Sunday , November 18 2018

तेल की मिल का व्यापार कैसे शुरू करें | How To Start Oil Mill Business In Hindi

तेल की मिल का व्यापार कैसे शुरू करें (How To Start Oil Mill Business, raw material, machine In Hindi

तेल का इस्तेमाल लोगों द्वारा खूब किया जाता है, जिसके कारण विभिन्न प्रकार के तेलों की मांग काफी अधिक रहती है. हमारे देश में ये व्यापार काफी कामयाब है, इसलिए आप चाहें तो तेल बेचने का व्यापार शुरू कर सकते हैं और एक व्यापारी बन सकते हैं. हालांकि तेल की मिल खोलने से पहले आपको ये अच्छे से पता होना चाहिए, कि किस तरह से मिल को खोला जाता है और किस प्रकार के बीजों से तेल निकाला जाता है.
oil mill Business

बाजार में बिकने वाले तेल (Type of oil in Market)

भारत के हर घर में खाना बनाने के लिए कई तरह के तेलों का प्रयोग किया जाता है, जहां कुछ लोग सरसों के तेल में खाना बनाते हैं, तो कुछ जैतून के तेल में. जबकि तिल के तेल का उपयोग  करने और बालों में लगाने के लिए किया जाता है. इस तरह से अन्य प्रकार के तेलों का भी खूब इस्तेमाल घरों में होता है. यानी इस व्यापार को शुरू करते समय आपके पास कई तरह के तेलों की मिल को खोलने के ऑप्शन होंगे.

क्या होती है तेल की मिल (What is Oil Mill)

तेल की मिल के जरिए बीजों को पीसकर उनका तेल निकाला जाता है और फिर उस तेल को बोतलों में पैक करके बेचा जाता है. हालांकि मिल शुरू करने से पहले आपको कई तरह की मशीनों को खरीदना होगा और ये तय करना होगा कि आप कौन सा तेल बाजार में बेचना चाहते हैं और किस तेल की मिल को शुरू करना चाहते हैं, जैसे कि सरसों का तेल, जैतून का तेल, तिल का तेल इत्यादि.

व्यापार का स्तर

  • किसी भी प्रकार की मिल में हर रोज मैट्रिक टन के हिसाब से तेल निकाला जाता है और इस व्यापार को आप लघु स्तर उद्योग, मध्यम स्तर उद्योग और बड़े स्तर उद्योग में शुरू कर सकते हैं.
  • तेल निकालने वाली मिलों में हर रोज 5 से लेकर 10 मीट्रिक टन तेल निकाला जाता है वो लघु स्तर उद्योग के अंतर्गत आती हैं, जिस मिल में 10 से लेकर 50 मीट्रिक टन तेल निकाला जाता है, वो माध्यम स्तर उद्योग के अंदर आती हैं और जो मिल 50 मीट्रिक टन से अधिक तेल निकालती हैं वो बड़े स्तर उद्योग के अदंर आती हैं.

तेल की मिल के लिए कच्चा माल (Raw Material for oil Mill) –

सरसों, सूरजमुखी, कपास और इत्यादि बीजों में से आप जिस भी बीज का तेल निकालना चाहते हैं, आपको उस बीज को बीज बेचने वाले दुकानदार से या फिर किसी किसानों से खरीदना होगा.

आप चाहें तो बाजार से इन बीजों को खरीदने की जगह, इनका पौधा खुद लगाकर भी बीज हासिल कर सकते हैं. हालांकि खुद से बीज उगाने में आपको थोड़ा समय लग सकता है.

व्यापार के लिए मशीनें (Equipment for oil business)

कई तरह की प्रक्रियाओं के बाद बीज से तेल निकाला जाता और हर प्रक्रिया के दौरान अलग तरह की मशीन का इस्तेमाल किया जाता है, जैसे कि स्क्रू एक्सपेलर, कुकर और फ़िल्टर प्रेस मशीन का इस्तेमाल अलग अलग चरणों में किया जाता है.

वहीं आप अपने तेल निकालने के व्यापार को करने के लिए पूरी तरह से स्वचालित मशीन का इस्तेमाल कर सकते हैं या फिर अर्द्ध स्वचालित मशीन के जरिए भी तेल निकाल सकते हैं.  इन मशीनों को आप https://dir.indiamart.com/impcat/oil-extraction-machine.html, https://www.alibaba.com/showroom/oil-extraction-machine.html और https://www.tradeindia.com/Seller/Machinery/Oil-Extraction-Machine/ लिंक पर जाकर खरीद सकते हो. वहीं इन मशीनों के दाम इनकी गुणवत्ता के हिसाब से निर्धारित किए जाते हैं.

