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व्यापार शुरू करने महिला समृद्धि योजना के तहत लोन कैसे लें |Mahila Samriddhi Loan Scheme In Hindi

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2. बिज़नेस शुरू करने के लिए महिला समृद्धि योजना के तहत लोन कैसे प्राप्त करें (Mahila Samriddhi Scheme or MSY Features, Benefits, how to apply, application document in Hindi)

आज महिलाएं केवल गृहणी बनकर नहीं रह गई हैं, बल्कि आज छोटा ही सही पर महिलाएं खुद का रोजगार कर रही हैं. कोई भी क्षेत्र हो महिलाओं के योगदान पुरुषों से कम नहीं है. ऐसे में यदि देश में कुछ महिलाएं जोकि, पिछड़े वर्ग से संबंध रखती हैं, उनके लिए आर्थिक रूप से कमजोर होने की वजह से अपने सपने पूरे करना मुश्किल हो जाता है. किन्तु केंद्र सरकार ने उद्यमी महिलाओं की मदद करने के लिए ‘महिला समृद्धि योजना’ की शुरुआत की हैं, जिसके तहत उन्हें लोन प्रदान किया जायेगा. यह योजना महिलाओं के लिए एक माइक्रोफाइनेंस योजना हैं. इस लोन योजना के माध्यम से महिला लाभार्थी को अपना सपना पूरा करने में मदद मिलेगी. आइये इसकी जानकारी हम आपको इस लेख में देते हैं.

महिला समृद्धि योजना का उद्देश्य (Mahila Samriddhi Scheme Objectives)

इस माइक्रो फाइनेंस योजना का मुख्य उद्देश्य यह हैं, कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों की आर्थिक रूप से कमजोर एवं पिछड़े वर्ग से संबंध रखने वाली छोटी उद्यमी महिलाओं की माइक्रो फाइनेंस की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग वित्त और विकास निगम (एनबीसीएफडीसी) द्वारा उन्हें लोन प्रदान किया जायेगा. यह लोन महिलाओं को सीधे या स्वयं सहायता समूह (एसएचजी’स) के माध्यम से प्रदान किया जाना हैं.

स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) क्या हैं ? (What is SHG ?)

गरीब लोगों के आर्थिक रूप से समान जाति और संबंधित समूह ने अपनी इच्छा से स्वयं सहायता समूहों का गठन किया हैं, ताकि वे अपने सदस्यों के कॉमन फंड्स की बचत कर सकें.

चैनल पार्टनर्स क्या हैं ? (What is Channel Partners ?)

चैनल पार्टनर्स जोकि अपने क्षेत्र के अधिकारीयों के माध्यम से एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, वे स्वयं सहायता समूह बनाने में टारगेट किये गये पिछड़े एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को प्रोत्साहित करते हैं. और इस योजना के तहत वित्तीय सहायता प्रदान करते हैं. इस योजना में चैनल पार्टनर्स राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग वित्त और विकास निगम (एनबीसीएफडीसी) हैं.

स्वयं सहायता समूह में सदस्यों की संख्या अधिकतम 20 निर्धारित की गई है. जिसमें प्रत्येक स्वयं सहायता समूह में 60 प्रतिशत पिछड़े वर्ग से सम्बंधित लोग होंगे और बाकी के 40 प्रतिशत कमजोर वर्ग के लोग शामिल होंगे, जोकि एससी या विकलांग या अल्पसंख्यक में से हो सकते हैं.

बिज़नेस के लिए महिला समृद्धि योजना की विशेषताएं एवं लाभ (Mahila Samridhi Yojana Features and Benefits)

  • निम्न जाति एवं पिछड़े वर्ग के लोगों को मदद :- इस योजना को शुरू कर केंद्र सरकार निम्न जाति एवं पिछड़े वर्ग से संबंध रखने वाली महिला उद्यमियों की मदद करना चाहती हैं.
  • महिला उद्यमियों को बढ़ावा देना :- इस योजना के माध्यम से केंद्र सरकार द्वारा देश में महिला उद्यमियों को बढ़ावा दिया जा रहा हैं. इससे इस क्षेत्र में महिलाओं की संख्या में वृद्धि होगी और वे आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनेंगी, साथ ही उनमें आत्म – विश्वास भी बढ़ेगा.
  • रोजगार के अवसर में वृद्धि :- महिला उद्यमियों को मिलने वाली इस सहायता के माध्यम से महिलाओं में और भी अधिक रोजगार के अवसर पैदा होंगे.
  • योजना की देखरेख :- इस योजना की देखरेख भारत सरकार के सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण विकास मंत्रालय के द्वारा की जा रही हैं.
  • निवेश :- इस योजना में लाभार्थी महिलाओं को लगभग 2 लाख रूपये तक की कीमत के प्रोजेक्ट पर कोई भी राशि का भुगतान नहीं करना हैं.
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