Wednesday , November 21 2018

पोस्‍ट ऑफिस की फ्रेंचाइजी कैसे खोले 

भारतीय पोस्‍ट ऑफिस (डाक विभाग) की फ्रेंचाइजी कैसे खोले  (India Post Franchise Scheme In Hindi)

भारतीय डाक विभाग ने हाल ही में अपनी फ्रेंचाइजी देने से जुड़ा हुआ एक नोटिफिकेशन जारी किया है . इस जारी किए गए नोटिफिकेशन के मुताबिक कोई भी भारतीय ‘इंडियन पोस्ट ऑफिस’ की फ्रेंचाइजी लेने के लिए आवेदन कर सकता है और पोस्ट ऑफिस यानी डाक विभाग की आउटलेट अपने राज्य या शहर में शुरू कर सकता हैं. इसलिए जो भी लोग फ्रेंचाइजी लेने की इच्छा  रखते हैं वो पोस्ट ऑफिस की फ्रेंचाइजी लेने के लिए अप्लाई कर सकते हैं. हालांकि चयन प्रक्रिया के तहत चुने गए आवेदनकर्ता को ही पोस्ट ऑफिस की फ्रेंचाइजी दी जाएगी और ये चयन फ्रेंचाइजी देने से जुड़े हुए नियमों और योग्यता के आधार पर किया जाएगा. 

पोस्‍ट ऑफिस की फ्रेंचाइजी

 

फ्रेंचाइजी टाइप्स (Types Of Franchises)

डाक विभाग द्वारा हर शहर में डाक सेवाएं स्थापित करने के उद्देश्य से दो प्रकार की फ्रेंचाइजी दी जाएगी, जिनमें से एक फ्रेंचाइजी काउंटर सर्विस से जुड़ी हुई है और दूसरी पोस्टल एजेंस से जुड़ी हुई है. इन दोनों प्रकार की फ्रेंचाइजी को लेने के लिए डाक विभाग द्वारा अलग-अलग नियम और क्वालिफिकेशन निर्धारित की गई हैं.

डाक विभाग फ्रेंचाइजी आउटलेट (post office Franchise Outlet Scheme)

काउंटर सर्विस से जुडी फ्रेंचाइजी केवल उन्हीं जगहों पर दी जाएगी, जिन जगहों पर भारतीय डाक विभाग द्वारा डाकघर खोले नहीं जा सकते हैं. दरअसल भारत में ऐसे कई शहर और इलाके हैं, जहां पर डाकघर नहीं हैं और इन्हीं इलाकों में फ्रेंचाइजी के जरिए डाकघर की आउटलेट खोलने का प्लान भारतीय डाक विभाग द्वारा बनाया गया है. ताकि इन इलाकों में डाक विभाग की काउंटर सर्विस खोलने से यहां के लोगों को भी डाकघर की सुविधा मिल सके.

आउटलेट फ्रेंचाइजी की विशेषताएं (Outlet Features)

  • डाक विभाग के तहत दी जाने वाली फ्रेंचाइजी में केवल काउंटर सेवाएँ ही उपलब्ध करवाई जाएगी, जबकि वितरण और संचरण की जिम्मेदारी पोस्ट विभाग के माध्यम से जारी रहेगी.
  • इस फ्रेंचाइजी का मॉडल केवल शहर के तेजी से विकासशील क्षेत्रों में जैसे कि महानगरों और उनके आसपास के कस्बों में लागू किया जाएगा.
  • जिन लोगों द्वारा फ्रेंचाइजी खोली जाएगी, उनकी फ्रेंचाइजी के कार्य का रिव्यू साल में दो बार डाक विभाग द्वारा लिया जाएगा. जिसमें से पहला रिव्यू फ्रेंचाइजी खुलने के 6 महीने के बाद होगा और दूसरा रिव्यू अगले छह महीने पूरे होने के बाद लिया जाएगा. फाइनल रिव्यू में अगर फ्रेंचाइजी का कार्य सही पाया जाएगा, तो उस फ्रेंचाइजी की अवधि को बढ़ा दिया जाएगा.
  • आउटलेट फ्रेंचाइजी के तहत आपकी कमाई कमीशन आधारित होगी. यानी जो सामान आप सेल करेंगे उस सामान को बेचने पर निर्धारित की गई कमीशन आपको दी जाएगी और ये कमीशन आपकी इनकम होगी.