तेल निष्कर्षण की प्रक्रिया (Oil extraction process)

तेल निष्कर्षण की पूरी प्रक्रिया कई चरण में की जाती है और मशीन की मदद से किसी भी प्रकार के बीजों से तेल निकाला जाता है.

  • सही बीज का चुनाव करना (seed Selection)– जिस भी बीज का तेल आप निकालना चाहते हैं वो बीज एकदम सही होना चाहिए. इसलिए इन्हें खरीदते समय ये जरूर देख लें कि वो टूटा ना हो, ना ही सूखा हुआ हो और केवल उन्हीं बीजों को चुने जिनकी गुणवत्ता अच्छी हो.
  • गंदगी को साफ करना (Precleaning) – किसी भी चीज से उसका बीज निकालते समय बीज में कई तरह के पत्थर, मिट्टी और इत्यादि चीजे भी मिल जाती हैं. इसलिए इनसे तेल निकालने से पहले आपको इनमें से इस प्रकार की चीजों को निकालना होगा. क्योंकि अगर बीजों के साथ पत्थर और मिट्टी जैसी चीजे पिस जाएगी, तो उससे तेल की गुणवत्ता खराब होगी, साथ में ही आपकी मशीन में भी ये पत्थर फंस सकते हैं, जिसके चलते मशीन भी खराब हो सकती है. इसलिए एक बार अच्छे बीज का चयन करने के बाद उन्होंने जरूर साफ कर लें. वहीं आप इन बीजों को हाथ से साफ करवा सकते हैं या फिर  मशीन की मदद से भी इन्हें साफ कर सकते हैं.
  • डिकॉर्टीसेशन (Decortication) – बीजों में मौजूद भूसे को इस प्रक्रिया के दौरान साफ किया जाता है और ऐसा करने के लिए ब्लोइंग एयर (Blowing air) का सहारा लिया जाता है. वहीं बीजों में से भूसे को निकालने के बाद उनकी कंडीशनिंग की जाती है.
  • बीज की कंडीशनिंग – बीज की कंडीशनिंग करने से उससे अधिक तेल निकलता है और इस प्रक्रिया के तहत इन्हें रोलर्स के अंदर डाला जाता है. दरअसल रोलर्स के अंदर से गुजरने के चलते बीज की कोशिकाए तेल को अवशोषित (absorbed) कर लेती हैं और इनमें सूक्ष्म तेल की बूंदें एकजुट हो जाती हैं, जिसके चलते बीज से आसानी और तेजी से तेल निकाला जा सकता है.
  • बीज को गर्म करना – कंडीशनिंग के बाद आपको बीज को गर्म करना होता है, ताकि उसमें मौजूद सभी प्रकार के जीवाणु खत्म हो सकें. हालांकि हर बीज के लिए अलग तरह के नमी की स्थिति और तापमान की जरुरत पड़ती है. इसलिए आप जिस बीज से तेल निकाल रहें होंगे, उस बीज के गुण के हिसाब से आपको तापमान तय करना होगा.
  • तेल निकालना- ऊपर बताई गई प्रक्रिया से गुजरने के बाद, बीजों से तेल निकाला जाता है और इस प्रक्रिया के अंदर इन्हें मशीन में डाला जाता है और मशीन द्वारा इन्हें पीसा जाता है. इसको पीसने के दौरान इनमें से जो तेल निकलता है, वो एक जगह इकट्ठा कर लिया जाता है.
  • छानने का काम (filtration)- निकाले गए तेल के अंदर पीसे हुए बीज के कुछ अवशेष रह जाते हैं. इसलिए तेल निकल जाने के बाद उसे छाना जाता है, ताकि वो पूरी तरह से साफ हो सके. तेल को साफ करने के बाद भी उसमें कई प्रकार के रासायनिक पदार्थ मौजूद होते हैं, जिन्हें रासायनिक प्रक्रिया के अंदर साफ किया जाता है.

ऊपर बताई गई सभी प्रक्रिया को पूरा करने के बाद आपका तेल बाजार में बेचने के लिए तैयार हो जाता है और आप इन्हें बोतलों में भरकर बेच सकते हैं. वहीं आपको किसी व्यापारी से इन बोतलों को बनवाना होगा और साथ में ही आपको इन बोतलों पर लेबलिंग भी करवानी होगी.

लाइसेंस और प्रमाणीकरण (Licenses And Certification) –

तेल की मिल शुरू करने से पहले आपको कई तरह के लाइसेंस और प्रमाणीकरण की जरूरत पड़ती है और लाइसेंस और प्रमाणीकरण मिलने के बाद ही आप अपने तेल को बाजार में बेच सकते हैं. भारत सरकार द्वारा खाने की चीजों से जुड़े दो प्रकार के लाइसेंस दिए जाते हैं. जिनमें से एक लाइसेंस भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा दिया जाता है और दूसरा लाइसेंस एफएसएसएआई द्वारा दिया जाता है. इसके अलावा इस व्यापार को आप जिस राज्य में शुरू कर रहे हैं, उस राज्य की सरकार से भी कई प्रकार के लाइसेंस आपको प्राप्त करना पड़ सकता हैं.

लोकेशन (location for business)

आप अपनी मिल को उस जगह पर खोलें, जहां पर ट्रांसपोर्टेशन की सुविधा अच्छी हो और कच्चे माल को फैक्ट्री तक पहुंचाने में ज्यादा समय ना लगे और ट्रांसपोर्टेशन में आपका ज्यादा खर्चा भी नहीं आएं. इसके अलावा अगर आप अपनी फैक्ट्री खोलने के लिए जगह की तलाश कर रहे हैं तो आप अपने शहर की किसी लोकल साईट में देख सकते है, कि किन जगहों पर फैक्ट्री किराए पर दी जा रही है.

बिजनेस प्लान तैयार करना (Business Plan)

मिल को शुरू करने से पहले आपको एक बिजेनस प्लान भी तैयार करना होगा और उस प्लान में आपको मिल को कैसे खोला जाता है और इस व्यापार के साथ जुड़े जोखिमों के बारे मे लिखना होगा. ताकि आपको पता चल सके, कि किस तरह से इस व्यापार को सफलतापूर्वक चलाया जा सकता हैं.

मिल को शुरू करने से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें –

  • तेल को फ़िल्टर किए जाने के बाद वो केवल 18 महीने तक सही रहता है. इसलिए आपको तेल को बेचने का नेटवर्क अच्छे से तैयार करना होगा. ताकि जैसे ही आपका तेल बनकर तैयार हो जाए, तो आप तुरंत उसको थोक व्यापारियों के जरिए बाजार में बेच सकें.
  • जिन लोगों को आप कार्य पर रखेंगे, उन्हें आपको कुछ दिनों तक तेल किस तरह से निकाला जाता है, इस चीज की ट्रेनिंग देनी होगी. ताकि वो सही से मशीनों को चला सकें और उन्हें तेल निकालने में किसी प्रकार की परेशानी ना आए.
  • आप जिस बीज का तेल निकालना चाहते हैं, आपको उस बीज के हिसाब से मशीन को खरीदना होगा. यानी अगर आप मूंगफली का तेल निकालना चाहते हैं तो आपको मूंगफली शेलर मशीन की जरूरत पड़ेगी, जबकि बिनौला का तेल (cottonseed oil) निकालने के लिए आपको डिस्क हुलर की जरूरत पड़ेगी.
  • आप इस व्यापार को और भी बढ़ा सकते हैं और एक तरह के बीज का तेल बेचने के अलावा, दो तीन प्रकार के बीजों का भी तेल बेच सकते हैं और अधिक मुनाफा कमा सकते हैं. हालांकि आप तभी इस व्यापार को और बढ़ाएं, जब आपको मुनाफा होने लगे.

निष्कर्ष

तेल की मिल को शुरू करने से पहले आप इस मिल का इंश्योरेंस जरूर करवा लें और हो सके तो, तेल किस तरह से निकाला जाता है इस चीज की ट्रेनिंग भी आप ले लें, ताकि आपको ये व्यापार करने के दौरान कोई परेशानी ना आए.

अन्य पढ़े:

One comment

  1. Nitin Ramnath sonawane

    Sir I am Nitin ramnath sonawane Iam completeed diploma in Pharmcy and wish to start cultivation of medicinal plant in Maharashtra can you guide me

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *