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भारत में पैकर्स और मूवर्स बिजनेस की शुरुआत कैसे करें | How to start Packers and Movers Business in India in hindi

How to start Packers and Movers Business in India in hindi मूवर्स और पैकर्स कम्पनी अर्थात चलती हुई कंपनी हमारे भारत देश में बहुत ही तेजी से उभरता हुआ एक ऐसा व्यापार है, जो घर के स्थान्तरण, ऑफिस स्थान्तरण आदि के लिए पेशेवर तरीके से सभी घरेलु उपकरण या कार्यालय उपकरण को सुरक्षित तरीके से एक स्थान से दुसरे स्थान तक पहूँचाने में मदद करता है. इस क्षेत्र में अपने व्यवसाय की शुरुआत करने के बारे में यहाँ दर्शाया गया है –  

भारत में पैकर्स और मूवर्स बिजनेस की शुरुआत कैसे करें

How to start Packers and Movers Business in India in hindi

अगर आप शारीरिक रूप से मजबूत है और आपके पास वैन या गाड़ी है, साथ ही कुछ पूंजी भी है तो आप इस बिजनेस की शुरूआत कर सकते है. इससे आपको अतिरिक्त आमदनी भी प्राप्त हो जाएगी. इस व्यापार का भविष्य बहुत अच्छा है. इस व्यापार में थोड़ी सी मेहनत और जानकारी आपकी आमदनी का अच्छा स्रोत बन सकती है. यह व्यवसाय भरोसे और भावनाओं का भी है, क्योकि कोई भी व्यक्ति जब अपने घर को बदलता है तो वो सिर्फ उस घर या उसकी वस्तुओं को ही नहीं बदलता, बल्कि उससे जुडी हुई उसकी बहुत सारी भावनाएं और यादे भी होती है. भले ही जिन वस्तुओं का स्थान्तरण हो रहा हो उसका मूल्य शून्य हो, लेकिन किसी की यादों और भावनाओं में वो वस्तु बहुमूल्य हो सकती है. तब ये बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है कि आपके कम्पनी के कर्मचारी या टीम के द्वारा उस ग्राहक के भावनाओं का सम्मान करते हुए उनकी वस्तुओं का सही और सुरक्षित स्थान्तरण हो. इसी तरह से अगर आप मोमबती के व्यापार की शुरुआत करना कहते है तो पढ़े.

Packers and Movers

 

पैकर्स और मूवर्स के लिए व्यावसायिक योजना (Packers and Movers Business plan)

मूवर्स के व्यापार में उतरने से पहले इसके बारे में जानकारी प्राप्त करके एक औपचारिक दस्तावेज़ बना ले, जिसमे इस व्यापार में जो आपके भागीदार है उनकी जानकारी, खर्चो की जानकारी इत्यादि का विवरण हो. जब भी आप इस तरह के व्यापार की योजना बना रहे है, उनमे विस्तृत रूप से ये बात शामिल होनी चाहिए कि आपकी कंपनी किस तरह से संचालित होगी, आप ग्राहकों को किस तरह से सेवा की पेशकश करेंगे, आप अपने व्यापार को बढ़ाने के लिए क्या करेंगे, आप अपने प्रतिद्वंदियों से किस तरह निपटेंगे, आप व्यापार में कितना खर्च करेंगे, व्यापार के लिए कितना पैसा चाहिए, इसे कितना अनुमानित लाभ मिल सकेगा इत्यादि. अगर व्यापार के लिए पैसे चाहिए तो लोन के बारे में योजना बनायेंगे और लिखेंगे. यदि आपने कभी इस तरह की व्यावसायिक योजना को नहीं लिखा है तो इस कार्य के लिए आप एक पेशेवर कर्मचारी को रख सकते है जो आपको इस कार्य में मदद करेगा.

पैकर्स और मूवर्स बिजनेस का प्रारूप (Packers and Movers Business format)  

बिजनेस का प्रारूप तैयार करते समय यह ध्यान रखना चाहिए, यह आपके निवेश की क्षमता और बिजनेस के आकार के साथ फिट बैठता हो. आपको शुरू में ही अपने क्षेत्र का निर्धारण कर लेना चाहिए चाहे आप व्यापार, राज्य या अंतर्राज्य या अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर करने जा रहे हों. इसके साथ आप ये भी सुनिश्चित कर ले कि आप एकल सेवा या एकाधिक सेवा के लिए पेशकश करेंगे. इसी तरह जाने अगरबत्ती बनाने का व्यापार शुरू कैसे करें.