फ्रेंचाइजी के तहत मिलने वाली कमीशन (Commission in Post Office)

पोस्ट विभाग के द्वारा उनके दिए गए सामानों की बिक्री पर जो कमीशन आपको दी जाएगी वो इस प्रकार हैं.

संख्यासेवाएंट्रांजेक्शन पर मिलने वाली कमीशन
1पंजीकृत आर्टिकल की बुकिंगतीन रुपए
2स्पीड पोस्ट आर्टिकल की बुकिंगपांच रुपए
3मनी ऑर्डर की बुकिंग-

100 रुपये से लेकर 200 रुपये के मूल्य के होने वाले मनी ऑर्डर की बुकिंग पर मिलने वाली कमीशन

200 रुपये से अधिक मूल्य की होने वाले मनी ऑर्डर की बुकिंग पर मिलने वाली कमीशन

 

 

3.50 रुपए

  

 

पांच रुपए

4हर महीने 1000 से ज्यादा रजिस्ट्री या स्पीड पोस्ट आर्टिकल पर 20 फीसदी अतिरिक्त कमीशन 
5डाक टिकटों और डाक

स्टेशनरी  और

मनी ऑर्डर के फॉर्म की बिक्री पर मिलने वाली कमीशन

बिक्री राशि का पांच प्रतिशत
6रिटेल सर्विस40 प्रतिशत

आप क्या क्या सामान बेच सकते हैं

पोस्ट ऑफिस का आउटलेट लेकर आप निम्नलिखित चीजों को बेच सकते हैं, और पैसे कमा सकते हैं-

1स्टाम्प और स्टेशनरी का सामान
2ई-गवर्नेंस प्रोजेक्ट
3पंजीकृत आर्टिकल
4स्पीड पोस्ट आर्टिकल
5बिल, टैक्स कलेक्शन का काम
6पेमेंट सर्विसेज बिजनेस
7पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस बिजनेस

 फ्रेंचाइजी लेने में आनेवाला खर्च (Franchise Cost)

  • इस फ्रेंचाइजी के लिए आपको 1 से 2 लाख खर्च करना पड़ सकता है. साथ ही पोस्ट विभाग द्वारा जिन लोगों का चयन फ्रेंचाइजी देने के लिए किया जाएगा, उनको सिक्योरिटी डिपॉजिटी भी जमा करवाना होगा. नियमों के मुताबिक पोस्ट विभाग ने न्यूनतम सिक्योरिटी डिपॉजिट की राशि पांच हजार रुपए निर्धारित की है.

भारतीय डाक विभाग के लिए कौन कर सकता है आवेदन  (Eligibility Criteria  for Indian Post Office )

