सरकार दे रही है राशन दुकान खोलने का सुनहरा मौका, होगी बंपर कमाई, ऑनलाइन आवेदन शुरू

सरकारी राशन की दुकान कैसे खोलें, ऑनलाइन आवेदन, डीलरशिप, नियम, लाइसेंस (उचित मूल्य, सस्ते गल्ले) (Ration Dukaan Depot, Fair Price Shop, PDS, License)

हर व्यक्ति को अपने घर का राशन खरीदने के लिए राशन की दुकान जाना होता है. राशन की दुकान में जाकर अपना राशन कार्ड दिखा कर कोई भी नागरिक अनाज खरीद सकता है. ये दुकानें न सिर्फ शहरी क्षेत्रों में होती हैं बल्कि ये ग्रामीण क्षेत्रों में भी मौजूद होती हैं. लेकिन हमारे देश की जनसंख्या इतनी अधिक हैं कि हर व्यक्ति को सरकार या प्राइवेट कंपनियों में रोजगार मिल पाना मुश्किल हो रहा है. ऐसे में वे खुद का व्यवसाय करने का विचार अपना रहे हैं. ऐसे लोगों की मदद के लिए हमारा यह लेख लिखा गया हैं. यदि किसी व्यक्ति को अपना व्यवसाय शुरू करना है तो वह सस्ते गल्ले की दुकान यानि उचित मूल्य की राशन दुकान खोल सकता है. इन दिनों इसमें काफी फायदा भी है. राशन की दुकान खोलने के लिए क्या आवश्यकताएं होंगी एवं क्या करना होगा, यह सब कुछ आप इस लेख में देख सकते हैं.

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सरकारी राशन बाँटने की दुकान क्या है (What is Ration Shop or Fair Price Shop)

राशन की दुकान वह होती हैं, जहां राशन कार्ड धारकों को उचित मूल्य में राशन मिलता है. ये ऐसी दुकानें होती हैं जिसे सरकार की ओर से आवश्यक वस्तु अधिनियम धारा 3 के तहत उचित मूल्य पर आवश्यक वस्तुओं को प्रदान करने के लिए लाइसेंस दिया जाता है. यह लाइसेंस सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अनुरूप दिया जाता है. इसे इस तरह से भी समझ सकते हैं कि सरकार के द्वारा राशन जैसे गेंहू, चावल, दाल, चीनी एवं अन्य अनाज की कीमत निर्धारित की गई है, उसी निर्धारित दर पर राशन वितरक अपने क्षेत्र के लोगों को राशन देते हैं. ये दुकानें उचित मूल्य की राशन की दुकानें होती है.

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राशन की दुकान कौन खोल सकता है (Ration Shop Eligibility Criteria)

राशन की दुकान खोलने के लिए पात्रता अलग – अलग राज्य सरकार अलग – अलग होती हैं, किन्तु कुछ पात्रता सभी के लिए निर्धारित होती हैं जोकि इस प्रकार हैं –

  • भारत का निवासी :- राशन की दुकान खोलने के इच्छुक व्यक्ति भारत के निवासी होने चाहिये साथ ही वह जिस क्षेत्र का रहने वाला हैं उसी क्षेत्र में यह दुकान खोल सकता है.
  • आर्थिक रूप से समर्थ :- आवेदन करने वाले व्यक्ति के बैंक खाते में कम से कम 50 हजार रूपये की राशि होना आवश्यक है इसका मतलब यह है कि वह आर्थिक रूप से समर्थ हो.
  • शैक्षणिक योग्यता :- लोगों को राशन की दुकान खोलने के लिए पहले पात्रता कम से कम 10 वीं कक्षा उत्तीर्ण होने की थी, जिसे अब बढ़ा कर स्नातक तक की कर दी गई है. हालांकि अलग – अलग राज्यों में यह योग्यता अलग हो सकती हैं.
  • पहले से लाइसेंस प्राप्त आवेदनकर्ता नहीं कर सकते आवेदन :- ऐसे व्यक्ति जिन्होंने पहले एक बार राशन की दुकान के लिए लाइसेंस प्राप्त कर लिया हैं लेकिन किसी कारण से उनका लाइसेंस रद्द कर दिया गया हैं तो वह इसके लिए दोबारा आवेदन नहीं कर सकता है.
  • कानूनी दोषी :- ऐसे व्यक्ति जो आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत दोषी है. वह भी इसके लिए पात्र नहीं होगा.
  • अन्य लाइसेंस :- यदि किसी व्यक्ति के पास पहले का खाद्यान्न विभाग की ओर से दिया जाने वाला खाने के तेल, चीनी, गेहूं, चावल आदि का लाइसेंस प्राप्त है. तो वह भी राशन की दुकान के लिए आवेदन नहीं कर सकता है.

राशन की दुकान के लिए जगह की आवश्यकता (Ration Shop Required Location and Place)

  • जिस जगह पर दुकान खोल रहे हैं उसके पूरे पेपर होने चाहिए, चाहे वह जगह आपकी हो या रेंट एग्रीमेंट पर साइन करके आपने उसे रेंट में लिया हो.
  • यह दुकान के लिए ऐसा क्षेत्र होना चाहिये जिसके सामने कम से कम 15 फीट चौड़ी सड़क हो. ताकि लोग राशन लेने जायें तो लोगों को राशन खरीदने में परेशानी न हो.
  • दुकान की ऊंचाई एवं चौड़ाई 3 मीटर से 5 मीटर तक होनी चाहिए.
  • यदि राशन की दुकान के पास आटा चक्की हो तो इससे लोगों को राशन खरीद कर गेंहू पिसवाने में आसानी हो जाएगी.   

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राशन की दुकान खोलने के लिए लाइसेंस के लिए आवेदन कैसे करें (How to Apply for Ration Shop License)

यदि आप शहरी इलाकों में रहते हैं तो आपको राशन की दुकान खोलने के लिए लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकते हैं. लेकिन यदि आप ग्रामीण क्षेत्र में रह रहे हैं तो इसके लिए प्रक्रिया अभी ऑफलाइन रखी गई है. यहाँ हम आपको दोनों क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए लाइसेंस के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया बता रहे हैं –

ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के लिए –  

  • ग्रामीण क्षेत्र में राशन की दुकान की आवश्यकता हैं या नहीं इस बात के लिए बैठक आयोजित की जाती है. यह बैठक करने का कारण तब पैदा होता हैं जब उस गांव में रहने वाले लोगों को राशन लेने के लिए काफी दूर जाना पड़ता है, या वे अपने राशन वितरक के व्यवहार से खुश नहीं हैं.
  • इस बैठक की देखरेख करने का उत्तरदायित्व सहायक ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर को दिया जाता है. उन्हीं के सामने राशन की दुकान खोलने वाले लोगों के नाम जाते हैं.
  • फिर जिन लोगों के नाम दिए जाते हैं उन उम्मीदवारों की योग्यता एवं अन्य शर्तों का सत्यापन किया जाता हैं. उन्हें ब्लॉक अधिकारी द्वारा एक फॉर्म भी दिया जाता हैं जिसे भरकर उन्हें जमा करना होता है. साथ ही उनके सभी दस्तावेजों को भी जमा कर उसकी जाँच की जाती है. यदि किसी उम्मीदवार के पास किसी प्रकार का प्रमाण पत्र नहीं हैं तो वह उसके लिए अपने ग्राम सरपंच या सहायक ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर से सम्पर्क कर सकते हैं.
  • फिर सभी चयन किये गये उम्मीदवारों के आवेदन फॉर्म एवं दस्तावेज को ब्लॉक डेवलपमेंट अधिकारी के पास भेजा जाता है. और फिर उनके द्वारा सत्यापित होने के बाद इसे डिस्ट्रिक्ट सप्लाई ऑफिसर के पास पहुँचाया जाता है.
  • इसके बाद सभी दस्तावेज जिला मजिस्ट्रेट के पास जाते हैं. और उन्हें यहाँ से लाइसेंस प्राप्त होता हैं, लेकिन आपको बता दें कि लाइसेंस प्राप्त करने से पहले आपको सिक्यूरिटी के रूप में राज्यों के आधार और कुछ रूपये भुगतान भी करना पड़ता है.

इस तरह से आपको ग्रामीण क्षेत्र में राशन की दुकान खोलने के लिए लाइसेंस प्राप्त हो जाता है. और फिर आप अपनी दुकान खोल सकते हैं.

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शहरी क्षेत्र के लोगों के लिए –

  • यदि शहर में कोई ऐसा स्थान है जहां 4 हजार यूनिट एरिया है, वहां सरकार की ओर से राशन की दुकान खोलने के लिए अधिसूचना जारी कर दी जाती है. यह अधिसूचना लोगों तक स्थानीय न्यूज़ पेपर एवं संबंधित विभाग की अधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से पहुंचा दी जाती है. और फिर जो इसके लिए इच्छुक हैं वह आवेदन कर सकता है.
  • आवेदक संबंधित विभाग की अधिकारिक वेबसाइट में जाकर आवेदन कर सकते हैं. आवेदन फॉर्म भरने के बाद उसका निरिक्षण किया जाता हैं जोकि सर्किल आपूर्ति निरक्षक द्वारा किया जाता है.
  • इसके बाद आवेदन कर्ताओं का चयन किया जाता है. यह चयन निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर चयन समिति द्वारा किया जाता है. चयन समिति में शामिल होने वाले लोगों में जिला आपूर्ति अधिकारी, जिला मजिस्ट्रेट या अपर मजिस्ट्रेट, मुख्य विकास अधिकारी, राजस्व विभाग का एक चयनित व्यक्ति आदि शामिल होते हैं.
  • चयन समिति जिस आवेदनकर्ता का चयन करती हैं उसके आवेदन को आगे की जाँच के लिए डिस्ट्रिक्ट सप्लाई ऑफिसर के पास पहुँचाया जाता है. डिस्ट्रिक्ट सप्लाई ऑफिसर आवेदन की जांच के साथ ही आवेदक की योग्यता एवं व्यवहार आदि की भी जाँच करते हैं.
  • इसके बाद फिर से जिला मजिस्ट्रेट के पास फाइनल आवेदन भेजा जाता हैं और तभी आवेदन कर्ता को राशन की दुकान के लिए सरकार द्वारा लिए जाने वाले शुल्क का भुगतान भी करना पड़ता है. यह सिक्यूरिटी शुल्क होता है.

इस तरह से राशन की दुकान के लिए लाइसेंस प्राप्त कर अपने क्षेत्र में राशन की दुकान खोली जा सकती हैं. आवेदकों इससे सरकार की ओर से आमदनी प्राप्त होती हैं. धीरे धीरे जन यह दुकान चलने लग जाती हैं तो यह राशन विक्रेता को अच्छा खासा मुनाफा प्राप्त होने लगता है.

एफएक्यू (FAQ’s)

Q : राशन की दुकान के लिए क्या योग्यता होना आवश्यक है ?

Ans : राशन की दुकान के लिए सबसे जरुरी योग्यता यह हैं कि वह व्यक्ति कम से कम 10 वीं पास हो और साथ ही वह आर्थिक स्थिति रूप से समर्थ हो.

Q : राशन की दुकान खोलने के लिए मिलने वाले लाइसेंस की अवधि क्या है ?

Ans : राशन की दुकान खोलने के लिए मिलने वाले लाइसेंस की कोई समय सीमा नहीं है यह लाइसेंस उम्र भर चलता है.

Q : राशन की दुकान में राशन के रेट का निर्धारण कौन करता है ?

Ans : राशन की दुकान में राशन के रेट का निर्धारण सरकार द्वारा निर्धारित किया जाता है.

Q : राशन की दुकान खोलने में कितना मुनाफा है ?

Ans : यदि आप किसी ऐसे क्षेत्र में राशन की दुकान खोलते हैं जिसके दायरे में बहुत से राशन कार्ड धारक राशन खरीद सकते हैं तो इससे आपको काफी अधिक मुनाफा हो सकता है.

Q : राशन की दुकान कितने राशन कार्ड पर प्रदान की जाती है ?

Ans : एक राशन की दुकान 2000 यूनिट पर प्रदान की जाती हैं जिसके अंदर 400 राशन कार्ड शामिल होते हैं. लेकिन सहकारी समिति या ट्रस्ट होने पर यह 4000 यूनिट तक हो सकता है. जिसके अंदर में 800 राशन कार्ड आते हैं.

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