गोबर गैस प्लांट शुरू करके पैसे कमायें (Gobar Gas Plant Business in Hindi)

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गोबर गैस प्लांट कैसे शुरू करें, कैसे लगायें, कैसे काम करता है, लागत, कॉस्ट, सब्सिडी, लाभ, सामग्री, मशीनरी, उपकरण, लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन, सेटअप, बिजली बनाने की विधि (Gobar Gas Plant Business in Hindi) (Kaise Banate Hain, Cost, Price, Subsidy, for Home, Machinery, Setup, License, Registration, Profit)

प्राचीन काल में जब गैस नहीं थी, तब खाना बनाने के लिए लकड़ी का इस्तेमाल होता था और लकड़ी का इस्तेमाल करके चूल्हे में खाना बनाया जाता था। आधुनिक जमाने में गैस सिलेंडर का इस्तेमाल होने लगा है, पर जैसा कि आप जानते हैं कि हमारे  देश में गरीब, मिडिल क्लास और अमीर सभी वर्ग के लोग रहते हैं, इसीलिए हर वर्ग के लोग गैस का वहन नहीं कर सकते। गवर्नमेंट के द्वारा समय-समय पर गैस के दाम बढ़ाए और घटाए जाते रहते हैं। ऐसे में अगर आप गोबर गैस प्लांट लगा लेते हैं, तो यह भोजन हेतु गैस की आवश्यकता को बहुत ही कम कर देगा क्योंकि गोबर गैस के प्लांट के द्वारा आप खाना बना सकते हैं तथा अन्य काम भी कर सकते हैं।

gobar gas plant business in hindi

Table of Contents

गोबर गैस प्लांट कैसे शुरू करें (How to Start Gobar Gas Plant Business)

गोबर गैस प्लांट अक्सर उन जगह पर लगाया जाता है, जहां पर अधिक मात्रा में गाय और भैंस होती है, क्योंकि इन प्लांट में गाय और भैंस के गोबर का ही भारी मात्रा में इस्तेमाल किया जाता है. और उसके द्वारा जो गैस निकलती है, उसका इस्तेमाल ही खाना पकाने के लिए तथा अन्य कामों के लिए किया जाता है। अगर आप गोबर गैस प्लांट चालू करना चाहते हैं, तो आपको गोबर गैस प्लांट चालू कैसे करते हैं, इसकी पूरी प्रक्रिया के बारे में जानकारी हासिल कर लेनी चाहिए, ताकि आप आसानी से गोबर गैस प्लांट स्टार्ट कर सकें। इस आर्टिकल में आप यह जानेंगे कि गोबर गैस प्लांट चालू करने के लिए क्या करें और गोबर गैस प्लांट चालू कैसे किया जाता है।

गोबर गैस प्लांट क्या है (Gobar Gas Plant)

गाय और भैंस के गोबर का इस्तेमाल करके जिस प्लांट को स्थापित किया जाता है, उसे ही गोबर गैस प्लांट कहा जाता है और इस प्लांट के द्वारा ही गोबर गैस उत्पन्न की जाती है, जिसका इस्तेमाल अलग-अलग कामों के लिए किया जाता है। गोबर गैस का इस्तेमाल आप खुद के लिए भी कर सकते हैं और इसे बिजनेस के तौर पर भी कर सकते हैं। गोबर गैस प्लांट में गोबर गैस का निर्माण करने वाली मशीन, गैस कंप्रेसर, गैस प्यूरीफायर, टैंक पाइप और मोटर उपलब्ध रहती है। गोबर गैस प्लांट में गाय और भैंस के गोबर के अलावा अन्य दूसरी सड़ी गली चीजें भी डाली जाती है।

गोबर गैस प्लांट के लिए जगह (Location)