  • नियमों के अनुसार, इस फ्रेंचाइजी लेने के लिए इच्छुक व्यक्तियों की मिनिमम आयु 18 साल तय की गई है, जबकि मैक्सिमम आयु की कोई सीमा नहीं है.
  • जिन व्यक्तियों ने कम से कम आठवीं कक्षा तक की पढ़ाई कर रखी है, केवल वो ही फ्रेंचाइजी लेने के लिए योग्य हैं.
  • कोई भी व्यक्ति इस तरह कि फ्रेंचाइजी लेने के लिए आवेदन करने के लिए योग्य है. यानी अगर कोई व्यक्ति किसी तरह का व्यवसाय करता है, तो भी वो फ्रेंचाइजी लेने के लिए योग्य है. हालांकि ये फ्रेंचाइजी शहरी, ग्रामीण और नए आगामी शहरी टाउनशिप में दी जाएंगी.
  • अगर कोई संगठन जैसे कि कॉलेज, पॉलिटेक्निक, विश्वविद्यालय, प्रोफेशनल कॉलेज भी पोस्ट ऑफिस की प्रेंचाइजी लेने के लिए आवेदन कर सकते हैं.
  • यदि आपके परिवार का कोई सदस्य आपके इलाके के डाक विभाग की डिवीजन में अगर कार्य करता है, तो आप उस एरिया की फ्रेंचाइजी लेने के लिए अप्लाई नहीं कर सकेंगे.
  • अगर कोई इंडिविजुअल इस फ्रेंचाइजी के लिए आवेदन करता है, तो उस व्यक्ति के साथ फ्रेंचाइजी लेने से जुड़ा हुआ समझौता किया जाएगा. वहीं अगर किसी संगठन द्वारा फ्रेंचाइजी लेने के लिए आवेदन किया जाता है तो उस संगठन के प्रमुख के साथ ये समझौता किया जाएगा.

डाक विभाग के लिए आवेदन कैसे करें (How To Apply for Post Office)

पोस्ट ऑफिस की फ्रेंचाइजी लेने के लिए ऑफलाइन मोड के जरिए आपको अप्लाई करना होगा और एक फॉर्म भरना होगा और उस फॉर्म को जमा करवाना होगा.

कहां से मिलेगा फॉर्म (India Post Franchise Application Form)

डाक विभाग की फ्रेंचाइजी लेने से जुड़ा हुआ फॉर्म आपको डाक विभाग की आधिकारिक वेबसाइट  https://www.indiapost.gov.in/VAS/Pages/Content/Franchise_Scheme.aspx

से जाकर डाउनलोड करना होगा. या फिर आप पोस्टल डिविशनल ऑफिस से जाकर भी फ्रेंचाइजी से जुड़ा हुआ फॉर्म ले सकते हैं.

फॉर्म भरने की प्रक्रिया (Process)

  • जो भी व्यक्ति पोस्ट ऑफिस की फ्रेंचाइजी लेने के लिए आवेदन करना चाहते हैं उन्हें https://www.indiapost.gov.in/VAS/DOP_PDFFiles/Franchise.pdf इस लिंक पर जाना होगा. और इस लिंक पर दिए गए ‘आवेदन सह फ्रैंचाइज़ी आउटलेट समझौता फॉर्म’ को डाउनलोड करना होगा और उसे भरना होगा.
  • इस फॉर्म में आवेदन करने वाले व्यक्ति का नाम, राष्ट्रीयता, जिस स्थान पर वो फ्रेंचाइजी का कार्य करना चाहता है, उसके घर का पता जैसी जानकारी भरनी होगी.
  • सभी जानकारियां भरने के बाद आपको ये फॉर्म उस एरिया के, पोस्ट डिविशनल ऑफिस के डाक विभाग के सुपरिन्टेन्डेन्ट के पास जमा करवाना होगा, जिस एरिया में आप अपनी फ्रेंचाइजी खोलना चाहते है.

महत्वपूर्ण दस्तावेज (Document)

पोस्ट ऑफिस की फ्रेंचाइजी लेने से जुड़ा फॉर्म भरते समय, आपको जन्म तिथि का प्रमाण, पैन कार्ड, घर के पते से जुड़े हुए दस्तावेजों की जरूरत पड़ेगी. इसलिए आप फॉर्म भरने से पहले इन सभी दस्तावेजों की फोटोकॉपी निकलवा लें, क्योंकि ये दस्तावेज आपको फॉर्म के साथ लगाने होंगे.

