Wednesday , July 18 2018
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सैनिटरी पैड बनाने का व्यापार कैसे करें | How To Start Sanitary Pads Making Business in hindi

सैनिटरी पैड बनाने का व्यापार कैसे करें व पैड उत्पादन लागत, मशीन की कीमत, बनाने की विधि  (How To Start Sanitary Napkin or pads Making Business Plan, manufacturing cost, machine In Hindi) 

महिलाओं की स्वच्छता से जुड़े कई उत्पादों को बाजार में बेचा जाता है और इन्हीं उत्पादों में से एक उत्पाद सैनिटरी पैड भी हैं. सैनिटरी पैड का इस्तेमाल महिलाओं द्वारा उनके पीरियड्स के समय में किया जाता है और ये एक ऐसा उत्पाद है जिसकी जरूरत हर महीने महिलाओं को पड़ती है. बाजार में बिकने वाले महिलाओं से जुड़े अन्य उत्पादों में से सैनिटरी पैड की मांग सबसे अधिक रहती है. इसलिए सैनिटरी पैड का व्यापार खोलकर कम समय में अधिक लाभ कमाया जा सकता है.

sanitary pad

भारत में सैनिटरी पैड की मांग एवं इसका बाजार (Demand of sanitary Pad in India and Its Market)

  • भारत में औरतों की स्वच्छता को लेकर काफी अभियान चलाए जा रहें हैं और ऐसा होने से औरतों के बीच स्वच्छता उत्पादों को लेकर काफी जागरूकता बढ़ रही है. और अवेयरनेस बढ़ने से स्वच्छता उत्पादों की मांग भी हमारे देश में काफी बढ़ती जा रही है.
  • एक सर्वे के मुताबिक भारत के स्वच्छता बाजार (The Indian Hygiene Market) में आने वाले समय में काफी वृद्धि होने वाली है. इस समय भारतीय महिलाओं का स्वच्छता उत्पाद बाजार (Indian feminine hygiene product market) करीब 22.21 बिलियन रुपए का है और आने वाले समय यानी 2020 तक ये मार्केट 34.68 बिलियन रुपए का आंकड़ छूने वाला है.
  • सैनिटरी पैड स्वच्छता उत्पादों की श्रेणी में आनेवाले उत्पादों में से एक हैं और इन्हें फ़ास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स में गिना जाता है. सैनिटरी पैड की मांग पहले अर्बन एरिया में सबसे अधिक होती थी. लेकिन महिलाओं की स्वच्छता के लिए चलाए गए कई कार्यक्रमों के बाद अब इनकी मांग रूरल एरिया में भी काफी बढ़ गई है. जिसके कारण कई सारी इंटरनेशनल कंपनियां भारत के स्वच्छता बाजार में कदम रखने में लगी हुई हैं.

बाजार में बिकने वाले सैनिटरी पैड (Available Sanitary Pad in Market) :

इस समय भारत में कई कंपनियों द्वारा सैनिटरी पैड बेचे जा रहे हैं और ये कंपनियां काफी लंबे समय से भारत में सैनिटरी पैड बेचने का कार्य कर रही हैं. इन कंपनियों के अलावा हाल ही में और भी कई कंपनियों ने सैनिटरी पैड बेचने का कार्य हमारे देश में शुरू किया है.

भारत में सैनिटरी पैड बेचने वाली कंपनियों के नाम (Sanitary Pad Company Name)-

व्हिस्पर (Whisper)  – व्हिस्पर पैड प्रोक्टर एंड गैंबल कंपनी द्वारा बनाए जाते हैं और ये कंपनी काफी पुरानी कंपनियों में से एक है. व्हिस्पर के कई रेंज के पैड बाजार मे बेचे जाते हैं और इन पैड की कीमत 29 रुपए से शुरू होती है जो कि पैड की क्वालिटि के साथ बढ़ती जाती है.

स्टेफ्री (Stayfree) – स्टेफ्री पैड को एनर्जाइज़र नामक कंपनी द्वारा खरीदा गया है और व्हिस्पर पैड के बाद स्टेफ्री ब्रांड के  पैड की मांग भारत में सबसे अधिक है. स्टेफ्री द्वारा दस तरह के पैड बेचे जाते हैं. इन पैड्स की कीमत 28 रुपए से शुरु होती है और पैड की क्वालिटि के साथ बढ़ती जाती है.

सोफी साइड वाल्स (Sophie Side Walls)- सोफी साइड वाल्स  जापान देश का नंबर 1 सैनिटरी नैपकिन ब्रांड है और इस ब्रांड के पैड अब भारत में भी बेचे जाते हैं. काफी कम टाइम में इस ब्रांड ने अपना नाम भारत में स्थापित कर लिया है.

सैनिटरी पैड बनाने में इस्तेमाल होने वाली रॉ मटेरियल (Raw Materials)

  • सेलूलोज़ पल्प (Cellulose Pulp)

सेलूलोज़ पल्प एक साफ, लकड़ी आधारित, नवीकरणीय और बायोडिग्रेडेबल कच्ची सामग्री होती है और इसका उपयोग टिश्यू, बोर्ड, सैनिटरी पैड और कागज के उत्पादन करने के लिए किया जाता है.

सेलूलोज़ पल्प की कीमत

सेलूलोज़ पल्प की कीमत हमेशा एक जैसी नहीं रहती है और समय के साथ बदलती रहती है. एक किलो सेलूलोज़ पल्प की कीमत 50 रुपए से शुरू होती है, जो कि टाइम के साथ बदलती रहती हैं.

कहां से खरीदे

सेलूलोज़ पल्प का आर्डर आप इस यूआरएल में जाकर दे सकते हैं. https://dir.indiamart.com/impcat/wood-pulp.html और इस साईट में सेलूलोज़ पल्प का ऑर्डर देने के साथ –साथ आपको इसका सही मूल्य भी पता चल जाएगा.

  • सुपर अब्सॉर्बेंट पॉलीमर (Absorbent polymer)

सुपर अब्सॉर्बेंट पॉलीमर का इस्तेमाल भी पैड बनाने में होता है. सैनिटरी पैड का इस्तेमाल मासिक धर्म के दौरान होने वाली ब्लीडिंग को सोखने के लिए किया जाता है और सुपर अब्सॉर्बेंट पॉलीमर की मदद से ही पैड अच्छे से ब्लीडिंग को सोख पाते हैं.

सुपर अब्सॉर्बेंट पॉलीमर की कीमत

सुपर अब्सॉर्बेंट पॉलीमर कई क्वालिटी में आता है अगर आप अच्छी क्वालिटी का सुपर अब्सॉर्बेंट पॉलीमर लेते हैं तो वो आपको थोड़ा महंगा पड़ेगा. वहीं थोड़ी कम अच्छी क्वालिटी का सुपर अब्सॉर्बेंट पॉलीमर आपको थोड़ा सस्ता पड़ेगा.

कहां से खरीदें

सुपर अब्सॉर्बेंट पॉलीमर का आर्डर आप इन लिंक पर जाकर दे सकते हैं.

https://www.indiamart.com/proddetail/super-absorbent-polymer-sap-6686882791.html

https://www.indiamart.com/proddetail/super-absorbent-polymer-powder-15553335497.html

https://dir.indiamart.com/impcat/water-absorbent-polymer.html

  • नॉन वोवन फैब्रिक (Non-Woven Fabric)

जिस अगली सामग्री का इस्तेमाल सैनिटरी पैड बनाने के लिए किया जाता है, वो नॉन वोवन फैब्रिक है और इस फैब्रिक का उपयोग पैड के अलावा अन्य तरह की चीजों को बनाने में भी किया जाता है.

नॉन वोवन फैब्रिक की कीमत

नॉन वोवन फैब्रिक के दाम इसकी  गुणवत्ता के आधार पर निर्धारित किए जाते हैं. अगर आप अच्छी गुणवत्ता का नॉन वोवन फैब्रिक का इस्तेमाल पैड बनाने के लिए करते हैं, तो वो आपको 40 से लेकर 60 रुपए प्रति मीटर की कीमत का पड़ता है. और अगर आप कम गुणवत्ता वाले नॉन वोवन फैब्रिक को खरीदते हो तो वो आपको 40 रुपए से कम दाम का पड़ेगा.

कहां से खरीदें

नॉन वोवन फैब्रिक को किसी भी थोक बाजार से खरीदा जा सकता है और आप चाहें तो नॉन वोवन फैब्रिक को ऑनलाइन भी परचेस कर सकते हैं.

नॉन वोवन फैब्रिक खरीदने से जुड़ी वेबसाइट के लिंक-

https://dir.indiamart.com/impcat/non-woven-fabrics.html?biz=30

https://www.indiamart.com/proddetail/super-absorbent-polymer-sap-6686882791.html

पोलीप्रोपलीन बैक शीट (Polypropylene Back Sheet)

सैनिटरी पैड का व्यापार स्टार्ट करने के वक्त आपको पोलीप्रोपलीन बैक शीट भी खरीदनी पड़ेगी क्योंकि पैड को बनाते समय पोलीप्रोपलीन बैक शीट का भी इस्तेमाल किया जाता है.

पोलीप्रोपलीन बैक शीट की कीमत

पोलीप्रोपलीन बैक शीट किलो के हिसाब से बेची जाती है और ये शीट 300 रुपए प्रति किलो के दाम में आपको मिल जाएगी. हालांकि इसकी प्राइस भी इसके क्वालिटी के हिसाब से कम और ज्यादा होती रहती हैं.

कहां से खरीदें

व्यापारी पोलीप्रोपलीन बैक शीट को ऑनलाइन के जरिए भी बेचा करते हैं और आप पोलीप्रोपलीन बैक शीट का आर्डर इस लिंक पर जाकर दे सकते है.

https://dir.indiamart.com/impcat/polypropylene-sheets.html

सिलिकॉन पेपर (Silicon Paper)                                                                 

  • आपको सिलिकॉन पेपर की जरूरत भी पैड बनाते समय पडेगी. दरअसल सैनिटरी पैड बनाने के बाद उन पर सिलिकॉन पेपर लगाया जाता है और जब महिलाएं पैड का इस्तेमाल करती हैं तो सबसे पहले पैड पर लगे इस सिलिकॉन पेपर को निकालती हैं और उसके बाद पैड का इस्तेमाल करती हैं.

सिलिकॉन पेपर की कीमत

सिलिकॉन पेपर की एक सीट 40 रुपए प्रति किलो के हिसाब से बेची जाती है. लेकिन अगर आप अच्छी गुणवत्ता का सिलिकॉन पेपर सीट लेते हैं तो उसकी कीमत 40 रुपए से अधिक हो सकती है.

कहां से खरीदें

कई भारतीय और चीन की कंपनियां सिलिकॉन पेपर को बेचने का कार्य करती है और इन कंपनियों के फोन नंबर की जानकारी आपको ऑनलाइन मिल जाएगी. और आप इन कंपनियों से संपर्क करके इस पेपर का ऑर्डर दे सकते हैं. या फिर आप नीचे बताए गए लिंक पर जाकार ऑनलाइन के जरिए भी इन पेपर का ऑर्डर प्लेस कर सकते हैं.

https://dir.indiamart.com/impcat/silicon-paper.html

  • हॉट मेल्ट सील (Hot melt seal)

हॉट मेल्ट सील और हॉट मेल्ट पोजिशनिंग सील का इस्तेमाल पैड बनाते समय किया जाता है. और आप इन दोनों सामग्री को नीचे बताए गए लिंक से खरीद सकते हैं:

https://www.indiamart.com/proddetail/sanitary-napkin-hot-melt-adhesive-16659850973.html

https://www.indiamart.com/chemline-india-delhi/hotmelt-adhesives.html

सैनिटरी पैड बनाने में इस्तेमाल होने वाली मशीन और उनके दाम (Machine And Price)

सैनिटरी पैड को बनाने के लिए दो प्रकार की मशीनें बाजार में उपलब्ध हैं, जिनमें से पहली मशीन अर्द्ध स्वचालित नैपकिन मेकिंग मशीन है और दूसरी स्वचालित नैपकिन मेकिंग मशीन है.

अर्द्ध स्वचालित नैपकिन मेकिंग मशीन की कीमत (semi-automatic sanitary napkin machine Cost)-

अर्द्ध स्वचालित नैपकिन मेकिंग मशीन की मदत से कम समय में ज्यादा से ज्यादा पैड बनाए जा सकते हैं और ये मशीन काफी सस्ती भी पड़ती है.

दरअसल कई कंपनियों द्वारा ये मशीन बनाई जाती है और हर कंपनी इस मशीन को अलग अलग दामों में बेचती है. लेकिन अर्द्ध स्वचालित नैपकिन मेकिंग मशीन कम से कम दो लाख रुपए में बेची जाती है.

कहां से खरीदें (Place to buy Machine)

आप https://www.indiamart.com/nifoundation/sanitary-napkin-making-machine.html और https://www.indiamart.com/proddetail/sanitary-napkin-making-machine-2366750812.html लिंक पर जाकर पैड मेकिंग की अर्द्ध स्वचालित मशीन को खरीद सकते हैं. इन साइट्स पर आपको इस मशीन से जुड़ी और भी इनफार्मेशन मिल जाएगी.

स्वचालित नैपकिन मेकिंग मशीन (Automatic Sanitary Napkin Making Machine)-

  • अगर आप बड़े स्केल पर सैनिटरी पैड बनाना चाहते हैं और आपके पास सैनिटरी पैड के व्यापार को करने के लिए अच्छा खासा बजट है तो आप के लिए स्वचालित नैपकिन मेकिंग मशीन बेस्ट ऑप्शन है.
  • स्वचालित नैपकिन मेकिंग मशीन की मदद से आप कम समय में अधिक पैड बना सकेंगे और ये मशीन आसानी से कोई भी चला सकता है.

स्वचालित नैपकिन मेकिंग मशीन के दाम (Machine cost)

  • अर्द्ध स्वचालित नैपकिन मेकिंग मशीन के मुकाबले स्वचालित नैपकिन मेकिंग मशीन कम समय में ज्यादा पैड बना सकती हैं और इसलिए इस मशीन के दाम काफी अधिक हैं.
  • स्वचालित नैपकिन मेकिंग मशीन खरीदने के लिए आपके पास कम से कम सात लाख रुपए होने चाहिए, अगर आप किसी अच्छी कंपनी से इस मशीन के लेते हैं तो इसके दाम और अधिक हो सकते हैं.

कहां से खरीदे

स्वचालित नैपकिन मेकिंग मशीन का आर्डर ऑनलाइन जाकर https://www.indiamart.com/proddetail/fully-automatic-sanitary-napkin-machine-15553079491.html और https://www.indiamart.com/proddetail/automatic-sanitary-pads-making-machine-15797496612.html इन लिंक्स पर लिया जा सकता है.

पैड बनाने की प्रक्रिया (Sanitary Napkin Manufacturing Process)

पैड बनाने के लिए आपको ऊपर बताए गए सभी रॉ मटेरियल को दुकान से खरीदना होगा और उसके बाद आप स्वचालित नैपकिन मेकिंग मशीन या अर्द्ध स्वचालित नैपकिन मेकिंग मशीन की मदद से पैड को बनाने का कार्य स्टार्ट कर सकते हैं.

पैड बनाने की प्रक्रिया (Pad Making Process)-

  • सबसे पहले पुल्वेरीज़ेर (pulverisers) मशीन की मदद से सॉफ्ट पल्प तैयार किया जाता है. जिसके बाद नैपकिन प्रेस मशीन से इस सॉफ्ट पल्प को प्रेस कर पैड का आकार दिया जाता है.
  • सॉफ्ट पल्प को पैड का आकार देने के बाद नैपकिन सीलिंग मशीन से पैड को सील किया जाता है. पैड जब अच्छे से सील हो जाते हैं तो फिर उनके पीछे गोंद लगाने वाली मशीन से गोंद लगाई जाती है और फिर उस पर सिलिकॉन पेपर चिपकाया जाता है .
  • अगले चरण में पैड को यूवी ट्रीटेड स्टेरिलिज़ प्रक्रिया से गुजरना होता है और इस तरह से पैड बनकर तैयार हो जाते हैं.

पैकेजिंग और लेबलिंग (Packaging and Labelling)

  • सैनिटरी पैड के कई तरह के साइज वाले पैकेट बाजार में बेचे जाते हैं. जिनमें से कुछ पैकेट छोटे होते हैं तो कुछ बड़े, इसलिए आपको भी अपने पैड को छोटे साइज और बड़े साइज के पैकेट में बेचना होगा.
  • इन दोनों तरह के पैकेट की पैकेजिंग अलग अलग तरह से की जाती है. जैसे कि छोटे वाले पैकेट में केवल आठ पैड पैक किए जाते हैं, जबकि बड़े साइज वाले पैकेट में पैड ज्यादा संख्या में पैक किए जाते हैं.
  • अपने सैनिटरी पैड के पैकेट के रंग को भी आपको सोच समझ कर चुनना होगा और कोशिश करें तो ऐसे किसी रंग का चयन आप करें, जो कि महिलाओं को पसंद हो. क्योंकि इस प्रोडक्ट को महिलाओं द्वारा इस्तेमाल किया जा है और आपको इसकी पैकेजिंग भी उसी तरह से करनी होगी जो कि महिलाओं को पसंद आए.

लेबलिंग (Labelling)

  • सैनिटरी पैड के पैकेट मे आपको अपनी कंपनी का नाम पता, पैड की एक्सपायरी  डेट, इनको किस तरह से इस्तेमाल किया जाता है और इसको किस तरह डिस्पोसे (dispose) किया जाता है, ये सब जानकारी देनी होगी.

अपनी कंपनी  को रजिस्टर करवाना (Registration)

अपनी सैनिटरी पैड की कंपनी का पंजीकरण भी आपको करवाना होगा और पंजीकरण करवाने के समय आपको अपनी कंपनी का पता, आपकी कंपनी का नाम जैसी जानकारी फॉर्म में भरनी होगी. इसलिए सैनिटरी पैड की कंपनी खोलने का प्लान बनाते समय सबसे पहले इस कंपनी के नाम का चयन जरूर कर लें.

लाइसेंस (LICENSE)

बाजार में अपनी कंपनी के सैनिटरी पैड बेचने से पहले आपको इन्हें बेचने से जुड़ा हुआ लाइसेंस भी प्राप्त करना होगा और ये लाइसेंस मिलने के बाद ही आप अपने सैनिटरी पैड को बाजार में बेच सकेंगे.

स्थान का चयन (Place)

  • सैनिटरी पैड की कंपनी शुरू करने के लिए आपको एक ऐसे स्थान का चयन करना होगा, जहां पर आसानी से बिजली, पानी और लेबर के आने जाने की ट्रांसपोर्टेशन फैसिलिटी उपलब्ध हो.
  • सैनिटरी पैड को बनाने के बाद आपको इन पैड को स्टोर करने के लिए भी अच्छी खासी जगह की आवश्यकता पड़ेगी और सैनिटरी पैड को बनाने में इस्तेमाल होने वाली समाग्री को भी रखने के लिए आपको एक बड़े कमरे की जरूरत पडेगी. इसलिए आप उसी स्थान का चयन करें जो कि कम से कम 2000 वर्ग फीट एरिया में फैला हुआ हो.

लोगों का चयन (Recruitment)

सैनिटरी पैड की कंपनी को स्टार्ट करने से पहले ही आपको इस क्षेत्र में अनुभव रखने वाले कुछ लोगों को काम पर रखना होगा और इन लोगों की मदद से आपको इस व्यापार को स्टार्ट करने में काफी मदद भी मिलेगी. अनुभवी लोगों के अलावा आपको कुछ लेबर कर्मचारियों को भी नौकरी पर रखना होगा.

सावधानी (Caution)

सैनिटरी पैड बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री काफी आसानी से आग पकड़ लेती है इसलिए आप जिस स्थान से अपना सैनिटरी पैड विनिर्माण का कार्य शुरू करने वाले हैं, वहां पर अग्निशामक  जरूर लगवा लें.

मार्केटिंग (Marketing)

अपनी सैनिटरी पैड कंपनी का प्रचार करने के लिए आपको कई तरह के  मार्केटिंग टूल्स का इस्तेमाल करना होगा. क्योंकि मार्केटिंग की मदद से ही लोगों को आपके सैनिटरी पैड के ब्रांड के बारे में पता चल सकेगा.

  • विज्ञापन के जरिये मार्केटिंग  (Advertisement)

विज्ञापन की मदद से आप कम समय में अपने सैनिटरी पैड के ब्रांड को लोगों के बीच फेमस कर सकते हैं. आप चाहें तो टी.वी में अपने सैनिटरी पैड का विज्ञापन दे सकते हैं या फिर अखबार के जरिए भी अपने सैनिटरी पैड के बारे में लोगों को बता सकते हैं.

  • ऑनलाइन बेच सकते हैं पैड (Online)

ऑनलाइन के जरिए पैड बेचने से आपकी कंपनी का प्रमोशन भी हो जाता है और आपके प्रोडक्स भी बिक जाते हैं. इसलिए आप ऑनलाइन पैड बेचने के लिए या तो अपनी सैनिटरी पैड कंपनी की वेबसाइट बना सकते हैं या फिर ऑनलाइन प्रोडक्ट बेचने वाली वेबसाइट के जरिए अपने सैनिटरी पैड बेचना शुरू करे दें.

बजट और प्रॉफिट (Budget and Profit)

सैनिटरी पैड  का व्यापार स्टार्ट करने में आपको कम से कम 10 लाख रुपए का खर्चा आएगा, जबकि आपका प्रॉफिट मार्जिन इस बात पर निर्भर होगा कि आप कितने रुपए में अपने इन पैड को बेचते हैं.

ट्रेनिंग (Training)

सैनिटरी पैड किस तरह से बनाएं जाते हैं, इस चीज की भी ट्रेनिंग आपको अपने कर्मचारियों को दिलवानी होगी ताकि वो सही तरह से पैड को बना सकें और हो सके तो खुद भी सैनिटरी पैड बनाने की ट्रेनिंग आप लेलें.

सैनिटरी पैड के व्यापार को खोलने से पहले आप अच्छे से सैनिटरी पैड की मार्केट के बारे में रिसर्च कर लें. ताकि आपको इस बात का सही से अंदाजा लग जाए कि सैनिटरी पैड व्यापार स्टार्ट करने में आपको कितना निवेश करना होगा और आपको कितने समय बाद इस व्यापार से मुनाफा होने लगेगा.

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