Wednesday , July 18 2018
अन्य व्यापार

एलआईसी एजेंट कैसे बनें | How to become a LIC Agent, Registration Procedure in Hindi

एलआईसी एजेंट कैसे बनें, इसकी प्रक्रिया, योग्यता एवं फायदे | How to become LIC Agent, Registration Procedure in Hindi

कौन होते हैं एलआईसी एजेंट (Who is LIC Agent in India)

भारत की एलआईसी बीमा कंपनी अपने व्यापार को बढ़ावा देने एवं अपनी बीमा सम्बन्धी योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए अपने एजेंट बनाती है. ये एजेंट कंपनी और क्लाइंट (ग्राहक) के बीच में एक मध्यस्थ की तरह कार्य करते हैं. वहीं कोई भी व्यक्ति अगर एजेंट बनना चाहे तो वो बन सकता है और पैसे कमा सकता है. लेकिन इसके लिए पहले आपको कंपनी के सामने अपनी योग्यता सिद्ध करनी पड़ती है, जिसके बाद ही एलआईसी द्वारा आपको कंपनी के एजेंट बनने का लाइसेंस दिया जाता है. लाइसेंस मिलने के बाद आप आधिकारिक तौर एलआईसी कंपनी के प्रतिनिधि (एजेंट) बन जाते हैं.

एल आई सी एजेंट

एलआईसी का पूरा नाम (full from of LIC)

एलआईसी ऑफ इंडिया को हिंदी में भारतीय जीवन बीमा निगम के नाम से जाना जाता है. वहीं अग्रेंजी भाषा में एलआईसी का पूरा नाम लाइफ इन्शुरन्स कारपोरेशन ऑफ इंडिया है. 

एजेंट बनने के लिए योग्यता की आवश्यकता (LIC agent eligibility)

  • अगर योग्यता की बात की जाए तो शिक्षा के साथ-साथ आपके पास लोगों से बात करने एवं उनकी सोच को अपनी बातों से बदलने की शक्ति होनी चाहिए. क्योंकि इसी की बदौलत आप इस व्यवसाय में आगे बढ़ सकते हैं. इसलिए सर्वप्रथम अपने आप को जांच लें कि क्या आपको दूसरे लोगों के साथ बात करने में आसानी होती है कि नहीं और आप दूसरों के सामने कितना अच्छा बोल सकते हैं. इसके साथ-साथ आप किसी को कितने जल्दी बीमा करवाने पर राजी कर पाते हैं.
  • आवेदक की शिक्षा की सीमा न्यूनतम 12th रखी गई है, लेकिन आवेदक के लिए जरूरी है कि उसने अपनी बारहवीं की पढ़ाई सरकार द्वारा प्रमाणित बोर्ड से ही की हो. वहीं योग्यता के लिए उच्चतम शिक्षा पर कोई प्रतिबन्ध नहीं है, मतलब बारहवीं के बाद की किसी भी स्ट्रीम (वर्ग) का छात्र या व्यक्ति एलआईसी एजेंट बनने के लिए आवेदन कर सकता है.
  • वहीं आयु की अधिकतम सीमा पर भी कोई नियम नहीं है लेकिन न्यूनतम आयु 18 वर्ष तो होनी ही चाहिए. यानी 18 साल पूरे करने के बाद ही कोई व्यक्ति एलआईसी एजेंट बनने के लिए आवेदन कर सकता है.
  • इनके साथ ही धैर्य एवं सकारात्मक सोच होना भी लाभदायक है, एलआईसी उन्हीं लोगों को अपना एजेंट बनती है, जो मार्केटिंग के क्षेत्र में ही अपना भविष्य बनाना चाहते हो.

एलआईसी एजेंट बनने की प्रक्रिया (Procedure to become a LIC agent in hindi)

  • एलआईसी एजेंट ऑफलाइन प्रक्रिया (LIC agent registration process )

ऑनलाइन पंजीकरण के बाद आपको अपने किसी करीबी एलआईसी के कार्यालय में जाकर आधिकारियों से संपर्क करना होगा. जहां पर आपके दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा. जिसके बाद वहां की शाखा के मैनेजर के द्वारा एक इंटरव्यू लिया जाएगा. हालांकि ऑनलाइन या ऑफलाइन किसी भी प्रक्रिया से आवेदन करने के बाद इस प्रक्रिया को करना पड़ता है. ऑफलाइन में आप पंजीकरण और सत्यापन दोनों प्रक्रिया एक साथ ही कर सकते हैं.