किस तरह से होगा चयन (Selection Process)

  • जिस एरिया में आप फ्रेंचाइजी लेना चाहते हैं, उस एरिया के संबंधित डिविजनल हेड को एएसपी / एसडीआई द्वारा एक रिपोर्ट सौंपी जाएगी और उस रिपोर्ट के आधार पर डिविजनल हेड उस व्यक्ति का चयन करेंगे, जो व्यक्ति फ्रेंचाइजी लेने के लिए काबिल होगा.
  • नोटिफिकेशन के मुताबिक एएसपी / एसडीआई द्वारा पोस्ट ऑफिस के डिविजनल हेड को ये रिपोर्ट, एप्लीकेशन में भरी गई जानकारी के आधार पर दी जाएगी. यानी जिन भी लोगों ने आवेदन के फॉर्म में जो अपनी जानकारी भरी होगी उसके आधार पर एएसपी / एसडीआई द्वारा रिपोर्ट बनाई जाएगी.
  • फ्रेंचाइजी लेने के लिए दी गई एप्लीकेशन के 14 दिनों के अंदर ही, उस एप्लीकेशन  की रिपोर्ट एएसपी / एसडीआई को डिविजनल हेड को सौंपनी होगी.
  • जिस व्यक्ति का चयन डिविजनल हेड द्वारा किया जाएगा, उस व्यक्ति को ‘मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट’ पर साइन करना होगा. ‘मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट’ में उस व्यक्ति के अलावा दो गवाहों द्वारा भी साइन किए जाएंगे. इसलिए आप ‘मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट’ पर साइन करने से पहले उसे अच्छे से पढ़ लें.
  • समझौते पर साइन करने के बाद आपको प्रेंचाइजी मिल जाएगी. हालांकि फ्रेंचाइजी शुरू करने से पहले उस व्यक्ति को पोस्ट ऑफिस में किस तरह से कार्य किया जाता है उससे जुड़ी ट्रेनिंग भी दी जाएगी.
  • जो लोग फ्रेंचाइजी लेने के लिए आवेदन करेंगे उनमें से उन लोगों को ही प्रेफरेंस दिया जाएगा, जो कि डाक पेंशनभोगी होंगे.
  • आवेदन करने वाले व्यक्तियों में से जिनको कंप्यूटर का अच्छा खासा ज्ञान होगा और जो कंप्यूटर सुविधाएं प्रदान करने में सक्षम होंगे उनको भी फ्रेंचाइजी देने के लिए प्रेफरेंस दी जाएगी.

फ्रेंचाइजी से जुड़ी ट्रेनिंग (Training)

  • जिन भी व्यक्तियों को फ्रेंचाइजी दी जाएगी उन्हें सबसे पहले ट्रेनिंग दी जाएगी और अगर उन व्यक्तियों की फ्रेंचाइजी किसी दूसरे व्यक्ति द्वारा संभाली जाएगी, तो ये ट्रेनिंग उसको दी जाएगी.
  • फ्रेंचाइजी से जुड़ी ट्रेनिंग कितने समय की होगी, किस समय दी जाएगी और किस स्थान पर दी जाएगी इसका चयन डिपार्टमेंट ऑफ पोस्ट द्वारा किया जाएगा.
  • अगर ये ट्रेनिंग किसी अन्य शहर में दी जाती है तो इस ट्रेनिंग के लिए उस शहर मे जाने और रहने का खर्चा डाक विभाग की और से नहीं दिया जाएगा.
  • फ्रेंचाइजी से जुड़ी हुई सारी ट्रेनिंग क्षेत्र के सब-डिवीजनल इंस्पेक्टर द्वारा दी जाएगी और ट्रेनिंग देते समय अगर किसी व्यक्ति का प्रदर्शन सही नहीं पाया जाएगा तो उसको दी गई फ्रेंचाइजी का अनुबंध खत्म कर दिया जाएगा. यानी जो भी व्यक्ति ये ट्रेनिंग लेने जाएंगे उन्हें ट्रेनिंग लेते समय अपना अच्छा प्रदर्शन करके दिखाना होगा.
  • ट्रेनिंग के दौरान, फ्रेंचाइजी शुरू करने वाले व्यक्तियों को बताया जाएगा की किस तरह से पोस्ट ऑफिस में कार्य किया जाता है, उत्पादों, सेवाओं, बुनियादी प्रक्रियाओं, परिसर की देखभाल किस तरह से की जाती.
  • ये ट्रेनिंग पास करने के बाद फ़्रेंचाइज़र अपनी फ्रेंचाइजी शुरू कर सकेंगे. डाक विभाग द्वारा इस तरह की ट्रेनिंग का आयोजन समय समय पर होता रहेगा .

मॉनिटरिंग (Monitoring)

  • जिन भी लोगों द्वारा फ्रेंचाइजी शुरू की जाएगी, उनके आउटलेट पर जाकर समय समय पर डाक विभाग के इंस्पेक्टर द्वारा मॉनिटरिंग की जाएगी और देखा जाएगा की उनके आउलेट पर सही से कार्य किया जा रहा है कि नहीं. इसलिए जिन भी लोगों को पोस्ट ऑफिस की फ्रेंचाइजी दी जाएगी उन लोगों को सही से कार्य करना होगा, क्योंकि अगर मॉनिटरिंग के दौरान इंस्पेक्टर द्वारा पाया जाता है कि आपकी आउलेट में सही तरह से कार्य नहीं किया जा रहा है तो आपके खिलाफ एक्शन लिया जा सकता है.
  • इंस्पेक्टर द्वारा ये मॉनिटरिंग हर महीने की जाएगी. वहीं कुछ समय बाद डाक विभाग द्वारा इलेक्ट्रॉनिक के जरिए भी निश्चित रूप से निगरानी करने की सुविधा जोड़ी जाएगी.

पोस्टल एजेंट फ्रेंचाइजी (Postal Agents)

पोस्टल एजेंट की फ्रेंचाइजी के तहत, डाक टिकटों और स्टेशनरी की बिक्री की जाएगी और ये सुविधा शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में शुरू की जाएगी. इसलिए इस फ्रेंचाइजी को लेने के लिए जो लोगो आवेदन करना चाहते हैं उन्हें शहरी और ग्रामीण इलाकों में से किसी एक इलाके का चयन करना होगा.

पोस्टल एजेंट योजना की मूलभूत विशेषताएं (Features) –

  • पोस्टल एजेंट योजना के तहत, पोस्टल एजेंट द्वारा केवल डाक टिकट और स्टेशनरी का सामान ही बेचा जा सकेगा.
  • पोस्टल एजेंट को समय समय पर अपने पास के डाक विभाग में जाकर डाक टिकट और स्टेशनरी को खरीदना होगा और डाक विभाग से इन्हें खरीदने के बाद उनको बेच सकेगा.

डाक एजेंट के चयन के लिए निर्धारित किए गए मानदंड (Eligibility Criteria) :

  • डाक एजेंट बनने के लिए कोई भी व्यक्ति या कोई भी संगठन अप्लाई कर सकता हैं और जिन लोगों का या संगठन का चयन डाक एजेंट के लिए कर लिया जाएगा उन्हें एक फोटो पहचान पत्र दिया जाएगा.
  • अगर किसी व्यक्ति के परिवार का कोई सदस्य पोस्ट ऑफिस में कार्य करता होगा तो वो व्यक्ति उस पोस्ट ऑफिस की उस डिवीजन का डाक एजेंट बनने के लिए योग्य नहीं होगा, जिसमें उसके परिवार का सदस्य काम करता होगा.
  • डाक एजेंट स्कीम के लिए केवल वो ही लोग अप्लाई कर सकते हैं जिनकी आयु 18 साल या उससे अधिक है. वहीं इस स्कीम के लिए अप्लाई करने के लिए कोई भी अधिकतम आयु सीमा नहीं बताई गई है.
  • इस स्कीम के लिए कोई भी शैक्षिक योग्यता निर्धारित नहीं की गई है. यानी अगर कोई व्यक्ति पढ़ा लिखा नहीं हैं तो वो भी इस स्कीम के लिए अप्लाई कर सकता है.

किस तरह से किया जाएगा चयन (Selection Process)

  • जो लोग डाक एजेंट बनना चाहते हैं उनको एक फॉर्म भरना होगा और इस फॉर्म को डाक विभाग में जमा करवाना होगा. जिसके बाद संबंधित मंडल प्रमुख द्वारा आवेदन के आधार पर पोस्टल एजेंट का चयन किया जाएगा.
  • जिन व्यक्तियों का चयन संबंधित मंडल प्रमुख द्वारा किया जाएगा उन व्यक्ति को एक फोटो पहचान पत्र दिया जाएगा. इस पहचान पत्र में उस डाक एजेंट का नाम और फोटो होगी.
  • ये फोटो पहचान पत्र एजेंट को संबंधित विभागीय प्रमुख के दफ्तर से लेना होगा और ये फोटो पहचान पत्र आपके द्वारा जमा करवाई गई आवेदन के एक हफ्ते के अंदर जारी कर दिया जाएगा.
  • जिन व्यक्ति का चयन पोस्टल एजेंट के लिए किया जाएगा उन व्यक्तियों को डाक विभाग के साथ किसी भी तरह का मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट साइन करने की जरूत नहीं होगी और ना ही किसी तरह का डिपोजिट जमा करवाने की आवश्यकता पड़ेगी. यानी बिना किसी निवेश के आप पोस्टल एजेंट बन सकते हैं.

दिया जाएगा फोटो पहचान पत्र

  • कोई इंडिविजुअल डाक एजेंट बनने के लिए अप्लाई करता है और अगर उसका चयन हो जाता है तो फोटो पहचान पत्र उस इंडिविजुअल के नाम पर जारी किया जाएगा.
  • अगर किसी संगठन द्वारा डाक एजेंट स्कीम के लिए आवेदन किया जाता है और उस संगठन का चयन अगर हो जाता है तो इस केस में उस संगठन के मुख्य या फिर उस संगठन के द्वारा इस कार्य को करने के लिए नॉमिनेट किए गए व्यक्ति के नाम पर कार्ड जारी किया जाएगा.

पोस्ट ऑफिस से हासिल करना होगा सामान

  • पोस्टल एजेंट बनने के बाद व्यक्ति को लिंक पोस्ट ऑफिस जाकर वहां से डाक टिकट और स्टेशनरी का सामान खरीदना होगा और एजेंट को ये सामान उपलब्ध करवाने की जिम्मेदारी लिंक पोस्ट ऑफिस के प्रभारी की होगी.
  • लिंक पोस्ट ऑफिस के प्रभारी को समय समय पर ये सुनिश्चित करना होगा कि उनके पोस्ट ऑफिस से जुडे हुए एजेंट को डाक टिकट और स्टेशनरी का सामान आसानी से उपलब्ध करवाया जा सके.
  • डाक टिकट और स्टेशनरी का सामान खरीदनें में जितना भी खर्चा आएगा वो पोस्टल एजेंट को खुद से करना होगा और इनको खरीदने में जो भी खर्चा आएगा उसका भुगतान केवल कैश के रूप में ही किया जाएगा. यानी आप किसी भी प्रकार का चेक देकर या फिर कार्ड के जरिए पेमेंट नहीं कर सकते हैं.
  • नियमों के अनुसार पोस्टल एजेंट को एक समय पर कम से कम 300 रुपए का सामान खरीदना होगी और ये सामान एजेंट को उसकी फोटो कार्ड को देखने के बाद ही दिया जाएगा.
  • जिस वक्त पोस्टल एजेंट सामान खरीदेगा उसी वक्त उसको उस सामान पर मिलने वाली कमीशन को भुगतान राशि से काट लिया जाएगा. यानी अगर आप 300 रुपए की डाक टिकट लेते हैं तो उस डाक टिकट पर मिलने वाली 5 प्रतिशत कमीशन को 300 रुपए में से काट लिया जाएगा और पोस्ट एजेंट को केवल शेष राशि का भुगतान करना होगा.
  • डाक एजेंट के द्वारा खरीदे गए टिकटों और अन्य सामानों का रिकॉर्ड, उस लिंक पोस्ट ऑफिस में रखा जाएगा, जिस लिंक पोस्ट ऑफिस से पोस्टल एजेंट द्वारा टिकट और अन्य सामान खरीदा जाएगा.
  • पोस्टल एजेंट द्वारा उसी एरिया में टिकटों और अन्य सामानों को बेचा जाएंगा, जो एरिया उसे अलॉट किया जाएगा. कोई भी पोस्टल एजेंट अपने एरिया के अलावा किसी अन्य एरिया में ये सामान नहीं बेच सकता है.

कितने समय के लिए दिया जाएगा लाइसेंस (License)

  • पोस्टल एजेंट को डिपाटमेंट ऑफ पोस्ट की और से पहले एक साल के लिए लाइसेंस दिया जाएगा. एक साल के दौरान अच्छा कार्य किए जाने पर ही पोस्टल एजेंट के लाइसेंस की अवधि को बढ़ाया जाएगा.
  • नियमों के मुताबिक एक साल के बाद लाइसेंस की अवधि को तीन साल के लिए बढ़ाया जाएगा. वहीं तीन साल की अवधि खत्म होने के बाद पोस्टल एजेंट की लाइसेंस की अवधि को तभी बढाया जाएगा, अगर उसके द्वारा सही से कार्य किया गया होगा. इसलिए आपको मिले हुए लाइसेंस की अवधि आपके कार्य पर निर्भर करती है.
  • डिपाटमेंट ऑफ पोस्ट के द्वारा किसी भी पोस्टल एजेंट के लाइसेंस को कभी भी खत्म किया जा सकता है. इसलिए आपको एजेंट बनने का कार्य जिम्मेदारी से और सही से निभाना होगा. क्योंकि आपकी एक गलती के कारण डिपाटमेंट ऑफ पोस्ट द्वारा आपका लाइसेंस रद्द किया जा सकता है.

आवेदन करने की प्रक्रिया ( How To Apply )

  • पोस्टल एजेंट बनने के लिए जो लोग आवेदन करना चाहते हैं उन्हें इस https://www.indiapost.gov.in/VAS/DOP_PDFFiles/Franchise.pdf लिंक पर जाना होगा.
  • ऊपर बताए गए लिंक पर जाकर, इस लिंक पर दिए गए आवेदन सह डाक एजेंट अनुबंध नामक फॉर्म का प्रिंट आउट निकालना होगा.
  • प्रिंट आउट निकालने के बाद आपको पोस्टल एजेंट से जुड़े हुए फॉर्म को भरना होगा और इस फॉर्म को भरने के बाद इसे पास के डाक विभाग में जमा करवाना होगा.
  • ऑनलाइन फॉर्म डाउनलोड करने के अलावा आप पोस्ट ऑफिस में भी जाकर इस फॉर्म को खरीद सकते हैं और इस फॉर्म को वहां ही भर कर जमा भी करवा सकते हैं.
  • ये फॉर्म आपको हिंदी भाषा या फिर आपकी राज्य भाषा में भी मिल जाएगा. इसलिए आपको जिस भाषा का ज्ञान है आप उस भाषा में इस फॉर्म को ले सकते हैं.
  • य़े फॉर्म जमा करवाने के बाद अगर आपका चयन डाक विभाग द्वारा पोस्टल एजेंट के लिए कर लिया जाता है तो आपको इसकी जानकारी दे दी जाएगी और आप पोस्टल एजेंट बन जाएंगे

भारतीय डाक विभाग के साथ कई लोग जुड़कर कार्य करना चाहते हैं इसलिए आप जितनी जल्दी हो सके डाक विभाग की फ्रेंचाइजी लेने के लिए अप्लाई कर दें. क्योंकि अगर आप से पहले किसी और व्यक्ति ने आपके एरिया में फ्रेंचाइजी लेने के लिए अप्लाई कर दिया होगा, तो आपके एरिया की डाक विभाग की फ्रेंचाइजी उसे मिल जाएगी.

अन्य पढ़े:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *