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फ्रेंचाइजी क्या है एवं इसके प्रकार | Franchise business definition, meaning, ideas, type in India in hindi

फ्रेंचाइजी का मतलब क्या है और इसके प्रकार | What is Franchise definition, meaning kya hai , business ideas, advantages and disadvantages in India in hindi

अगर आप कम समय में अपना कोई नया व्यापार शुरू करना चाहते हैं, तो आपके लिए सबसे बेहतरीन विकल्प फ्रेंचाइजी है. फ्रेंचाइजी के जरिये आप किसी दूसरी कम्पनी के ब्रांड का नाम प्रयोग करके अपने राज्य में उसकी शाखा शुरू कर सकते हैं. इसके लिए आपको उस कंपनी के साथ अनुबंध करना पड़ता है एवं उसके लिए शुल्क भी देना पड़ता है. अगर आप कंपनी को आपके द्वारा फ्रेंचाइजी खोलने के लिए राजी कर लेते हैं, तो उसके ब्रांड, व्यापार करने का तरीका, उसके द्वारा किये गए निर्धारित मूल्य एवं तकनीकी आदि का इस्तेमाल कर सकते है.

franchise business
Business Franchise Street Sign

फ्रेंचाइजी के प्रकार (Types of Franchise)

फ्रेंचाइजी को व्यापार की प्रकृति के आधार पर बांटा गया है, अगर देखा जाय तो मुख्यरूप से फ्रेंचाइजी तीन प्रकार की होती है. जिनको उनके व्यापार के प्रकार को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है, नीचे इनके बारे में जानकारी दी गई है.

  1. व्यापार प्रारूप फ्रेंचाइजी (business format franchising)

इस तरह की फ्रेंचाइजी में आपको उस कंपनी का ब्रांड, व्यापार करने का तरीके के साथ-साथ आपको उस कंपनी द्वारा दिशा-निर्देश भी दिए जाते है. यह फ्रेंचाइजी का सबसे सामान्य प्रकार है जो कि अधिकतर व्यापारियों द्वारा इस्तेमाल किया जा रहा है.

  1. उत्पाद वितरण फ्रेंचाइजी (product distribution franchising)

इस तरह की फ्रेंचाइजी में फ्रेंचाइजर अपनी फ्रेंचाइजी को अपना उत्पाद बेचने के लिए सहमति दे देती है, लेकिन फ्रेंचाइजी के द्वारा चलाये जा रहे व्यापार में कोई मदद नहीं करती है. इसमें कंपनी का आप के साथ सम्बन्ध एक विक्रेता की तरह ही होता है, लेकिन आप इसके ब्रांड का इस्तेमाल कर सकते है. इस तरह का सबसे अच्छा उदाहरण ब्रांडेड पेट्रोल पम्पस को मान सकते हैं. जिसमें आप उनके ब्रांड का इस्तेमाल तो कर सकते है, लेकिन कंपनी को आपके व्यापार करने के तरीके से मतलब नहीं होता है.

  1. उत्पाद निर्माण फ्रेंचाइजी (product manufacturing franchise)

इस तरह की फ्रेंचाइजी में कंपनी अपने उत्पाद बनाने एवं सेवाएं देने की अनुमति देती है, वो भी उसके ब्रांड, नाम, साइन, लोगो सभी चीजों का इस्तेमाल करके. कई खाद्य एवं पीने वाले उत्पाद जैसे पीने का पानी बनाने वाली कंपनियां इस तरह की फ्रेंचाइजी को ही बढ़ावा देती है.

फ्रेंचाइजी कैसे खोले (How to start a franchise business in India)

  1. शुल्क एवं प्रतिशत मूल्य (fees and percentage)
  • कंपनी का फ्रेंचाइजी देने के लिए एक शुल्क निर्धारित होता है, जो कि हर कम्पनी के अनुसार अलग-अलग होता है. अगर आप चाहे तो इस शुल्क को कम भी करवा सकते हैं, लेकिन ये आपकी व्यापार करने की समझ पर निर्भर करेगा.
  • आपको अपने उत्पाद को बेचने की मंजूरी देने के बदले, कुछ कंपनी आपसे उस उत्पाद को बेचने में हुए लाभ की कुछ प्रतिशत राशि भी लेती हैं. ये शुल्क की तरह होता है और राशि का प्रतिशत आपके कंपनी के साथ हुए समझौते पर निर्भर करता है..

फ्रेंचाइजी खोलने के लिए मुख्य दस्तावेज (franchise documentation)

  • इसके लिए मुख्य रूप से आपको एफडीडी (फ्रेंचाइजी डिस्क्लोजर डॉक्यूमेंट) बनाना पड़ता है. इस दस्तावेज में आपकी फ्रेंचाइजी से सम्बंधित सभी जानकारी दी जाती है, जैसे कैसे चलाना है, किस जगह खोलना है, और आपका बिज़नेस प्रपोज़ल किस पर आधारित है इत्यादि.
  • दूसरा महत्वपूर्ण दस्तावेज फ्रेंचाइजी एग्रीमेंट (समझौता पत्र) है, इस पत्र पर कंपनी और आपके हस्ताक्षर होना जरुरी होते हैं. इसका मुख्य उद्देश्य फ्रेंचाइजर की शर्तों को मानने एवं व्यापार सम्बंधित समझौते को लिखित रूप से प्रमाण बनाने के लिए किया जाता है.

फ्रेंचाइजी लेने के लिए नियम एवं शर्ते (franchise terms and conditions)

  • फ्रेंचाइजी प्राप्त करने के लिए आपको कंपनी के द्वारा मांगा गया शुल्क देना होगा, इतना ही नहीं कंपनी इसके लिए आपके स्थान का भी जायजा लेती है, जहाँ आप फ्रेंचाइजी खोलना चाहते है. इसलिए आपको एक उचित स्थान का चयन करना होता है.
  • आपको अपनी फ्रेंचाइजी के लिए एक बिज़नेस प्रपोज़ल भी बनाना होता है, जिसमें स्थान एवं आपकी फ्रेंचाइजी से सम्बंधित सभी दस्तावेज देने होते है. जिससे आपकी फ्रेंचाइजी के खोलने का प्रमाण फ्रेंचाइजर के पास भी रहे, इसके लिए आपको एग्रीमेंट भी तैयार करवाना पड़ता है.
  • इसके बाद आप जहां इस व्यापार को चलाना चाहते है, उसकी की दीवारों पर किस तरह का रंग इस्तेमाल किया जाना है. कहां से इसका कच्चा सामान खरीदेंगे? एवं उसकी सजावट किस तरह की होगी. कंपनी से इन सब चीजों पर विस्तार से जानकारी लेकर ही आपको फ्रेंचाइजी शुरू करनी होती है.
  • इतना ही नहीं इन सब बातों को अपनी फ्रेंचाइजी के ऑपरेशन मेन्यू में पूरी तरह अच्छे से लिखना पड़ता है, फ्रेंचाइजी बॉन्ड पर साइन करते समय आपको कम्पनी के सभी दिशा-निर्देश मानने अनिवार्य होंगे, और उनको भरोसा भी दिलाना होगा की आप भविष्य में भी उनकी बात मानकर फ्रेंचाइजी को भलीभांति चलाएंगे.
  • फ्रेंचाइजी शुल्क देने के साथ-साथ आपको प्रति उत्पाद बेचने पर, एग्रीमेंट या अनुबंध पत्र के अनुसार कुछ प्रतिशत लाभ कंपनी को देना होगा. उदहारण के तौर पर अगर आप पिज़्ज़ा हट से फ्रेंचाइजी लेते है तो आपको हर पिज़्ज़ा की विक्री पर लगभग 5 से 10 प्रतिशत तक पिज़्ज़ा हट को देना पड़ता है.

भारत में कौन कौन सी कंपनियां फ्रेंचाइजी देती है (List of franchise business in india)

  • खाद्य एवं पेय उत्पाद बनाने वाली कंपनियां (food and beverage franchise) – खाद्य पदार्थों की फ्रेंचाइजी देने के मामले में काफी कंपनियों ने अपना हाथ बढ़ाया है. वहीं भारत में कई कंपनियां जैसे कि सबवे, मैकडॉनल्ड्स कार्पोरेशन, डोमिनोज़ पिज़्ज़ा, बर्गर किंग, पिज़्ज़ा हट एवं केएफसी अपनी फ्रेंचाइजी खोलने का अवसर देती है.
  • शिक्षा केंद्र एवं ट्रेनिंग कंपनियां (franchise in education field)- किसी प्रसिद्ध शिक्षा केंद्र के नाम पर फ्रेंचाइजी खोलने के लिए भी कई ट्रेनिंग देने वाली कम्पनीयां अपना नाम इस्तेमाल करने की अनुमति देती है. जिनमें मुख्य अलोहा इंडिया, टीएमसी शिपिंग, ब्रिटिश अकादमी अंग्रेजी भाषा के लिए, एवं नोवटेक रोबो आदि शामिल हैं.
  • स्वास्थ एवं सौंदर्य से सम्बंधित कंपिनयां– (beauty care franchise) स्वास्थ एवं सौंदर्य से सम्बंधित कई कंपनियों ने भी अपनी फ्रेंचाइजी खोलने का रास्ता दे रखा है. जिनमें से कुछ इस प्रकार हैं, जावेद हबीब हेयर एंड ब्यूटी, स्टूडियो11, केवा आयुर्वेद हेल्थकेयर, रेलुकिंग इत्यादि.
  • रिटेलर और कंसल्टेंसी कंपनियां– (retailer and consultant franchise) लक्मे सैलून, कॉटन किंग, ब्रांड्स डैडी, फ्लोरिस्टा, आदि रिटेलर कंपनियां हैं, जो अपनी फ्रेंचाइजी देने में रूचि रखती है. ब्रेन चेकर टेक्नो सर्विस, बिज़नेस डॉक्टर सबसे अच्छी कंसलटेंट (सुझाव देने वाली) कंपनियां है, जो कि भारत में अपनी फ्रेंचाइजी खोलने की अनुमति देती है
  • अन्य फ्रेंचाइजर कंपनियांहालांकि ऊपर दी गयी कंपनियों के अलावा और भी कंपनियां है, जो फ्रेंचाइजी खोलने की सुविधा देतीं हैं, जैसे बच्चों के लिए “किड्-जी”, होटलों में “चॉइस होटलस”, “ग्रीन लैंड” घर की सुविधाओं के लिए, एवं ई-पूजा कप्यूटर एवं इंटरनेट सेवा देने वाली कंपनियां शामिल हैं.

फ्रेंचाइजी खोलने से फायदे (franchise benefits in Hindi)

फ्रेंचाइजर को फायदे (franchise benefits for franchisors)

फ्रेंचाइजर कंपनी को होने वाले फायदे की तरफ देखा जाए, तो उसको अपनी कंपनी में पैसे लगाने वाला मिल जाता है, इसके साथ ही कंपनी की आय में बढ़ोत्तरी होने लगती है. और इसके साथ-साथ कंपनी का उत्पाद देश और दुनिया के कोने-कोने तक आसानी से पहुंचाया जा सकता है. उदाहरण के तौर पर देखा जाए तो,

  • यदि आपने किसी को अपना मैनेजर बनाया है और वो अच्छे से काम करने के लायक भी है, लेकिन उसको आपके व्यापार में होने वाले घाटे से कोई मतलब नहीं होता है. इतना ही नहीं उसके काम पर पूरी तरह से भरोसा भी नहीं किया जा सकता है.
  • वहीं दूसरी तरफ फ्रेंचाइजी लेने वाले के ऊपर भरोसा कर सकते है, क्योंकि इसमें उसे खुद के पैसे भी बरबाद होने का डर रहता है.

फ्रेंचाइजी लेने वाले को फायदे (franchise benefits for franchise)

  • अगर आप फ्रेंचाइजी लेना चाहते है तो इसका सबसे महत्वपूर्ण फायदा, एक बहुत अच्छी कंपनी के साथ, उसकी व्यापार करने की तकनीक एवं संरचना में रहकर आसानी से अपने व्यापार को जल्दी से उचाईयों तक पहुंचाया जा सकता है.
  • आपको अपने ब्रांच का प्रचार-प्रसार या मार्केटिंग करने की कोई जरूरत नहीं पड़ती है. आपने जिस कंपनी की फ्रेंचाइजी ले रखी है, ये सब उसी कंपनी का काम होता है. इतना ही नहीं ब्रांड के नाम पर बहुत से लोग अपने आप आकर्षित हो जाते हैं, अर्थात आपको बिना मेहनत किये भी बहुत सारे ग्राहक मिल जाते हैं.
  • इसका सबसे अच्छा फायदा ये है कि आपको कभी भी अपने उत्पाद के मूल्य से समझौता नहीं करना पड़ता है, बाजार में मूल्य के उतार-चढ़ाव में भी आपके उत्पाद का मूल्य ब्रांड की वजह से हमेशा अच्छा एवं स्थिर बना रहता है. क्योंकि लोगों को इसका पता ही नहीं होता कि आप इसका निर्माण खुद कर रहे हैं.

फ्रेंचाइजी लेने में खतरा (रिस्क) (what are the disadvantages of being a franchise)

  • फ्रेंचाइजी लेने के व्यापार की कमियों के बारे में कहा जाए, तो इसमें कुछ नकारात्मक प्रभाव भी है. अगर आपने फ्रेंचाइजी ले रखी है तो आपको लम्बे समय के लिए वित्तीय नजरिए से बंधकर भी रहना पड़ता है.
  • आपके द्वारा प्रतिदिन काम करने की कोई सीमा नहीं होती है. इतना ही नहीं आपको अपने जीवन के लक्ष्य को भी पहले ही निर्धारित कर लेना होता है, साथ-साथ अपने परिवार से भी सलाह ले लेनी चाहिए क्योंकि उनका साथ होना जरुरी है.
  • अगर आपके पास इस व्यापार को जल्दी बढ़ाने कोई दूसरा या नया तरीका है, तो उसके लिए आपको फ्रेंचाइजर से सलाह लेनी पड़ेगी, मतलब आपको फ्रेंचाइजी देने वाली कंपनी के दायरे में रहकर काम करना पड़ेगा.
  • किसी वजह से अगर आप का व्यापार बंद हो जाता है तो फ्रेंचाइजी देने वाली कंपनी का इससे कोई लेना देना नहीं होता है. मतलब होने वाले घाटे के जिम्मेदार आप ही होंगे.

फ्रेंचाइजी चुनने में की जाने वाली सावधानियां (what are some of the factors to consider before buying a franchise)

  • फ्रेंचाइजी लेने से पहले आपको उस ब्रांड की बाजार में मांग, कंपनी के काम करने का तरीका, फ्रेंचाइजी लेने में लगने वाला शुल्क और इत्यादि जैसी चीजों के बारे में पता होना चाहिए
  • इतना ही नहीं आपको इससे मिलने वाले फायदे एवं शर्तों को भी सावधानी पूर्वक जानने की जरुरत होती है, जिससे आप व्यापार में आगे आने वाली समस्यायों से बच सकें.
  • हमेशा अपनी योग्यता एवं कार्यक्षमता को परख ले, क्योंकि इस व्यापार में आगे बढ़ने के लिए इन दोनों की बेहद जरुरत पड़ती है. मतलब आप अपनी प्रतिभा को मद्देनजर रखते हुए भी निर्णय ले.

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2 comments

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