingredients)

  • आर्गेनिक डाइज (Organic Dyes)

आर्गेनिक डाइज की मदद से रबड़ को रंग दिया जाता है. आपने कई रंगों की रबड़ें दुकान में देखी होंगी और इन इरेज़र को आर्गेनिक डाइज की मदद से रंग दिए जाता है.

जिंक ऑक्साइड एंड टाइटेनियम ऑक्साइड भी एक प्रकार के आर्गेनिक डाइज हैं, जिसका इस्तेमाल रबड़ को रंग देने के लिए किया जाता है. अगर आपको सफेद रंग की रबड़ बनानी है, तो आपको जिंक ऑक्साइड एंड टाइटेनियम ऑक्साइड की जरुरत पड़ेगी. वहीं अगर आप अपनी रबड़ को लाल रंग देना चाहते हैं तो आपको आयरन ऑक्साइड की जरुरत पड़ेगी.

  • सल्फर (Sulphur)

सल्फर को हिंदी में गंधक बोला जाता है और इसका इस्तेमाल भी इरेज़र बनाने के लिए किया जाता है. सल्फर की मदद से इरेज़र को वुलकनीजड (vulcanized) किया जाता है. वुलकनीजड की मदद से इरेज़र मजबूत बनती है और इरेज़र को मजबूत बनाने के लिए हिट (heat) और सल्फर का उपयोग किया जाता है, ताकि इरेज़र अधिक टिकाऊ और गर्मी के प्रतिरोधी बना सके.

कहां से खरीदें सल्फर

सल्फर को आप किसी भी कैमिकल बेचने वाली दुकान से खरीद सकते हैं या फिर ऑनलाइन https://dir.indiamart.com/impcat/sulphur-powder.html के जरिए भी इसका ऑडर दे सकते हैं. 120 ग्राम सल्फर 300 रुपए तक का आता है. वहीं अगर आप इसे ज्यादा मात्रा में खरीदते हैं तो आपको ये थोड़ा सस्ता पड़ जाता है.

  • वनस्पति तेल (Vegetable Oil)

वनस्पति तेल का इस्तेमाल भी इरेज़र बनाने के लिए किया जाता है. दरअसल इसके इस्तेमाल से इरेज़र को नरम (Soft) किया जाता है और आकार दिया जाता है. बाजार में कई तरह के वनस्पति तेल उपलब्ध हैं जिनकी कीमत सौ रुपए से शुरू होती हैं.

इरेज़र बनाने के लिए आपको अब्रासीवे (Abrasive),  लिथोपोने (Lithophone) और फैटिस (Factice) जैसे पदार्थों की भी जरुरत पड़ेगी. इन केमिकल का इस्तेमाल भी इरेज़र बनाने के लिए किया जाता है.

इरेज़र बनाने वाली मशीन (Eraser Making Machine)

इरेज़र बनाने के लिए स्वचालित मशीन का इस्तेमाल किया जाता है और ये मशीन आसानी से मिल जाती हैं. आप इरेज़र बनाने वाली मशीन को ऑनलाइन भी खरीद सकते हैं. इन मशीनों को यदि आप ऑनलाइन लेना चाहते है तो आपको इसके लिए इस लिंक पर जाना होगा.

https://www.tradeindia.com/fp2773796/Eraser-Making-Machine.html

https://www.indiamart.com/c-s-industries/eraser-making-machine.html

मशीन की कीमत (Eraser Making Machine Price)

मशीन की कीमत इस बात पर निर्भर करती हैं कि आप किस तरह की मशीन खरीद रहे हैं, मतलब अगर आप ज्यादा इरेज़र बनाने की क्षमता रखने वाली मशीन लेतें हैं तो ये आपको 10 लाख तक की पड़ेगी. वहीं कम क्षमता वाली मशीन आपको इससे थोड़ी सस्ती पड़ेगी.

इरेज़र बनाने की प्रक्रिया (The Manufacturing Process in hindi)

इरेज़र बनाने से पहले आपको ये तय करना होगा की आप प्राकृतिक रबड़ से इरेज़र बनाना चाहते हैं या फिर सिंथेटिक रबड़ का इस्तेमाल करना चाहते. इन दोनों प्रकार की रबड़ों में किसी भी तरह का अंतर नहीं होता है. इसलिए आप इनमें से किसी भी प्रकार की रबड़ का इस्तेमाल कर सकते हैं.

वहीं एक बार ये तय करने के बाद कि आप किस रबड़ का प्रयोग करेंगे, आप उस प्रकार की रबड़ को खरीद लें. लेकिन सिंथेटिक रबड़ जब आप लेते हैं तो ये आपको पाउडर की तरह मिलती है. वहीं प्राकृतिक रबड़ पाउडर के रूप में उपलब्ध नहीं होती है. इसलिए आपको सबसे पहले प्राकृतिक रबड़ जो की गांठों में आती है उसे पाउडर की तरह बनाना होता है.

रबड़ के पाउडर में आपको सबसे पहले ऊपर बताए गए सभी कैमिकलों को मिलाना होगा. इन सामग्रियों को अच्छे से मिलाने के बाद मशीन की मदद से आपको इन सामग्रियों को पिघलाने होगा. ये मिश्रण पिघलने के बाद थोड़ा सा नरम और ठोस हो जाएगा. जिसके बाद आपको मशीन की मदद से इस मिश्रण को इरेज़र का आकार देने होगा और आपकी इरेज़र बनकर तैयार हो जाएगी.

इरेज़र की पैकिंग कैसे करें (Packaging And Labelling)

इरेज़र बनाने के बाद जो अगला सबसे महत्वूपर्ण काम है वो इनकी पैंकिंग करना है. अक्सर इरेज़र की दो प्रकार से पैकिग की जाती है एक तरह की पैकिंग में इरेज़र पर पॉलिथीन चढ़ी होती हैं और दूसरे प्रकार की पैंकिंग में इस पर कागज या गत्ता लगा होता है. इन दोनों प्रकार की पैकिंग में से आपको एक प्रकार की पैकिग अपनी रबड़ के लिए चुननी होगी.

इसके अलावा आपको इन इरेजरों को पैक करने के लिए गत्ते के बक्सों की भी जरुरत पड़ेगी. आपको ये गत्ते के बक्से, बक्से बनाने वाले व्यापारी से बनवाने पड़ेंगे. इसके अलावा हो सके तो इन बक्सों पर अपनी कंपनी का नाम भी लिख वाला लें. क्योंकि ऐसा करने से आपकी कंपनी का प्रचार भी हो जाएगा.

स्थान का चयन (Place)

इरेज़र के इस व्यापार को स्थापित करने के लिए आपको कम से कम 600 से लेकर 1000 एकड़ की जगह की जरुरत पडेगी. जगह का आकार इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस लेवल यानी स्तर पर इस व्यापार को शुरू कर रहे हैं. अगर आप एक मशीन से इस व्यापार को शुरू कर रहे हैं तो आपको ज्यादा बड़ी जगह लेने की जरुत नहीं पड़ेगी.

कितनी रखें अपनी इरेज़र के दाम Price of Eraser :

  • बाजार में मिलने वाली इरेजरों के दाम 1 रुपए से शुरू होते हैं. इसलिए आप भी अपनी इरेज़र के दाम, बाजार में मिलने वाली इरेजरों के दामों के आस पास ही रखें.
  • हो सके तो शुरू शुरू में अपनी इरेज़र के दाम बाजार में मिलने वाली इरेजरों के दामों से कम रखें. क्योंकि ऐसा करने से आपकी इरेज़र की ज्यादा बिक्री हो सकती है.
  • वहीं एक बार जब आपका ये व्यापार अच्छे से चलने लगे तो आप अपने इरेज़र के दाम बढ़ा सकते हैं.

इस व्यापार के साथ कर सकते हैं और भी व्यापार  शुरू

रबड़ एक ऐसी चीज है जिसका इस्तेमाल कई तरह की चीजों को बनाने में किया जाता है. इसलिए अगर आप चाहें तो अपने इरेज़र के व्यापार को अच्छे से स्थापित करने के बाद रबड़ से जुड़े दूसरे व्यापार भी शुरू कर सकते हैं. उदाहरण के तौर पर आप उन पेंसिल का भी निर्माण कर सकते हैं जिनेक पीछे रबड़ लगी होती है. इसके अलावा आप रबड़ की स्टांप का भी व्यापार शुरू कर सकते हैं.

व्यापार का पंजीकरण और लाइसेंस  (License Process)

छोटे स्तर पर भी अगर आप अपना व्यापार शुरू करते हैं तब भी आपको अपने व्यापार का नामांकन करवाना आवश्यक है. अपने व्यापार का नामांकन करवाने से आपको कई तरह की सरकारी योजनाओं का फायद मिलता है. कंपनी का नामांकन करवाने के बाद जो दूसरा सबसे महत्वपूर्ण काम है वो अपने व्यापार के लिए लाइसेंस हासिल करना है. ऐसे कई व्यापार होते हैं जिनमें लाइसेंस की जरुरत पड़ती है और मिटाने वाली रबड़ के व्यापार में भी आपको लाइसेंस लेने की जरुरत होती है. आप को ये लाइसेंस अपने राज्य की लोकल अथॉरिटी से हासिल हो जाएगा.

अपने व्यापार का प्रमोशन (Promotion And Marketing )

बाजार में इस वक्त कई कंपनी इरेज़र बनाने का काम करती हैं और इन कंपनी की इरेज़र अच्छी खासी बिकती हैं. ऐसे में आपको इन कंपनी का मुकाबला करने के लिए प्रमोशन का सहारा लेने होगा.

प्रमोशन की मदद से आपकी कंपनी का प्रचार होगा और आपकी कंपनी की इरेज़र के बारे में लोगों को जानकारी मिल सकेगी. जिसके की आपकी इरेज़र कि बिक्री बढ़ सकेगी.

कैसे करें प्रचार  (How to Promote)

  • छोटे स्तर का प्रचार (Small Scale Marketing )

अपनी इरेज़र का प्रचार आप छोट स्तर से भी कर सकते हैं, छोटे स्तर के अंतर्गत आप लोकल न्यूज पेपर में अपनी इरेज़र की जानकारी दे सकते हैं. इसके अलावा आप चाहें तो अपने शहर के स्कूलों में अपनी इरेज़र के कुछ सैंपल मुफ्त में बच्चों को दे सकते हैं. ताकि बच्चों को आपकी कंपनी के इरेज़र के बारे में जानकारी मिल सके और बच्चे आपकी इरेज़र को बाजार से खरीदे .

  • बड़े स्तर का प्रचार (Large Scale Marketing)

बड़े स्तर का प्रचार करने के लिए आपको थोड़ा सा ज्यादा खर्चा करना पड़ सकता है. बड़े स्तर में प्रचार करने के लिए आप टी.वी चैनलों पर अपनी कंपनी की एड दे सकते हैं .प्रचार करने के इस तरीके में काफी पैसे लगते है.  इसलिए आप इस प्रचार के तरीके को तभी अपनाएं जब आपका व्यापार अच्छे से स्थापित हो जाए.

लोगों का चयन (Recruitment Of Employees)

इरेज़र के व्यापार को करने के लिए आपको कुछ कर्मचारियों को नौकरी पर रखना होगा. अगर आप छोटे स्तर से इरेज़र का व्यापार शुरू कर रहे हैं तो आपको 8 से 12 लोगों की जरुरत पडेगी. वहीं बड़े स्तर में ये संख्या दोगुनी हो जाएगी. कोशिशें करे की आप उन्होंने लोगों को नौकरी पर रखें जिन्हें इस व्यापार की थोड़ी सी समझ हो.

लेनी होगी ट्रेनिंग (Training)

इस व्यापार को शुरू करने से पहले आप, इरेज़र कैसी बनती है इसकी ट्रेनिंग ले लें और उसके बाद ही इस व्यापार को शुरू करें. वहीं जब आप इस व्यापार को शुरू करेंगे, तो आपको अपने कर्मचारियों को भी मशीन चलाने की ट्रेनिंग दिलवानी होगी. ताकि वो बिना किसी दिक्कत के अपना कार्य सही तरह से कर सकें.

व्यापार शुरू करने का बजट (Business Start Up Costs)

इरेज़र के व्यापार को अगर आप छोटे स्तर पर करते हैं तो आपको कम से कम 5 लाख से 8 लाख की जरुरत पड़ेगी. वहीं बड़े स्तर पर इरेज़र के व्यापार को शुरू करने के लिए आपको 10 लाख से अधिक रुपए की जरुरत पड़ेगी.

लोन भी ले सकते हैं (Loan)

अगर आपके पास इरेज़र का व्यापार शुरू करने के लिए पैसे नहीं हैं, तो आप लोन का विक्लप भी चुन सकते हैं. आप निजी या फिर किसी भी सरकारी बैंकों से लोन ले सकते हैं.  अगर आप निजी बैंक से लोन लेते हैं तो आपको लोन जल्दी मिल जाता है लेकिन निजी बैंकों की ऋण की ब्याज दरें काफी ज्यादा होती है. वहीं सरकारी बैंक से लोन लेने में काफी टाइम लग जाता है. लेकिन सरकारी बैंकों की ऋण की ब्याज दरें निजी बैंकों के मुकाबले काफी कम होती हैं. इसलिए लोन लेने से पहले आप ये तय कर लें की आपको किस बैंक से लोन लेना हैं.

निष्कर्ष- इरेज़र बनाने के व्यापार को आप तभी शुरू करें जब आपको इस व्यापार की अच्छे से समझ हो जाए. इस व्यापार को शुरू करने में आपको थोड़ी दिक्कतें आ सकती हैं. लेकिन आप अगर ध्यान से काम करेंगे तो आप इस व्यापार में काफी सफलता पा सकते हैं.

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