पैकर्स और मूवर्स बिजनेस के लिए स्थान का चुनाव (Place for Packers and Movers Business in India)  

व्यवसाय का संचालन करने के लिए सबसे आवश्यक है. एक विशिष्ट स्थान का चुनाव करना. आप मूवर्स के व्यापार के लिए ऐसे क्षेत्र का चुनाव कर सकते है, जहा ऐसे परिवार या अपार्टमेंट की संख्या ज्यादा हो, जो अपने फर्नीचर को स्टोर से मंगाए या स्थान्तरित करना चाहे, कॉलेज के छात्र के आपर्टमेंट, अमीर ग्राहक इत्यादि ऐसे लोगों की संख्या जिस एरिया में ज्यादा हो, जो अपने बहुमूल्य फर्नीचर को सुरक्षित मंगाना या भेजना चाहते हो. इस तरह के ग्राहकों की संख्या को लक्ष्य कर क्षेत्र का चुनाव करने की योजना बनानी चाहिए.

मूवर्स और पैकर्स व्यवसाय के लिए स्थान की आवश्यकता (Movers and Packers required place) 

इस व्यावसाय को शुरू करने के लिए आपको बहुत ज्यादा बड़े स्थान की आवश्यकता नहीं पड़ेगी. इसे 2 कमरे या 1000 स्क्वायर फीट के कमरे में इसकी सामग्रियों जैसे की कार्टून, रस्सी या इसी तरह के अन्य सामान को रखने के लिए इस स्थान की आवश्यकता होगी, साथ ही आपको अपने ग्राहकों से मिलने के लिए भी एक कमरे की आवश्यकता पड़ सकती है.

मूवर्स और पैकर्स के लिए सामग्रियों के मिलने का स्थान (How to get material for Movers and Packers)  

इसमे लगने वाली सामग्री जैसे कि कार्टून, पैकिंग पेपर, टेप, रस्सी इत्यादि आपको स्थानीय बाजार में भी आसानी से उपलब्ध हो जायेंगे. अगर आप इन समाग्रियों को थोक विक्रेता के यहाँ से या ऑनलाइन माध्यम से लेना चाहते है, तो आपके लिए कुछ कंपनियों के नाम को दर्शित किया गया है, जो इस प्रकार से है –

  • इन्डियन पैकिंग मशीनरीज, ये कंपनी फरीदाबाद की है,
  • नवी मुंबई की पैकेज मटेरियल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी,

इसी तरह की बहुत सारी कंपनिया है जो पैकिंग सामग्रियों को सुविधाजनक रूप से उपलब्ध कराती है.      

मूवर्स और पैकर्स कंपनी की लागत (Total cost of Movers and Packers business)

इस तरह की व्यवसाय की लागत इस बात पर निर्भर करती है कि आप इसको छोटे तौर पर शुरू करना चाहते है या बड़े तौर पर, छोटे रूप में इसकी शुरुआत आप सब किराये पर लेते हुए 10,000 से 50,000 तक में कर सकते है.

पैकर्स और मूवर्स व्यापार से जुड़ी कुछ मुख्य बातें (Packers and Movers Business information)

अगर आप पैकर्स और मूवर्स व्यापार के बारे में सोच रहे है, तो आपको कुछ मुलभुत बातों पर अच्छी तरह से विचार कर लेना होगा, जो निम्नलिखित है :-

  • वित्तीय योजना :

इस व्यावसाय का सबसे महत्वपूर्ण भाग इसका वित्तीय नियोजन है. चुकि यह सेवा आधारित व्यवसाय है, इसलिए इसमें वाहन, उपकरण और कच्ची सामग्रियों में भी निवेश की आवश्यकता पड़ती है. साथ ही आपको पैकेजिंग सामग्री, कर्मचारियों की लागत की गणना, परिचालन लागत और विपणन के खर्च का निर्धारण इन सब वित्तीय की योजना को बनाना पड़ता है. इसके लिए निम्न बिन्दुओं पर नजर डालिए-   

  • व्यापारिक उपकरणों के लिए पूंजी :

व्यापार को शुरू करने के लिए सबसे पहले एक वाहन की आवश्यकता होगी, जिसके माध्यम से ही आप वस्तुओं को एक स्थान से दुसरे स्थान तक पंहुचा सके. अगर आपके पास वाहन नहीं है तो आप किसी बड़ी वाणिज्य कंपनी जैसे की यू हौल जैसी कंपनी से वाहन को किराये पर लेकर भी व्यापार की शुरुआत कर सकते है. वाहन के बाद आपको यह सुनिश्चित करना है कि आप अपने ग्राहकों के सामान की सुरक्षा, उन्हें समय पर सही जगह पर स्थान्तरित करने में कितना लागत लग रहा है, उसके अनुसार किराये को सुनिश्चित करेंगे. ग्राहकों के सामान को सुरक्षित स्थान्तरित करने में बारिस, बर्फ इत्यादि से सुरक्षा करने में आपको रस्सी, कम्बल, पैड, पट्टी इत्यादि की आवश्यकता पड़ेगी. अगर आप अपने ग्राहकों को पैकिंग सेवा भी देते है, तब इनके लिए भी आपको कुछ सामान जैसे की कार्टून की पैक करने के लिए और सामनो को रखने की आवश्यकता पड़ेगी. इन सारी वस्तुओं की व्यवस्था के लिए आपके पास उसकी कीमत के लिए पूंजी होनी चाहिए, आप व्यापार की शुरुआत करने के लिए लोन भी ले सकते है.

  • कर्मचारियों की बहाली के लिए पूंजी :

किसी भी व्यापार को शुरू करने के लिए भरोसेमंद कर्मचारियों की आवश्यकता होती है. एक स्टार्ट अप के रूप में चलती कम्पनी अर्थात मूवर्स कम्पनी के नेता के रूप में कम्पनी को संचालित करने के लिए एक प्रभावी दिमाग की आवश्यकता होती है. कम्पनी को शुरू करने के लिए 1 या 2 कर्मचारियों को या अगर आप विस्तृत रूप में व्यापार शुरू कर रहे है, तो इनकी संख्या ज्यादा भी हो सकती है. इनकी बहाली आप अंशकालिक या पूर्णकालिक रूप में कर सकते है. कर्मचारियों की बहाली की जिम्मेदारी के बाद आपको उनके वेतन, लाभ इत्यादि की जिम्मेदारी को उठाने के लिए भी पूंजी की आवश्यकता पड़ेगी. आप कर्मचारियों की बहाली को ढूंढने के लिए लोकप्रिय नौकरी बोर्ड जैसे की क्रैग्स्लिस्ट या मोंस्टर पर पोस्ट करके उन्हें खोज सकते है.

  • क्षतिपूर्ति के लिए बीमा :

किसी भी कंपनी को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए बीमा कराना अति आवश्यक होता है. बीमा कराने का ये फ़ायदा होता है कि किसी भी तरह के संभावित नुकसान को आपको कवर करने में मदद मिल जाएगी. बीमा कंपनियों के कर्मचारियों से आप अपने वाहन के लिए वाणिज्य कवरेज बीमा, अपने व्यापार के लिए दायित्व बीमा इंश्योरेंस के अलावा कार्यकर्त्ता क्षतिपूर्ति बीमा के बारे में बात कर बीमा के दर का पता लगाये और बीमा को प्राप्त करे.

  • मूल्यों का निर्धारण :

पैकर्स और मूवर्स व्यावसायिक सेवा को शुरू करने से पहले आप मूल्य निर्धारण संरचना को सुनिश्चित कर ले. अपने कंपनी के माध्यम से ग्राहकों को सेवा देने से पहले आपको अपने दर की गणना करते हुए लाभ की राशी तय कर लेनी चाहिए. ये दर अलग अलग कारको पर आधारित हो सकती है जैसे कि स्थान की दूरी, वजन, समय या अन्य मदों में हुए खर्चे अर्थात ईंधन, वाहन के रख रखाव, पैकिंग समाग्री, कर्मचारी की मजदूरी, बीमा और विज्ञापन पर हुए खर्चों के आधार पर आपको यह निर्धारित करना पड़ेगा. आप ग्राहकों को सेवा देने के बदले कितना चार्ज करेंगे, इसके लिए आपको उस क्षेत्र की प्रतियोगिता का भी ध्यान रखना पड़ेगा, कि कोई अन्य कम्पनी इसी सेवा के लिए कितना चार्ज रखी हुई है, इस तरह से आप अपने प्रतियोगियों से कम चार्ज करके ग्राहकों को अपनी तरफ आकर्षित कर ज्यादा लाभ कमा सकते है.

  • ऋण की आवश्यकता :

अगर आप छोटे तौर पर व्यवसाय की शुरुआत करने जा रहे है और आपके पास पर्याप्त पूंजी नहीं है, तो आपको लोन लेने के लिए स्थानीय बैंकों और क्रेडिट यूनियनों से मिलने की आवश्यकता पड़ेगी. लोन के आवेदन के लिए बहुत सारे दस्तावेज जैसे की व्यवसाय की योजना, जो भी आप ऋण ले रहे है उसका कर रिटर्न भरने के आवश्यक दस्तावेज आपको बैंकों को उपलब्ध कराने के लिए पहले से तैयार रखना पड़ेगा.

  • पैकर्स और मूवर्स कंपनी की मार्केटिंग :

किसी भी व्यवसाय को शुरू करने के लिए उसकी अच्छी मार्केटिंग आवश्यक होती है, इसके लिए आप पेशेवर की मदद ले सकते है. वर्तमान व्यवस्था में ग्राहक इस तरह की सेवा के लिए ऑनलाइन खोज करते है, इसलिए यह जरुरी हो जाता है कि आप उपयोग कर्ता के अनुसार अपनी कंपनी के लिए एक वेवसाइट का निर्माण करे, जिसमे आपके व्यवसाय की जानकारी के साथ संपर्क का विवरण और किस तरह से कम्पनी कार्य को अंजाम देती है उसकी प्रक्रिया का विवरण शामिल हो, ये सारी जानकारियां उपलब्ध कराएँ. साथ ही कंपनी का एक ब्रांड लोगो बनाये. कम्पनी की वर्दी से भी कम्पनी की पहचान हो सकती है. आप इसके लिए भी सोच सकते है. आप चाहे तो कंपनी की ब्रांडिंग के लिए कंपनी के वाहन का भी उपयोग कर सकते है.

पैकर्स और मूवर्स व्यापार के लिए क़ानूनी आवश्यकतायें (Packers and Movers Business legal requirements)   

पैकर्स और मूवर्स के व्यापार के लिए क़ानूनी आवश्यकताओं को पूरा करने से सम्बन्धी विवरण निम्न हैं –

  • व्यापार के लिए लाईसेंस की प्राप्ति :

मूवर्स का व्यवसाय को शुरू करने के लिए आपको परिवहन विभाग से एक विशेष प्रकार के लाईसेंस की जरुरत पड़ेगी. लाईसेंस को देने के लिए हर राज्य के अपने अपने नियम है. इस बारे में अधिक जानकारी के लिए जिस भी राज्य से आप व्यापार को शुरू करने जा रहे है, उस राज्य के डीटीओ ऑफिस से संपर्क करके जानकारी को प्राप्त कर ले.

  • व्यापार का रजिस्ट्रेशन :

क़ानूनी रूप से आपको व्यावसाय को संचालित करने के लिए अपने राज्य के साथ इसका रजिस्ट्रेशन करना होगा. प्रत्येक राज्य की व्यापार को दर्ज करने के लिए अलग प्रक्रिया है. इसकी प्रक्रिया की जानकारी आप अपने राज्य के राज्य सचिव के वेवसाइट से प्राप्त कर सकते है. प्रत्येक प्रकार के व्यवसाय के लिए अलग अलग क़ानूनी आवश्यकताएं और शुल्क होता है. जब आप अपने व्यावसाय का रजिस्ट्रेशन कराने जाते है, तब आपको अपनी कंपनी का एक ऐसा नाम चुनना होता है जो नाम राज्य के व्यापार में पहले से दर्ज न हो. इसके लिए आप राज्य की फाइलिंग एजेंसी से जाँच कर ले और नाम को सुनिश्चित कर ले. ट्रेड मार्क के साथ नाम को चुन ले और अपनी व्यावसायिक वेवसाइट बनाने के लिए डोमेन की उपलब्धता की जाँच कर ले. फिर आप उद्योग आधार एमएसएमइ में पंजीकरण के लिए आवेदन करे, अगर आप चाहे तो कई स्थानों के लिए भी पंजीकरण कर सकते है. क्योकि यह एक सेवा आधारित व्यापार है. इस तरह का व्यापार सेवा कर पंजीकरण के लिए आपको अब जीएसटी के तहत कर लगाने होंगे.

भारत में पैकर्स और मूवर्स व्यवसाय के लिए आवश्यक दस्तावेज (Packers and Movers business document required)

भारत में पैकर्स और मूवर्स कंपनी खोलने के लिए रजिस्ट्रेशन में लगने वाले आवश्यक दस्तावेज़ का विवरण निम्नलिखित है :-

  1. पैन कार्ड
  2. पते का प्रमाण
  3. 2 पासपोर्ट साईज की फ़ोटो
  4. आई डी प्रमाणपत्र अगर आप साझेदारी में व्यापार कर रहे है तो अलग अलग प्रमाण लगेगा.
  5. बिजनेस का बैनर और बिजनेस का सील

अगर आप व्यापार के लिए साझेदारी में ना होकर अलग से रजिस्ट्रेशन कर रहे है तो आपको पैन कार्ड को जमा करने की कोई जरुरत नहीं है. आप सीधे तौर पर सेवा कर के लिए ऑनलाइन माध्यम से एसटी-1 फॉर्म आपको https://www.aces.gov.in पर जाकर भरना होगा. जब ये फॉर्म जमा हो जायेगा, तब आप एसटी-2 फॉर्म को भर कर सेवा कर की मदद  किसी भी बैंक से अपने व्यावसाय के चालू खाते को खोलकर कर सकते है क्योकि अब आप क़ानूनी रूप से पंजीकृत पैकर्स कंपनी है.           

न्योक्ता पहचान संख्या (इआईएन) के लिए भारतीय राज्य सेवा विभाग के साथ पंजीकरण : व्यावसाय को शुरू करने के लिए अपने राज्य में पंजीकरण के साथ ही आपको न्योक्ता पहचान संख्या के लिए आवेदन करना होगा. इसके लिए आपको विभागों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, बल्कि आप फ़ोन, फैक्स, मेल या भारतीय राजस्व सेवा विभाग (इन्डियन रेवेन्यु सर्विस) की वेवसाइट पर जाकर भी आवेदन कर सकते है. इसके लिए विभाग के द्वारा कुछ बुनियादी सवाल पूछे जाते है जिसकी जानकारी आपको देनी होगी.  

पैकर्स और मूवर्स कम्पनी का एक अनुबंध पत्र बनाना (Packers and Movers company contract letter)

पैकर्स और मूवर्स कम्पनी को चलाने के लिए सबसे जरुरी यह है कि आपकी कंपनी किसी भी काम को स्वीकार कर उस काम के ऑपरेशन के लिए तैयार है या नहीं. व्यावसाय को शुरू करने से पहले कामों की प्रकृति, सहमति विवाद को सुलझाने के तरीके इत्यादि के बारे में एक अनुबंध बनाये, अपने व्यवसाय की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, इसकी अर्थात अनुबंध की भाषा सटीक हो इसके लिए आप वकील की सलाह भी ले सकते है. इस तरह के अनुबंध को आपको प्रत्येक ग्राहक को पेश करना होगा. जिससे कि एक अनुबंध के साथ काम करने की सहमती बने और आगे किसी भी तरह की परेशानी न हो.

आपको अपने सभी खर्चो, आन्तरिक लेखा, लक्ष्य और मुनाफों को ट्रैक करने के लिए सबका विवरण रखना होगा. अगर आप इन सबका विवरण रखेंगे तो आपको व्यवसाय को सँभालने में मदद मिलेगी. व्यवसाय को अंतिम रूप देने से पहले सभी कार्यों की जाँच कर ले और यह सुनिश्चित कर ले कि सभी काम जैसे की लाईसेंस, बीमा कवरेज, जरुरी सामान या उपकरण, आवश्यक कर्मचारियों की भर्ती इन सभी कार्यो के पूर्ण होने की जाँच आदि.

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