  • एलआईसी एजेंट ऑनलाइन पंजीकरण ( LIC agent recruitment online registration)

ऑनलाइन पंजीकरण के लिए आप इस लिंक https://agencycareer.licindia.in/agt_req/ पर जाकर सीधे पंजीकरण करा सकते हैं. इस पर क्लिक करने के बाद एक पेज खुलेगा और इस पेज पर आपसे आपकी ईमेल, नाम एवं पता, मोबाइल नंबर और जन्म दिन की तारीख पूछीं जाएगी. इसके बाद एलआईसी के कर्मचारी आपको फोन कॉल या ईमेल करते हैं. इस सम्पर्क के दौरान आपको आगे की प्रक्रिया एवं नियम एवं शर्ते समझायीं जाएंगी. ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया करने के बाद आपको सिर्फ शुरुआती जानकारी ही ऑनलाइन के जरिए मिल पाती है. जिसके बाद आपको अन्य जानाकरी प्राप्त करने के लिए एलआईसी के कार्यालय में जाना पड़ता है.

  • एलआईसी एजेंट प्रशिक्षण (LIC agent training online)

अगले चरण में आपकी योग्यता और क्षमता को परखा जाएगा. उसके बाद अगर आप शाखा प्रबंधक (ब्रांच मैनेजर) के द्वारा लिए गए इंटरव्यू में पास होते हैं, तो आपको किसी पास के एजेंसी प्रशिक्षण केंद्र में ट्रेनिंग (प्रशिक्षण) के लिए भेजा जाएगा. हालांकि इस ट्रेनिंग को आप ऑनलाइन भी ले सकते हैं. इस प्रशिक्षण का समय मात्र 25 घंटे का ही होता है.

  • आईआरडीए (इन्शुरन्स रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी) ऑनलाइन परीक्षा (LIC agent online exam registration)

प्रशिक्षण के दौरान आपने क्या सीखा एवं आप बीमा एवं पॉलिसीस के बारे में क्या जानते हैं, इसको परखने के लिए आईआरडीए (बीमा विनियामक विकास प्राधिकरण) ऑनलाइन परीक्षा का आयोजन किया जाएगा. आपको आगे की प्रक्रिया में तभी शामिल किया जाएगा जब आप इस परीक्षा में कम से कम 35 प्रतिशत अंक हासिल कर लेंगे.

  • एलआईसी एजेंट लाइसेंस का मिलना (LIC agent license)

इन सभी प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद आपको आईआरडीए द्वारा आपको इन्शुरन्स एजेंट घोषित कर दिया जायेगा. जिसके बाद आपको लाइसेंस एवं लॉगिन आईडी दी जाएगी. लाइसेंस मिल जाने के बाद आप आधिकारिक तौर पर एलआईसी के एजेंट बन जाएंगे.

एलआईसी एजेंट बनने के लिए आवश्यक दस्तावेज (Required Documents)

  1. एलआईसी एजेंट बनने के लिए आपको कुछ दस्तावेज जमा कराने होंगे, जिनमें सबसे पहले आपकी 3 छोटी पासपोर्ट साइज की फोटो मांगी जाएंगी. जिसमें से एक फोटो का इस्तेमाल आपके आईडी कार्ड को बनाने में किया जाएगा.
  2. आपकी जन्म की तारीख की जांच करने के लिए आपसे जन्म प्रमाण पत्र या फिर आपकी 10वीं कक्षा की मार्कशीट की फोटोकॉपी मांगी जा सकती हैं. इसके साथ ही आप से आपकी 12 वीं कक्षा की मार्कशीट की फोटोकॉपी भी मांगी जाएगी. जिसके जरिए आपके शिक्षा स्तर का पुष्टिकरण किया जाएगा. अगर कोई स्नातक है तो वो अपनी डिग्री भी लगा सकता है.
  3. पहचान पत्र के तौर पर आप वोटर आईडी, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस या आधार कार्ड की प्रतिलिपी यानी की फोटोकॉपी लगा सकते हैं. जबकि निवास के प्रमाण के लिए आपको राशन कार्ड, बिजली का बिल, बैंक स्टेटमेंट या फिर सरकार द्वारा प्रमाणित निवास प्रमाण पत्र भी जमा करा सकते हैं. अगर आप निवास एवं पहचान के लिए एक प्रमाण पत्र देना चाहते है तो पासपोर्ट या ड्राइविंग लाइसेंस जमा की कॉपी जमा कर दें.
  4. अक्सर देखा जाता है कि जब आप किसी भी कंपनी में काम करने के लिए जाते हैं तो पैन कार्ड अवश्य मांगा जाता है, ऐसे ही एलआईसी एजेंट बनने के लिए आवश्यक दस्तावेजों में पैन कार्ड की मांग की जाती है.

