पनीर बनाने का व्यापार कैसे शुरू करें | Paneer Making Business Plan cost, profit in Hindi

पनीर बनाने का व्यापार कैसे शुरू करें (Paneer Making Business plan start, cost, profit, in Hindi)

पनीर का व्यवसाय करना एक लाभदायक और आकर्षक व्यवसाय है. यह दूध प्रोसेसिंग एक्टिविटी के अंतर्गत आता है. पनीर का उपयोग एशिया के कुछ देशों जैसे भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान आदि में अधिक होता रहा है. हालाँकि पनीर का उत्पादन अब दुनिया भर में फ़ैल रहा है. भारतीय बाजार में पनीर दो अलग – अलग श्रेणियों में बेचा जाता है. एक ताजा बिक्री के लिए और दूसरा पैक रूप में. हालाँकि ताजा पनीर, पैक किये गये पनीर की तुलना में जल्दी ख़राब हो जाता है. अतः कोई भी व्यक्ति कुछ निवेश के साथ पनीर निर्माण व्यापार शुरू कर सकता है. यह कैसे होता है यह जानने के लिए आप हमारे इस लेख को पढ़ें.

Cheese Making Business

पनीर की मार्केट में क्षमता (Market Potential of Paneer Manufacturing)

दक्षिण भारत में पनीर का सबसे बड़ा बाजार है. हालाँकि पनीर देश के लगभग हर राज्यों में लोकप्रिय है. पनीर की डिमांड इसलिए ज्यादा हैं क्योकि आज के समय में लोग शाकाहारी हो या मांसाहारी सभी बाहर खाना खाना ज्यादा पसंद कर रहे हैं. और देश के अंदर अलग – अलग स्थानों की यात्रा भी कर रहे हैं. इसलिए आज हर जगह पनीर उपलब्ध होता है. यह विभिन्न किरानों की दुकानों, सुपरमार्केट, डिपार्टमेंटल स्टोर्स आदि में बेचा जाता है. चूकि लोग ज्यादातर बाहर खाना खाने जाते हैं, इसके लिए होटलों एवं रेस्तरां में भी इसकी मांग हमेशा बनी रहती है, और इसीलिए होटल उद्योग पनीर के प्रमुख उपभोक्ता होते हैं.

देश में अमूल एवं नेस्ले जैसे कम से कम 65 % ब्रांडेड पनीर बिक रहे हैं. किन्तु भारत में पनीर की खपत निश्चित रूप से सालाना 25 से 30 % बढ़ रही है. इसलिए छोटे पैमाने पर पनीर निर्माण व्यवसाय शुरू करना नये उद्यमियों के लिए बहुत आकर्षक हो सकता है. यदि आप पहले से ही डेयरी के व्यवसाय में हैं तो आप मौजूदा व्यवसाय के साथ पनीर बनाने के व्यवसाय की एक छोटी यूनिट शुरू करने पर भी विचार कर सकते हैं.

पनीर की उत्पादन क्षमता (Paneer Production Capacity)

यदि आप हर दिन लगभग 500 लीटर दूध की प्रोसेसिंग करते है, तो इससे लगभग 40 किलोग्राम पनीर का उत्पादन हो जायेगा. प्रतिमाह 1 टन पनीर के उत्पादन के साथ वार्षिक रूप से 12 मीट्रिक टन पनीर का उत्पादन किया जा सकता है.

पनीर के व्यापार के लिए रजिस्ट्रेशन (Paneer Making Business Registration)

व्यवसाय चाहे बड़ा हो या छोटा कोई भी हो, सभी का रजिस्ट्रेशन कराना आवश्यक होता है. पनीर बनाने के व्यवसाय का भी आपको रजिस्ट्रेशन कराना होगा और साथ ही व्यवसाय का नाम और बीमा कवर भी प्राप्त करना होगा. इस व्यवसाय के लिए निम्न रजिस्ट्रेशन कराना आवश्यक है –

  • इस व्यापार को चलाने के लिए आपको सबसे पहले एक निर्माण और व्यापार लाइसेंस की आवश्यकता होगी, जोकि आपको आपके स्थानीय नगर पालिका से प्राप्त करना होगा.
  • इसके बाद चुकी यह खाद्य पदार्थ है इसलिए आपको एफएसएसएआई रजिस्ट्रेशन भी कराना होगा, किन्तु उससे पहले पीएफए अधिनियम (2010) के अनुसार आपको पनीर के उत्पादन के लिए कुछ शर्तों को मानना अनिवार्य है, जोकि यह है कि इसमें 70% से अधिक नमी नहीं होनी चाहिए और वसा की मात्रा 50% से कम नहीं होना चाहिये.
  • यह टेस्ट पास होने के बाद आपको एमएसएमई उद्योग आधार में भी रजिस्ट्रेशन करना होगा, जोकि आप ऑनलाइन भी कर सकते हैं.
  • इस सब के अलावा आपको बीआईएस सर्टिफिकेट प्राप्त करने के लिए भी अप्लाई करना आवश्यक है.

पनीर बनाने का व्यापार के लिए स्थान की आवश्यकता (Place Requirement for Paneer Making business)

एक छोटे पैमाने की पनीर निर्माण यूनिट शुरू करने में आपको एक स्थान सुनिश्चित करना होगा. और यह शुरू करने के लिए कम से कम 1000 वर्ग फीट का एक क्षेत्र पर्याप्त है. इसके अलावा आपको प्रोसेसिंग क्षेत्र, स्टोर रूम, पैकिंग सामग्री रखने के लिए स्थान, तैयार माल रखने के लिए स्थान और साथ ही ढुलाई के लिए भी स्थान की आवश्यकता होगी. इसके अलावा आपको बिजली और पानी जैसी सुविधायें देना भी आवश्यक है. अतः आप पनीर का व्यापार शुरू करने से पहले पनीर निर्माण की प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करें, तभी आप बेहतर तरीके से सभी चीजों को ध्यान में रखते हुए व्यापार को स्थापित कर पाएंगे.

पनीर के व्यापार के लिए कच्चा माल (Raw Material for Paneer Business)

पनीर का व्यापार शुरू करने के लिए प्रमुख आवश्यक कच्चा माल दूध और सोडियम हाइपोक्लोराइट या साइट्रिक एसिड है. जिसके माध्यम से पनीर का निर्माण किया जाता है. पनीर एक ऐसा उत्पाद है जोकि जल्दी ख़राब हो जाता है. यह केवल 3 दिन तक ही ताजा रह सकता है और वो भी इसे हमेशा फ्रीजर में रखा जाता है. यदि इसे सामान्य तापमान में रखा जाता है, तो यह एक दिन से ज्यादा नहीं चलेगा.

पनीर के व्यापार के लिए मशीनरी (Machinery for Paneer Business)

आमतौर पर सेमी ऑटोमेटिक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट इस क्षेत्र में ज्यादा सफल रही है. हालाँकि आधुनिक और तकनीकी रूप से उन्नत मशीनरी विभिन्न प्रकार के लाभ प्रदान करती है, जैसे अच्छी गुणवत्ता, पनीर की अधिक उपज, पनीर की लाइफ बढ़ाना और उच्च पोषित पनीर आदि. यहाँ आपको हम कुछ मशीनरी के बारे में बताने जा रहे हैं जो आपको इस व्यापार को चलाने में मदद कर सकती है –

  • दूध स्टोर करके रखने के लिए एल्युमिनियम के कैन
  • मोटर वाले कूलर
  • स्टेनलेस स्टील का बना प्रेसिपिटेशन टैंक
  • फैट रिमूवर
  • दूध गर्म करने के लिए बायलर
  • दूध एनेलाइज़र
  • वैक्यूम पैकिंग मशीन
  • डीप फ्रीज़र
  • वजन तौलने की मशीन
  • लेबल लगाने के लिए लेबलिंग मशीन आदि

यह सभी इंडियामार्ट या अलीबाबा जैसी ऑनलाइन वेबसाइट में उपलब्ध हैं. जहाँ से आप इसे ऑनलाइन खरीद सकते हैं.

घर पर पनीर बनाने की प्रक्रिया (Home base without machine Paneer Making Process)

पनीर बनाना बहुत आसान होता है, इसे आप अपने घर में भी बना सकते हैं. यहाँ हम आपको पनीर की आसान प्रक्रिया के बारे में बताने जा रहे हैं, जोकि आपको पनीर का छोटा व्यवसाय शुरू करने में मदद करेगा –

  • पनीर का उत्पादन शुरू करने के लिए सबसे पहले दूध की प्रोसेसिंग की आवश्यकता होती है. इसका मतलब है कि दूध बायलर के माध्यम से सबसे पहले दूध को गर्म किया जाता है. दूध को गर्म इसलिए किया जाता है, क्योकि इससे दूध में उपस्थित रोग फ़ैलाने वाले कीटाणु नष्ट हो जाते हैं. और साथ ही यह कोलाइडल कैल्सियम फॉस्फेट घुलनशीलता को भी प्रभावी तरीके से कम करता है. दूध को लगभग 60 डिग्री सेंटीग्रेड पर गर्म किया जाता है.
  • फिर दूध में से पानी और ठोस पदार्थ को अलग -अलग करने के लिए नीम्बू के रस की कुछ बूँदें या साइट्रिक एसिड की कुछ बूँदें डाली जाती है.
  • उसके बाद इसे एक मलमल के कपड़े के माध्यम से छान लिया जाता है, और इसका पानी अलग कर दिया जाता है.
  • इसके लिए आप इसे किसी भारी चीज के नीचे रखें, ताकि इसका पानी पूरी तरह से अलग हो जाये और हमें पनीर प्राप्त हो जायेगा.
  • फिर इसे निश्चित वजन पर तोल कर अलग – अलग टूकड़ों में काट लें, और इसे पैक कर फ्रीज़र में रख दें.

पनीर की पैकेजिंग (Paneer Packaging)

पनीर की लाइफ बहुत कम होती है, इसलिए इसकी पैकेजिंग पर विशेष ध्यान दिया जाता है. पैकेजिंग ही पनीर की लाइफ बढ़ा सकती है. आम तौर पर आप पनीर के ब्लॉक्स को पॉलिइथिलीन पाउच में पैक कर सकते हैं. इसकी पैकिंग के लिए वैक्यूम पैकिंग मशीन भी उपयोग की जा सकती है. इसके बाद हीट सील प्रोसेस लागू की जाती है, और इसे डीप फ्रीज़र में रखा जाता है.

पनीर बनाने का व्यापार करने के लिए कुल लागत या कीमत (Total Cost or Investment for Paneer Business) 

यह व्यापार छोटे स्केल में शुरू करने का आपका विचार है, तो आपको इसके लिए कुछ कच्चे माल एवं अन्य चीजें जैसे दूध, ट्रांस्पोटेशन कॉस्ट, साइट्रिक एसिड, पैकेजिंग मटेरियल, बिजली, फ्यूल, पनीर का ट्रांसपोटेशन, बॉक्सेस, कर्मचारी का वेतन आदि पर पैसे खर्च करने होंगे. इसके लिए आपको लगभग 2 लाख रूपये तक का निवेश करना पड़ सकता है. इसके अलावा जब आप इसे बड़े लेवल पर शुरू कर रहे हैं, तो आपको मशीनरी की लागत के लिए 2.30 लाख रूपये की आवश्यकता हो सकती है और इसके अलावा कुछ कच्चे माल के लिए लगभग 2 लाख रूपये भी लगेंगे. और व्यापार को पूरी तरह से स्थापित करने के लिए लगभग 5-6 लाख रूपये तक लग सकते हैं.

पनीर का व्यापार शुरू करने के लिए आप इसकी कीमत को निर्धारित करें. इसके लिए आप बाजार में लगभग 150 से 200 रूपये प्रति किलोग्राम की दर से पनीर बेच सकते हैं. इसके अलावा यदि आप किसी होटल या रेस्तरां के ऑडर ले सकते हैं तो जरुर लें. इसके लिए आप पनीर की कीमत होलसेल के अनुसार लगा सकते हैं, जोकि काफी फायदेमंद होगा.   

पनीर व्यापार के लिए लाभ मार्जिन (Profit Margine for Paneer Business)  

चूकि आज के समय में इसकी डिमांड बहुत अधिक है, इसलिये आपको इस व्यापार में अच्छा खासा लाभ प्राप्त होगा. इसके व्यापार से आप कम से कम 2000 रूपये प्रतिदिन कमा सकते हैं. इसके अलावा यदि आप इसे होलसेल में किसी होटल या रेस्तरां के ऑडर लेकर बेचते हैं तो आपको इससे और अधिक मुनाफा प्राप्त हो सकता है.

इस तरह से आप एक बहुत कम कीमत में और अधिक फायदे वाला व्यापार शुरू कर इसे आप अच्छा खासा पैसा कमाने का जरिया बना सकते हैं.

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