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चावल की मिल का व्यापार कैसे शुरु करे | Rice Milling Business Plan in hindi

चावल की मिल का व्यापार कैसे शुरु करे (How to start Rice Milling Business Plan in hindi)

भारत, जहां आज भी कृषि लोगों की मुख्य आजीविका है वहाँ कृषि पर निर्भर उद्योगों की भी बहुत मांग है, इसलिए यहाँ पर चावल की मिल का व्यापार शुरू करना एक फायदे का सौदा साबित होगा. चावल भारत की मुख्य फसलों में से एक फसल है, इससे भारत की 65 प्रतिशत जनसंख्या को खाना प्राप्त होता है. यह हमारे देश कि वह फसल है जिसे देश के कुल सिंचित भूमि के 37 प्रतिशत भाग पर लगाया जाता है और यह भारत में होने वाले कुल खाद्यान्न उत्पादन में 44 प्रतिशत की भागीदारी रखता है.

Rice Mill

भारत में पश्चिम बंगाल वो राज्य है जहाँ चावल का उत्पादन सर्वाधिक मात्रा में होता है, परंतु क्या आप जानते है, हमें जो चावल खेतों से मिलता है, उसे हम रॉ फॉर्म में अपनी रसोई में उपयोग नहीं कर सकतें. इसे उपयोग में लाने लायक करने के लिए इस पर उचित प्रक्रिया करके इसे संशोधित करना पड़ता है. यह वह प्रक्रिया है जोकि रोजाना उपयोग में आने वाले पॉलिश वाले चावल के निर्माण के लिए धान में से हल्स और ब्रान को हटाने के लिए की जाती है.

चावल की मिल के लिए बाजार की संभावनाएं (Market Potential) –

जैसा कि हमने पहले ही बताया चावल हमारे देश में मौजूद अधिकांश जनसंख्या का महत्वपूर्ण भोजन है. भारत में मौजूद लगभग 70 प्रतिशत जनसंख्या पैकेट के चावल का उपयोग रोजाना करती है. इसके अलावा भारत ही वह देश है जहाँ बासमती चावल का उत्पादन और निर्यात सर्वाधिक मात्रा में होता है. सऊदी अरब, ईरान, संयुक्त अरब एमिरेट, इराक और कुवैत ऐसे देश है जहाँ भारत से चावल निर्यात किया जाता है. इसलिए राइस मिल देश में सर्वाधिक कृषि प्रसंस्करण उद्योगों में से एक है. और यह भारत में मौजूद लाभदायक व्यवसायों में से एक है.

आवश्यक लाईसेंस और पर्मिट्स  (Required licenses and Permits for Rice Milling Business) –

किसी भी व्यवसाय की शुरुआत करने के लिए आपके पास जरूरी लाईसेंस और पर्मिट्स होना आवश्यक है, तभी आप अपने व्यवसाय को बिना किसी कानूनी परेशानी के सुचारु रूप से चला पाएंगे. इस व्यवसाय के लिए कुछ आवश्यक दस्तावेजों की सूची इस प्रकार से है.

  • किसी भी व्यवसाय के लिए सबसे महत्वपूर्ण और सबसे पहला जो आवश्यक दस्तावेज़ होता है, वह है आपकी कंपनी का रजिस्ट्रेशन. इसलिए जब आप अपनी मिल डालने की सोचे, तो सर्वप्रथम उसका आरओसी बनवा लें.
  • आरओसी के पश्चात अगला जो महत्वपूर्ण रजिस्ट्रेशन होगा, वह है उद्योग आधार रजिस्ट्रेशन व एमएसएमई रजिस्ट्रेशन (माइक्रो स्माल और मीडियम एंटरप्राइसेस) . आपको अपनी मिल की शुरुआत से पूर्व इसे भी बनवाना होगा और इसके अलावा आपको अपनी फैक्ट्री के लिए फैक्ट्री लाईसेंस भी लेना होगा.
  • इन लाईसेंस के अलावा आपको प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अपनी मिल स्थापित करने और संचालित करने की सहमति भी लेनी होगी.
  • इसी के साथ आपको चावल-मिलिंग उद्योग अधिनियम 1958 के अनुसार भी लाईसेंस के लिए आवेदन देना होगा.
  • आपको अपना वेट पंजीयन करवाना भी अनिवार्य है. अपनी मिल के कर्मचारियों के लिए आपको पीएफ़ए और ईएसआईसी पंजीकरण के नियमों का पालन भी करना होगा.
  • अगर आप अपनी वस्तु देश से बाहर निर्यात करना चाहते है, तो आपके लिए आईईसी रजिस्ट्रेशन लेना भी अनिवार्य है.

जगह (location) –

जगह का चयन इस व्यापार की सफलता के लिए सबसे अहम फैसला है. आपके व्यवसाय के लिए यह बेहद आवश्यक है कि आपकी मिल जहाँ चावल का उत्पादन होता है, उस क्षेत्र से नजदीक होनी चाहिए. इसके लिए आपको किसी ऐसे स्थान का चयन करना चाहिए, जहां किसान आसानी से पहुंच पाए, और बिना किसी परेशानी के अपनी उपज आप तक पहुंचा पाए. ऐसा ना होने पर आपको कच्चे माल की ढुलाई के लिए ज्यादा खर्चा करना होगा. आपको इस बात का ध्यान रखना चाहिए, कि इस उद्योग के लिए आपको बड़ी जगह की आवश्यकता होगी, ताकि आप किसान द्वारा दिये गए कच्चे माल का भंडारण आसानी से कर पाए और साथ ही आपको संशोधन के बाद तैयार चावल को भी भंडार करने के लिए उपयुक्त जगह की आवश्यकता होगी. आपके इस व्यवसाय के लिए मशीनों के सेटअप के लिए भी अधिक जगह की आवश्यकता होगी, और साथ ही आपको इस बात का ध्यान भी रखना होगा, कि आपके कर्मचारी पर्याप्त जगह में काम कर पाए और उन्हे हवा पानी की पर्याप्त व्यवस्था मिले.

आवश्यक उपकरण (Necessary Equipments for Rice Milling Business)-

इस उद्योग की स्थापना के लिए आपका मुख्य खर्चा आपकी जगह और मशीन का होगा. अगर आपके पास पैसों की पर्याप्त व्यवस्था है, तो आपके लिए किसी पुरानी मशीन की जगह नई मशीन खरीदना फायदे का सौदा होगा. क्योंकि पुरानी मशीनों के साथ आपका अधिकतर पैसा मशीनों के रखरखाव और रेनोवेशन में खर्च हो जाता है. और जब आप नई मशीन खरीदते है, तो आपको मशीन विक्रेता कंपनी के द्वारा कुछ दिनों का मेंटेनेंस और इंस्टालेशन भी फ्री दिया जाता है, तो आप इन  सुविधाओं का लाभ भी ले सकते है. इसके अलावा आपको किसी ऐसे स्थान का चयन करना होगा, जहां सतत बिजली की व्यवस्था उपलब्ध हो, और बिजली की अनुपस्थिति के लिए आपको जनरेटर का प्रबंध करना भी आवश्यक है. इसी के साथ आपको इस व्यवसाय के लिए पानी का भी उचित प्रबंध करना होगा.

चावल की मिल के उद्योग के लिए आवश्यक मशीन (Required Machinery for Rice Milling Business)-

चावल की मिल में चावल को साफ करके बाजार में बेचने के लिए तैयार करने के लिए आपको धान को कई प्रक्रियाओं से गुजारना होता है, जिसके लिए पूरे सेटअप में कई तरह की मशीनों का इंस्टालेशन किया जाता है. इस उद्योग में प्रयुक्त कुछ आधुनिक मशीनों के नाम इस प्रकार है.

  1. राइस क्लीनिंग मशीन
  2. राइस डे-स्टोनर मशीन
  3. पेड़ी हसकर (Husker) मशीन
  4. राइस कलर सोर्टर
  5. पेड़ी सेपरेटर मशीन
  6. राइस व्हाइटनर मशीन
  7. राइस पोलिशिंग मशीन
  8. ग्रेडिंग मशीन
  9. ग्रैन ड्रायर
  10. मेजर एंड पैकिंग मशीन
  11. राइस मिल्लिंग डिटेक्शन मशीन

मशीनों का मूल्य और कहाँ से खरीदे (Rice Mill Machine Price and Place to Buy )–

चावल मिल में प्रयुक्त मशीन की कीमत 4 लाख से प्रारंभ होकर इसकी दक्षता के हिसाब से बढ़ती जाती है. अगर आप बहुत छोटे स्तर पर लघु उद्योग के रूप में यह व्यापार शुरू करना चाहतें है, तो आपके लिए 1 लाख से कम कीमत में भी यह मशीन बाजार में उपलब्ध है. आपकी मशीन का चयन पूर्णतः आपके व्यापार के साइज़ पर निर्भर करता है. यहाँ हम आपको कुछ वेब-साइट्स उपलब्ध करा रहें है जहां से आप इस मशीन के प्राइस और इसके विक्रेता के संबंध में जानकारी एकत्रित कर सकतें है.

इंस्टालेशन (Installation) –

जब आप मशीन खरीदने की प्रक्रिया कर लेते है, तो अब वक्त होता है इसके इंस्टालेशन का. और इस कार्य के लिए आपको एक प्रशिक्षित व्यक्ति की आवश्यकता होगी, जिसे इस चीज का ज्ञान हो. इस प्रक्रिया के लिए आपको ज्यादा चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि अधिकतर कंपनी आपके कहने पर इंस्टालेशन की सुविधा स्वयं प्रदान करती है. मशीन के सफल इंस्टालेशन में पर्याप्त समय की जरूरत होती है, इसलिए इसके लिए मालिक को थोड़ा धैर्य रखने की आवश्यकता होती है.

उद्योग के लिए आवश्यक कच्चा माल कहां से प्राप्त करें (Getting your raw material for Rice Mill) –

आपके उद्योग की सफलता इस बात पर आधारित है कि आप वर्ष भर अपने व्यापार में उत्पादन सतत रख पाए. इस उद्योग के लिए आप कच्चा माल निम्न तरीको से प्राप्त कर सकतें है –

  • चावल के खेत से अगर आपके स्वयं के धान के खेत है, तो यह उद्योग आपके लिए फायदेमंद है, क्योंकि आपको अपने व्यापार के लिए कच्चे माल की चिंता नहीं करनी पड़ेगी. परंतु आपको यह सुनिश्चित कर लेना चाहिए, कि आपके पास वर्ष भर के लिए पर्याप्त कच्चा माल उपलब्ध हो.
  • किसानों से या बाजार से धान खरीदना – अगर आपके स्वयं के खेत नहीं है तो आप किसानों से या बाजारो से भी कच्चे माल (धान) की खरीदी कर सकते है. और इसमे आपको वर्ष भर कच्चा माल आसानी से उपलब्ध भी हो जाता है. परंतु इसमें आपको बाजार में धान के मूल्य पर बहुत ध्यान देना होता है, जो कि सीजन ना होने पर काफी बढ़ जाते है और अधिक कीमत में कच्चा माल खरीदना आपके लाभ को प्रभावित करता है.

चावल तैयार करने की प्रक्रिया (Rice Manufacturing Process) –

खेत से धान की फसल आने के बाद उसे कई प्रक्रियाओं से गुजारा जाता है, तब जाकर यह बाजार में बेचने के लिए तैयार होता है. चावल को तैयार करने की निम्न प्रक्रिया है.

  • पूर्व सफाई – इस स्टेप में धान में उपलब्ध हर अशुद्धि को साफ किया जाता है और खराब अनाज को इसमे से हटाया जाता है.
  • डी-स्टोनिंग – इस प्रक्रिया में धान में से मौजूदा छोटे-छोटे पत्थरों को अलग किया जाता है और इसे अगली प्रक्रिया के लिए तैयार किया जाता है.
  • पर्बोलिंग – यह चावल के अनाज के अंदर स्टार्च के जिलेटिननाइजेशन द्वारा पौष्टिकता और गुणवत्ता में सुधार करने में मदद करता है. इससे मिलिंग रिकवरी में भी सुधार होता है.
  • हस्किंग – इस प्रक्रिया में चावल में से हस्क को अलग किया जाता है.
  • हस्क एसपिरेशन – अब इस प्रक्रिया में ब्राउन राइस या अनहुक्ड धान में से भूसी को अलग किया जाता है.
  • धान का पृथक्करण – अब यहाँ अनहुक्ड धान में से चावल को अलग किया जाता है.
  • व्हाइटनिंग – अब यहां इस प्रक्रिया में ब्राउन राइस की परत और रोगाणुओं के हिस्से को अलग किया जाता है.
  • पोलिशिंग – अब यहां बचे हुये ब्रेन कणों को हटाया जाता है और कर्नेल के बाहरी हिस्से को पॉलिश करके चावल की स्थिति में सुधार किया जाता है.
  • लेंथ ग्रेडिंग अब यहां चावल के छोटे बड़े टुकड़ो को अलग किया जाता है और एक क्वालिटी के चावल को एकत्रित किया जाता है.
  • पैकेजिंग यह आखिरी स्टेप होता है जिसमें चावल को तौलकर और अलग-अलग मात्रा में पैकेट तैयार किए जाते है. अब यह चावल ग्राहक तक पहुंचने के लिए तैयार होता है, जिसे आप बाजार में विभिन्न विक्रेताओं तक पहुंचा सकते है.

इस उद्योग में लगने वाली लागत और मुनाफा (Investment and Profit )–

अगर आप छोटे स्तर से यह व्यापार शुरू करना चाहते है, तो आप मात्र 3 लाख 50 हजार रूपये में यह व्यवसाय शुरू कर सकते है, अगर आपके पास इतना पैसा भी नहीं है, तो आपको अपने इस व्यापार के लिए 90 प्रतिशत तक का ऋण सरकार से मिल सकता है. इस व्यापार की लागत में 3 लाख का खर्च आपकी जगह और मशीनों के खर्च में आता है, जबकि बचे 50 हजार आपकी मेंटेनेंस का खर्च होता है, जिसमें बिजली बिल और कर्मचारियों का खर्चा शामिल होता है. अपने द्वारा किए गए इस इन्वेस्ट से आपका जो सेटअप होता है, उससे आप लगभग 370 क्विंटल चावल तैयार कर सकते है. और इसमे कच्चे माल और अन्य खर्चो को मिलाकर आपको लगभग 4 लाख 50 हजार तक का खर्चा आता है, जबकि आप इसे लगभग 5 लाख 50 हजार तक में आगे बाजार में बेच सकते है. मतलब आपका एक महीने का प्रॉफ़िट 1 लाख के आस-पास होगा. अगर आप बड़े स्तर पर यह व्यवसाय करते है, तो आपकी लागत और लाभ दोनों में ही वृद्धि होगी.

इस व्यापार के लिए सरकार के द्वारा दिया जाने वाला ऋण –

आप इस व्यापार के लिए लगभग 90 प्रतिशत तक का ऋण प्राप्त कर सकते है, इसके लिए आपको प्रधानमंत्री एम्प्लोयमेंट जनरेशन प्रोग्राम के अंतर्गत आवेदन करना होगा.  अगर आप इसमे आवेदन करना चाहते है तो आवेदन फॉर्म यहां https://www.kviconline.gov.in/pmegpeportal/jsp/pmegponline.jsp क्लिक करके प्राप्त कर सकते है.

इस व्यापार में आने वाली चुनौतियां (Challenges of rice milling business) –

हर व्यापार में अपनी अलग चुनौती होती है, उसी प्रकार से इस व्यापार में भी कई प्रकार की चुनौतिया है, जो इस प्रकार से है.

  • अधिक पूंजी निवेश – बाजार में उपलब्ध नवीनतम राइस मिलिंग मशीन ऐसी मशीन है, जिससे चावल को तैयार करने की प्रक्रिया और सरल हो जाती है. और साथ ही इससे बेहतर क्वालिटी का माल तैयार होता है. परंतु इन मशीनों का मूल्य अधिक होता है. तो अपनी इस समस्या से निपटने के लिए आपको इन्वेस्टर ढूँढना होता है, पर यदि आपको कोई इन्वेस्टर नहीं मिलता है, तो आपको चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि आज कल सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं से ऋण आसानी से मिल जाता है.
  • नियमित मेंटेनेंस – पूर्व में उपयोग होने वाली मशीनों की तुलना में आधुनिक मशीनों को लगातार मैंटेनेंस की जरूरत पढ़ती है, तब ही यह आपको मनचाहा उत्पादन देती है. और इन मशीनों के मैंटेनेंस के लिए आपको अत्यधिक पैसा खर्च करना होता है.
  •  इस व्यापार को चलाने के लिए विशेषज्ञों की आवश्यकता – इस व्यापार को चलाने के लिए मशीनों को चलाने और अन्य मेनेजमेंट के लिए अनुभवी व्यक्तियों की आवश्यकता होती है, और अगर आपको अनुभवी व्यक्ति नहीं मिलते है, तो आपको अपने कर्मचारियों को उचित ट्रेनिंग देनी होगी, जिससे वे अपने कार्य में कुशल हो सकें. इस ट्रेनिंग की प्रक्रिया में भी आपका पैसा खर्च होता है.
  • इस तरह से चावल की मिल का व्यापार एक लाभकारी व्यापार है, जिसे आप अत्यधिक धान उत्पादन वाले क्षेत्रों में स्थापित करके लाभ कमा सकते है. आशा करते है कि हमारे इस लेख के जरिये आप अपने व्यापार के लिए संपूर्ण जानकारी अर्जित कर पाएंगे.

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