एलआईसी एजेंट बनने के फायदे (benefits of becoming a LIC agent)

  • अतिरिक्त आय की तरह

अगर आप अपनी एक जॉब से कम पैसा कमा पाते है, तो एलआईसी का एजेंट बनना आपके लिए अतिरिक्त आय का अच्छा स्रोत बन सकता है. इसके लिए आपको अपनी मौजूदा जॉब छोड़ने की जरुरत नहीं पड़ती है. इसको आप अपने हिसाब से समय देकर कर सकते हैं, क्योंकि इसमें काम करने का समय आप खुद से ही निश्चित करते हैं.

  • स्थायी नौकरी के तौर पर

वहीं अगर आपको लगता है कि आप इस क्षेत्र में ही इतना कमा सकते हैं या कामने लगे है, जिससे आपके सारे जरूरी खर्च पूरे हो सकते हैं. तो फिर आप इसको अपनी परमानेंट नौकरी की तरह भी चालू रख सकते हैं. इसका सबसे बड़ा फायदा यही है कि आप जब चाहें तब काम करें जब चाहें ना करें कोई आपसे सवाल नहीं करेगा.

  • कमिशन और बोनस (how much commission does a LIC agent get)

यदि कोई ग्राहक आपके द्वारा अपना बीमा करवाता है तो आपको पहले साल में 2 प्रतिशत से लेकर 25 प्रतिशत तक कमीशन मिलता है. हालांकि ये राशि शर्तों और पालिसी के हिसाब से बदलती रहती है. इतना ही नहीं आपको ये कमीशन बीमा के परिपक्व होने तक मिलता रहता है. लेकिन कमीशन का प्रतिशत थोड़ा-थोड़ा घटता रहता है. जो कि दूसरी साल में घटकर लगभग 2 से 7.5 प्रतिशत तक पहुंच जाती है. नियम के अनुसार कमीशन का प्रतिशत हर साल थोड़ा थोड़ा ही घटता है.

  • एलआईसी एजेंट का वेतन (LIC agent salary)

एलआईसी एजेंट बनने के बाद कोई वेतन नहीं मिलता है, लेकिन कमीशन के जरिए आप अनगिनत पैसा कमा सकते हैं. आंकड़ों के अनुसार कई टॉप एलआईसी एजेंट एक साल के अंदर करोड़ रूपए तक कमा लेते हैं. सीधे शब्दों में कहा जाए तो आप जितने ज्यादा बीमा ग्राहक कंपनी को दिलवाते हैं, उतनी ही आपकी आय बढ़ती है, जो कि कमीशन और बोनस के रूप में प्राप्त होती है.

  • संवाद करने में सुधार

इस नौकरी के जरिए आपको अपनी पर्सनालिटी को संवारने का भी मौका मिलता है, क्योंकि आप कम समय में ही तरह-तरह के लोगों से मिल लेते हैं. इतना ही नहीं आपको आर्थिक सूझबूझ का भी अच्छे से ज्ञान हो जाता है. जिससे आप अपनी एवं परिवार की आर्थिक समस्याओं से आसानी से निपटने के काबिल बन जाते हैं.

  • ग्रेच्युटी या पेंशन का लाभ

जब एक बार आप एलआईसी के एजेंट बन जाते हैं तो कंपनी आपके बारे में हर तरह से सोचना शुरू कर देती है. जिसका फायदा आपको रिटायर्ड होने के बाद पेंशन के रूप में मिलता हैं. ये ग्रेच्युटी का पैसा आपको 60 या 65 की उम्र पर करने के बाद ही मिलता है, इस राशि को स्वावलम्बन और संवर्धन योजना के जरिए के जरिए प्राप्त किया जाता है. लेकिन ग्रेच्युटी को पाने के योग्य बनने के लिए आपको कम से कम 15 वर्षों तक बीमा कंपनी के लिए लगातार काम करना होगा. इतना ही नहीं इस राशि की अधिकतम सीमा को 2 लाख रुपय रखा गया है.