गोबर गैस प्लांट की शुरुवात करने के लिए मुख्य तौर पर गाय और भैंस के गोबर की आवश्यकता पड़ती है, साथ ही अन्य सड़ी गली चीजों की भी आवश्यकता पड़ती है, परंतु इसमें मुख्य तौर पर गोबर की ही आवश्यकता पड़ती है। इसलिए आपको गोबर गैस प्लांट को ऐसी जगह पर चालू करना चाहिए, जहां पर गाय और भैंस का तबेला हो या फिर इसे आप ऐसी जगह पर चालू करें, जहां पर गाय और भैंस के गोबर फेंके जाते हो, ताकि आपको गोबर गैस प्लांट में डालने के लिए गोबर लाने के लिए अतिरिक्त खर्चा ना करना पड़े।

गोबर गैस प्लांट लाइसेंस एवं रजिस्ट्रेशन (License and Registration)

अगर आप गोबर गैस का प्लांट चालू करना चाहते हैं, तो आपको कुछ आवश्यक लाइसेंस भी अवश्य लेने होंगे। अगर आप बिना लाइसेंस के इसे चालू करते हैं, तो आप कानूनी कार्यवाही के शिकार हो सकते हैं।

• गोबर गैस का प्लांट स्टार्ट करने के लिए व्यक्ति को उद्योग रजिस्ट्रेशन करवाना होगा।

• गोबर गैस का प्लांट चालू करने के लिए व्यक्ति को पॉल्यूशन सर्टिफिकेट भी प्राप्त करना होगा।

• इसके अलावा उसके पास जमीन से संबंधित डॉक्यूमेंट और कमर्शियल बिजली के डॉक्यूमेंट भी होने चाहिए।

इसके अलावा भी कुछ आवश्यक डॉक्यूमेंट गोबर गैस प्लांट चालू करने के लिए आपको देने पड़ सकते हैं जिसकी इंफॉर्मेशन आपको उद्योग विभाग से प्राप्त हो सकती है।

गोबर गैस प्लांट जरूरी सामग्री (Raw Material)

• ईंट

• सीमेंट

• बजरी

• रेत

• पाइप

• काला पेंट

• गैस पाइप और बर्नर

गोबर गैस प्लांट बिजली की जरूरत (Required Electricity)

हर उस बिजनेस को चालू करने के लिए बिजली कनेक्शन की आवश्यकता होती है, जहां पर बिजली से चलने वाली मशीनें होती है। इसीलिए गोबर गैस प्लांट अगर आप स्टार्ट कर रहे हैं, तो आपको कमर्शियल बिजली कनेक्शन लेना पड़ेगा, ताकि बिजली का यूज़ कम हो। आपको बता दें कि, कमर्शियल बिजली कनेक्शन में सामान्य बिजली की तुलना में बिजली का बिल थोड़ा सा कम आता है।

गोबर गैस प्लांट मशीनरी और उपकरण (Machinery and Equipment)

गोबर गैस प्लांट को अच्छे से चलाने के लिए आपको कुछ आवश्यक मशीनरी और उपकरणों की व्यवस्था करनी पड़ेगी। इस प्लांट को चलाने के लिए जिन मशीनों की और उपकरणों की आवश्यकता पड़ती है, उनके नाम इस प्रकार हैं।

• Road weighbridge for weight

• Slurry preparation tank

• Roof top and four submersible agitator

• Agitator and pumps

• Field hand tools

• Pressure regulator

• Purification system

• Membrane compressor

• Receiver

• Gas storage tank

• Overflow tank

• Digester of double membrane

कहां से खरीदें –

ऊपर जितनी भी मशीनें दी गई है, उसे आप अपने लोकल मार्केट से खरीद सकते हैं और अगर यह मशीनें अथवा उपकरण आपको लोकल मार्केट से नहीं मिलती हैं, तो आप इंडियामार्ट जैसी वेबसाइट से इसके डीलर से संपर्क कर सकते हैं और थोक में इन मशीनों और उपकरणों को मंगा सकते हैं।

गोबर गैस प्लांट सेटअप (Setup)

गोबर गैस प्लांट को चालू करने के लिए सभी चीजों को इकट्ठा करने के बाद आपको इसका सेट अप करना है,जिसमें आपको फर्नीचर, बिजली कनेक्शन, ऑफिस, मशीन, वायरिंग और दूसरी चीजों का सेटअप करना होता है और इस प्लांट को स्टार्ट करना होता है। सभी सेटअप को करने में तकरीबन 1 साल का समय लग जाता है।

गोबर गैस प्लांट कैसे काम करता है (How it Works)

  1. जब आपका गोबर गैस प्लांट बनकर रेडी हो जाता है, तो उसके बाद आपको इसके अंदर गाय और भैंस का गोबर डालना होता है और उसके बाद आपको इसके अंदर पानी भी डालना होता है।
  2. आप जितना अधिक मात्रा में इसके अंदर गाय और भैंस का गोबर डालेंगे, आपको उतनी ही मात्रा में इसके अंदर पानी भी मिलाना होता है।
  3. यह पानी स्वच्छ भी हो सकता है अथवा आप इसके अंदर गंदा पानी भी डाल सकते हैं।
  4. इसके बाद इसमें जो गैस निकलने वाली पाइप होती है, उसका मुंह बंद कर दिया जाता है और इसे लगभग 10 दिन से लेकर 15 दिन तक ऐसे ही छोड़ दिया जाता है।
  5. इस प्रकार इन दिनों में गैस तैयार हो जाती है।
  6. गैस तैयार हो जाने के बाद आपको जितनी आवश्यकता हो, उतना ही गैस का इस्तेमाल करना चाहिए।

गोबर की सप्लाई की व्यवस्था (Gobar Supply)

अगर आपने अपना गोबर गैस प्लांट गाय और भैंस के गोबर को फेंकने की जगह के पास में स्थापित किया है या फिर गाय और भैंस के तबेले के पास में स्थापित किया है, तो आपको गोबर गैस प्लांट में गोबर डालने के लिए तीन पहिए वाली साइकिल की आवश्यकता पड़ेगी।अगर गोबर अधिक मात्रा में है,तो आपको ट्रैक्टर और ट्रॉली की आवश्यकता पड़ेगी। ट्रैक्टर और ट्रॉली दूर से भी गोबर लाने में सहायक होंगे।

गोबर गैस प्लांट से बिजली कैसे बनती है (How Electricity is Generated)

  1. ‌सबसे पहले गोबर को रोड वे ब्रिज का इस्तेमाल करके तौला जाता है और उसका वजन चेक किया जाता है। इसके बाद प्रोडक्शन के हिसाब से उतना ही गोबर यूज़ किया जाता है।
  2. इसके बाद इस गोबर को गोबर गैस प्लांट के टैंक में पानी और घोल के साथ मिलाया जाता है।
  3. गोबर गैस प्लांट में बने हुए गड्ढे में पहले से ही एजिटेटर और मोटर होती है। यहां पर मोटर की हेल्प से Slury को डिजास्टर तक भेजा जाता है।
  4. डिजास्टर में टोटल 4 सबमर्सिबल एजिटेटर लगे हुए होते हैं, जिनका इस्तेमाल अधिक से अधिक गोबर गैस प्रोडक्शन के लिए किया जाता है और इसके द्वारा ही ज्यादा से ज्यादा मीथेन का प्रोडक्शन होता है।
  5. डिजास्टर में जो रूफ होता है, उसके द्वारा  कच्चा माल प्योरीफिकेशन सिस्टम में जाता है।
  6. यह पुरीफिकेशन सिस्टम CO2 का अवशोषण करता है और ch4 को शुद्ध करके अलग करता है, जिसके बाद कार्बन डाइऑक्साइड को मीथेन से अलग करके कंप्रेसर की सहायता से सिलेंडर में डाल सकते हैं।
  7. जो मीथेन faisa तैयार होती है, उसे जनरेटर से एक पाइप के द्वारा कंप्रेसर से जोड़ देते हैं,जिससे गोबर गैस के द्वारा बिजली का इस्तेमाल पूरे प्लांट में किया जा सकता है।

गोबर गैस सिलेंडर में भरने की विधि (Method of Filling Cow Dung Gas in Cylinder)

गोबर गैस को सिलेंडर में भरने के लिए तैयार गैस को प्योरीफिकेशन सिस्टम में जाकर के ch4 से अलग कर दिया जाता है और उसके बाद कंप्रेसर की सहायता से तैयार गैस को सिलेंडर में भरा जाता है।

सावधानियां

आप जब गोबर गैस प्लांट का निर्माण करें,तो इस बात की सावधानी अवश्य रखें कि उसमें कहीं से भी लिकेज ना हो,वरना गैस बाहर निकल जाएगी।

आपको समय-समय पर अपने गोबर गैस प्लांट में लगी हुई गैस पाइप और दूसरे साधनों की जांच करते रहना चाहिए।

गोबर गैस प्लांट में गोबर डालने का और गोबर को बाहर निकालने का जो पाइप होता है,वह हमेशा ढक कर रखना चाहिए।

मिनी गोबर गैस प्लांट या बायोगैस क्या है (What is Mini Gobar Gas Plant)

मिनी का अर्थ होता है छोटा,इस प्रकार मिनी गोबर गैस प्लांट या फि‌र मिनी बायोगैस प्लांट का मतलब होता है छोटा गोबर गैस प्लांट अथवा बायो गैस प्लांट। अगर किसी व्यक्ति के पास गोबर गैस प्लांट को स्टार्ट करने के लिए ज्यादा फंड नहीं है, तो वह मिनी गोबर गैस प्लांट या फिर बायोगैस प्लांट भी स्थापित कर सकता है।

 इसमें बड़े गैस प्लांट की तुलना में गैस का प्रोडक्शन थोड़ा कम होता है,परंतु इसमें प्रोडक्शन कम होने के कारण गोबर भी कम लगता है।

घर पर गोबर गैस कैसे बनाएं (How to Make Gobar Gas at Home)

सामग्री –

• दो इनलेट(ज्यादा कैपेसिटी के लिए)

• एक आउटलेट

• दो ड्रम जिसमे digester होते है

• दोनों ड्रम को जोड़ने वाला कनेक्टर

• गैस होल्डर

• गोबर व अपशिष्ट

बनाने की विधि –

  1. घर पर गोबर गैस का निर्माण करने के लिए सबसे पहले व्यक्ति को 2 ड्रम लेने होते हैं।
  2. इन ड्रम में डाइजेस्टर होना चाहिए।इसमें से एक ड्रम बड़ा होना चाहिए और दूसरा ड्रम छोटा होना चाहिए।
  3. इसके बाद इन दोनों ड्रम में इनलेट सिस्टम देते हैं ताकि कैपेसिटी को इनक्रीस किया जा सके।
  4. इन दोनों ड्रम में एक आउटलेट भी होता है जहां से खराब चीजें बाहर निकलती है। दोनों ड्रम के इनलेट में आपस में जुड़े हुए होते हैं।
  5. इन्ही इनलेट की सहायता से ड्रम के अंदर गोबर और दूसरे सड़े गले पदार्थ पानी के साथ डालते हैं, जिसका अनुपात 1:1होता है।
  6. जैसे ही गोबर को इनलेड की सहायता से डाला जाता है वैसे ही वह ड्रम में चला जाता है और ड्रम के अंदर डाइजेशटर मौजूद होते हैं।
  7. इसी ड्रम में गोबर धीरे-धीरे सढ़ने लगता है और गोबर के सड़ने के कारण जो गैस बनती है, वह ड्रम को ऊपर की तरफ धकेलती है और ड्रम में गैस होल्डर लगे होते हैं।
  8. गैस होल्डर को कनेक्टर की सहायता से जोड़ करके जो गैस उत्पन्न होती है, उसे घरों में सप्लाई किया जाता है।

गोबर गैस प्लांट कुल लागत (Cost)

गोबर गैस प्लांट मे कितना इन्वेस्टमेंट होगा, यह इस बात पर डिपेंड करता है कि गोबर गैस प्लांट का साइज कितना है। अगर आपका गोबर गैस प्लांट बड़ा है, तो ज्यादा इन्वेस्टमेंट और छोटा है तो कम इन्वेस्टमेंट लगेगा। इसमें देखा जाएँ तो छोटे प्लांट में 10 हजार रूपये तक का खर्च आता है, वही अगर आप इसे बड़े रूप में शुर करते हैं तो इसमें आपको 50 हजार से लेकर 1 लाख रूपये तक का खर्च आ जाता है. इसमें लगने वाली लागत इस बात पर भी डिपेंड करती है कि इसमें लगने वाला रॉ मटेरियल आपको किस कीमत पर प्राप्त होता हैं, गोबर को लाने के लिए आपको कितने पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं, प्लांट को सेटअप करने में आपको कितना खर्चा करना पड़ेगा।

गोबर गैस प्लांट सब्सिडी (Gobar Gas Plant Subsidy)

गवर्नमेंट के द्वारा गोबर गैस पर जो अनुदान दिया जाता है,उसे ही सब्सिडी कहा जाता है। गोबर गैस के प्लांट में तकरीबन 60 परसेंट तक की सब्सिडी गवर्नमेंट के द्वारा इस प्लांट को चालू करने वाले व्यक्ति को मिलती है और बाकी का 40 परसेंट खर्चा व्यक्ति को खुद उठाना पड़ता है।

गोबर गैस बिजनेस में कमाई एवं फायदा (Gobar Gas Business Profit)

गोबर गैस प्लांट के द्वारा कितना फायदा हो सकता है, यह गोबर गैस प्लांट की साइज पर डिपेंड करता है। अगर आपका प्रोडक्शन 1 दिन में काफी अच्छा होता है, तो आपको बेहद मुनाफा इस बिजनेस से प्राप्त हो सकता है। जो लोग छोटा गोबर गैस प्लांट लगाते हैं, वह लोग महीने के तकरीबन ₹20,000 तक कमा लेते हैं। वही बड़ा प्लांट लगाने वाले लोग इससे 2 लाख रूपये तक की कमाई कर सकते हैं।

इसके अलावा जो गोबर गैस प्लांट बड़े होते हैं, उनके मालिक महीने में लाखों रुपए का मुनाफा भी कमा लेते हैं और यह मुनाफा साल होते होते करोड़ों में पहुंच जाता है।

FAQ

Q : गोबर गैस प्लांट से कौन सी गैस निकलती है?

Ans : मीथेन गैस

Q : गोबर गैस प्लांट में कौन सी गैस होती है?

Ans : कार्बन डाइऑक्साइड

Q : गोबर गैस कितने दिन में तैयार होती है?

Ans : सामान्य तौर पर गोबर गैस 10 दिन से लेकर 30 दिन के अंदर तैयार होती है।

Q : गोबर गैस प्लांट चालू करने में कितनी लागत लगती है?

Ans : इसमें लागत प्लांट के साइज के ऊपर और उपकरणों की खरीदी के दाम के तथा कुछ अन्य वस्तुओं पर निर्धारित होती है।

Q : गोबर गैस प्लांट पर कितनी सब्सिडी मिलती है?

Ans : 60% सब्सिडी गवर्नमेंट के द्वारा दी जाती है।

Q : गोबर गैस बिजनेस से कितना फायदा होता है?

Ans : अगर आपका प्रोडक्शन ज्यादा है तो आपको ज्यादा फायदा होगा। सामान्य तौर पर मीडियम साइज के गोबर गैस प्लांट से व्यक्ति महीने के ₹20000 तक कमा सकता है।

Q : घर पर बायोगैस कैसे बनाएं?

Ans : घर पर बायोगैस कैसे बनाते हैं,इसकी विधि हमने आपको ऊपर आर्टिकल में दे रखी है।इसलिए आर्टिकल को ध्यान से पढ़ें।

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