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पोहा बनाने का व्यापार कैसे शुरू करें या पोहा मिल कैसे लगाये ?

पोहा बनाने का व्यापार कैसे शुरू करें या पोहा मिल कैसे लगाये (How to Start a Rice Flakes or Poha Making Business or Flattened Rice, Beaten Rice Manufacturing Plant In Hindi) 

कई लोग अलग अलग तरह के व्यापार कर अच्छी आमदनी कमा रहे हैं और इन्हीं लोगों की तरह आप भी अपना व्यापार शुरू कर एक कामयाब व्यापारी बन सकते हैं. वहीं अगर आप कोई व्यापार करने पर विचार कर रहे हैं, तो आप पोहा बनाने के व्यापार पर गौर कर सकते हैं और इस व्यापार के जरिए पैसे कमा सकते हैं. पोहा के व्यापार को करने के लिए आपको बस ये पता होना चाहिए, कि पोहा किस चीज से बनाया जाता है और किस तरह से बनाया जाता है.

Poha Manufacturing

क्या होता है पोहा और इसकी मांग (Market scope)

पोहा एक खाने वाली चीज है, जिसका सेवन हमारे देश में काफी अधिक लोग करते हैं और यही कारण है कि कई लोग इस व्यापार को शुरू करने में रुचि रखते हैं. क्योंकि पोहा एक ऐसी चीज है जिसका सेवन हर आयु के लोगों द्वारा किया जाता है और ये स्वादिष्ट होने के साथ साथ सेहत के लिए भी गुणकारी होता है. साथ में ही इसका अधिक सेवन किए जाने के चलते इसकी मांग भी हर वक्त बाजार में बनी रहती है.

पोहा बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री  ( Raw material)

  • पोहा चावल से बनता हैं, इसलिए इसे बनाने के लिए धान की जरुरत पड़ती है और इसलिए इसको बनाने के लिए आपको अच्छी खासी मात्रा में धान को खरीदना होगा.
  • आप धान को मंडी से खरीद सकते हैं या फिर ऑनलाइन भी इसको ले सकते हैं. वहीं धान भी कई प्रकार की आती हैं, जिनमें से कुछ अच्छी गुणवत्ता की होते हैं, तो कुछ धान की गुणवत्ता ज्यादा अच्छी नहीं होती है. इसलिए आपको धान खरीदते समय ये तय करना होगा, कि आप किस गुणवत्ता की धान से पोहा बनना चाहते हैं. याद रहे कि आप अपने बजट के हिसाब से ही ये तय करें की आप ज्यादा महंगे चावल (धान) से इसे बनाना चाहते हैं कि सस्ते चावलों से. वहीं एक बार ये तय करने के बाद आप चावल को खरीद लें.

चावल के दाम (Rice Price)

चावल उन उत्पादों में से एक हैं जिसके दाम एक से नहीं रहते हैं और बदलते रहते हैं, इसलिए चावल के सही दामों का पता आपको मंडी में जाकर ही लगेगा.

मशीनें (Rice Flakes Manufacturing Machine )

पोहा को बनाने के लिए आपको पोहा मैकिंग मशीन की जरूरत पड़ेगी और आप इस मशीन को इस लिंक http://www.shankarengineeringcorp.com/poha-making-machine-foodindustry.html पर जाकर खरीद सकते हैं. वहीं इस मशीन के दाम इसके क्वालिट के हिसाब से तय किए जाते हैं और ये मशीन लेने से पहला ये सुनिश्चित कर लें, कि वो सही से कार्य कर रही है कि नहीं.

पोहा बनाने की प्रक्रिया (Rice Flakes Manufacturing or Making Process)

  • पोहा बनाने के लिए सबसे पहले धान को साफ किया जाता है और उसमें मौजूदा पत्थर या कंकड़ उससे निकाले जाता हैं. ताकि पोहा के गुणवत्ता खराब ना हो.
  • धान को साफ करने के बाद उसे कम से कम चालीस मिनट तक गर्म पानी में रखा जाता है. 40 मिनट बाद इन्हें पानी से निकाल लिया जाता है और सूखने के लिए रखा जाता है.
  • जब ये अच्छे से सूख जाते हैं तो इन्हें भूना जाता है और इनको आप रोस्टर मशीन के जरिए या फिर भट्टी के जरिए भून सकते हैं. वहीं जब धान अच्छे से भून जाती हैं तो धान के साथ लगे उसके छिलको को उससे अलग किया जाता है.
  • छिलके हटाने के बाद इन्हें छाना जाता है ताकि इसमें मौजूद अन्य प्रकार की चीजे इससे अलग हो सके. इस प्रक्रिया के होने के बाद इन्हें पोहा बनाने वाली मशीन में डाल दिया जाता है और ये पोहा का आकर ले लेते हैं. इस तरह से आपका पोहा बनकर तैयार हो जाता है और आप इन्हें पैंक करके बाजार में बेच सकते हैं.

लाइसेंस  (License)

पोहा को बाजार में बेचने से पहले आपको कई तरह के लाइसेंस सरकार से लेने होगा और लाइसेंस मिलने के बाद ही आप इन्हें बेच सकेंगे. ये उत्पाद खाने से जुड़ा हुआ है इसलिए इसको बेचने से पहले आपको एफएसएसएआई का लाइसेंस प्राप्त करना होगा. साथ में ही आप जिस राज्य में अपने पोहे की फैक्ट्री शुरू करेंगे, आपको उस राज्य की सरकार द्वारा दिए जाने वाली अन्य लाइसेंस को भी प्राप्त करना होगा.

पोहा बनाने के व्यापार पर आने वाली लागत (Rice Flakes or Poha making Cost)

पोहा बनाने की फैक्ट्री को शुरू करने में आपको कम से कम 8 लाख रुपए का खर्चा आएगा. इस खर्चे के अलावा लाइसेंस हासिल करने और फैक्ट्री में कई तरह के निर्माण करवाने में भी आपका खर्चा आएगा. साथ में जब आपकी ये फैक्टी शुरू हो जाएगी, तो आपको हर महीने कर्मचारियों के सैलरी, बिजली और पानी का  खर्चा भी उठाना होगा. इसलिए आप इन सभी तरह के खर्चों को दिमाग में रखते हुए अपने बजट को तैयार करें.

सावधानी (Caution)

पोहा एक खाने की चीज हैं इसलिए इसको बनाते समय काफी सावधानी बरतनी होती है और इसे बनाते समय कई तरह की साफ सफाई का ध्यान रखना होता है.  क्योंकि इनको बनाने में अगर थोड़ी सी भी लापरवाही बरती जाए तो आपका लाइसेंस तक रद्द् हो सकता है और ये लोगों की सेहत के लिए हानिकारक भी हो सकता है.

पोहा बनाने के व्यापार से जुड़े फायदे (Benefit)

  • पोहा के व्यापार के साथ कई तरह के फायदे जुड़े हुए हैं जैसे कि इस व्यापार को करने के लिए आपको किसी प्रकार की डिग्री की जरूरत नहीं होती है. पोहा को आसानी से बनाया जा सकता है और इसे बनाने में किसी प्रकार की साइंस या टेकलॉजी की जरूरत नहीं पड़ती है.
  • पोहा बनाने का व्यापार कम लागत में भी किया जा सकता है और इस व्यवसाय से अधिक मुनाफा भी कमाया जा सकता है. साथ में ही पोहा को बनाने के लिए केवल चावल की ही जरूरत पड़ती है और ये आसानी से आपको मिल जाते हैं.
  • जो लोग पोहा का व्यापार शुरू करना चाहते हैं उन्हें सरकार द्वारा आर्थिक मदद भी प्रदान की जा रही है. यानी अगर आपके पास पैसें नहीं है तो आप लोन लेकर इस व्यापार को शुरु कर सकेंगे.

लोन की सुविधा (Loan)

पोहा के व्यापार को शुरू करने वाले लोगों को भारत सरकार द्वारा काफी सहायता दी जा रही है. इसलिए जिन लोगों के पास पोहा बनाने के व्यापार को करने के लिए पैसे नहीं हैं वो कम ब्याज दर में लोन ले सकता है और ये व्यापार शुरू कर सकते हैं.

जगह (Place to buy Flakes Machine )

पोहा की यूनिट स्थापित करने के लिए आपको कम से कम 500 वर्ग फूट जगह की आवश्यकता पड़ेगी और आपको जहां पर सस्ते दामों में ये जगह मिल जाए. आप वहां पर ये जगह किराए पर ले लें. जगह लेने के बाद आपको उस जगह पर पोहा बनाने वाली मशीनों को फिट करवाना होगा और इन्हें फिट करवाने के बाद आप अपना कार्य शुरू कर दें.

किताना होगा मुनाफा (Profit)

अगर आपके द्वारा एक हजार क्विंटल पोहा तैयार किया जाता है तो उसे बेचकर आप 10 लाख रुपए की कमाई सकते हैं. इस 10 लाख रुपए में से 8 लाख रुपए आपकी लागत होगी, जो इसको बनाने में आएगी यानी इस 10 लाख में से आपका मुनाफे की राशि 2 लाख होगी.

निष्कर्ष –

पोहा बनाने के व्यापार को शुरू करने से पहले आप इस व्यापर पर अच्छे से रिसर्च कर लें, ताकि आपको पता चल सके की इस व्यापार को किस तरह से किया जाता है.

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