एलआईसी एजेंट बनने के नुकसान (Disadvantages of becoming a LIC agent)

बीमा बेचने का लक्ष्य (LIC agent target per year 2018)

जैसे की हर मार्केटिंग की जॉब करने के लिए आपको एक टारगेट यानी की लक्ष्य पाना होता है. उसी तरह से एलआईसी में भी एमबीजी यानि मिनिमम बिज़नेस गारंटी होती है, जिसके तहत आपको न्यूनतम टारगेट 6 लाइव्स के साथ 50 हजार का प्रीमियम पूरा करना होता है, या फिर कुल मिलाकर 1 लाख का प्रीमियम. इसके साथ आप तीसरे तरीके से 12 लाइव्स को बचाना पड़ता है. लाइव्स का मतलब होता है कि अपने जो बीमा कराएं हैं उनको बंद होने से बचाना है. मतलब समय पर अपने ग्राहक से पैसा जमा कराना आपकी जिम्मेदारी होगी और ये लक्ष्य बीमा एजेंसी के सिर्फ एक साल के लिए होता हैं. सीधी बात है अगर आपको अपना लाइसेंस बचाना है तो कंपनी का दिया हुआ लक्ष्य पूरा करना ही पड़ेगा, वरना आपको असक्रिय एजेंट मान लिया जायेगा.

असुरक्षित करियर

एलआईसी एजेंट बनने के बाद भी आपको कोई निश्चित वेतन नहीं मिलता है, जिस वजह से आपको हमेशा नए ग्राहक ना मिलने की चिंता रहेगी. क्योंकि कंपनी का टारगेट तो हर साल पूरा करना होता है. इसके साथ-साथ करियर में अच्छा मुकाम मिलने की सम्भावना कम ही होती है, ऊपर से कब आपकी आय शून्य हो जाए कोई भरोसा नहीं है.

एलआईसी एजेंट बनने के बाद क्या करना होता है

  • यदि आप इसके एजेंट बन जाते है तो आपको नए लोगों से मिलकर उन्हें अपनी कंपनी की पॉलिसी एवं योजनाओं का पूरा विवरण देना होता है, उदाहरण के तौर पर आपको लोगों को स्वास्थ्य बीमा, जीवम बीमा एवं बचत योजना के बारे में समझाना होगा. इसके साथ-साथ कोशिश करनी होती है कि ग्राहक को कंपनी की सभी शर्ते अच्छे तरीके पता चल जाएं. जिससे आगे की प्रक्रिया में कभी कोई समस्या ना आ सके और क्लाइंट को किसी भी प्रकार से कोई परेशानी ना उठानी पड़े.
  • एजेंट बनने के बाद आपको ऐसे लोगों को ढूढ़ना पड़ता है जो बीमा करवाना चाहते हैं, दूसरे शब्दों में कहें तो आपको लोगों के पास जाकर उन्हें बीमा करवाने के लिए राजी करना होता है. इसके बाद उनके दस्तावेज एवं अन्य कार्यों की जिम्मेदारी भी आपकी होती है.
  • इतना ही नहीं आपको बीमा करवाने वाले ग्राहक द्वारा जमा करने वाले पैसे एवं किश्तों का लेखा जोखा भी रखना पड़ता है. इसके अलावा ग्राहकों के पैसे को लेकर एलआईसी के कार्यालय में जाकर जमा करना होता है. आपको ऐसा हर महीने या वार्षिक के हिसाब से करना होगा, हालांकि ये बीमा लेने वाले के ऊपर निर्भर करता है कि वो अपनी किश्तें महीनें में देगा की वार्षिक में देगा.

निष्कर्ष (conclusion)

भारतीय जीवन बीमा निगम एक अच्छी कंपनी है इसलिए इसमें काम करने से बहुत कुछ सीखने को मिलता है. इसमें कोई शक नहीं है कि इस करियर में कदम रखना खतरे से खाली नहीं है. लेकिन ये भी सच है कि जिसमें जितना खतरा होता है उपलब्धियां भी उतनी बड़ी होती है. सीधे तौर पर कहा जाए तो एलआईसी एजेंट बनने से पहले आपका ये जानना जरूरी है की आपकी दूसरों को अपनी बात समझाने एवं मनाने की शक्ति कितनी अच्छी है. क्योंकि यहीं टैलेंट आपको एक सफल एजेंट बना सकता है. इतना ही नहीं ये जॉब आपको आर्थिक और मानसिक रूप से मजबूत बनने का अवसर देती है और आप अपने जीवन में आने वाली चुनौतियों से आसानी लड़कर जीतने के काबिल बन जाते हैं. अगर इसके टारगेट की बात करें तो आप थोड़ी मेहनत करके आसानी से पूरा कर सकते हैं. क्योंकि भारतीय जीवन बीमा निगम भारत की सबसे भरोसेमंद बीमा पॉलिसी बेचने वाली कंपनी है, जो कि भारत सरकार द्वारा एक सितंबर, 1956 को स्थापित की गई थी.

अन्य नए व्यापार शुरू करने के बारे में पढ़े:

One comment

  1. Required the details of Budgetary Quotation please.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *