सरकार के साथ सोलर सेल या सौर उर्जा बिज़नेस कैसे शुरू करें | How to Start a Solar Energy Plant Business in hindi

सरकार के साथ सोलर सेल या सौर उर्जा बिज़नेस कैसे शुरू करें (How to Start a Solar Energy Plant Business in India in hindi) 

सोलर व्यापार मतलब नाम से ही स्पष्ट है, कि यह एक ऐसा व्यापार है, जो सौर ऊर्जा और इससे संबंधित उपकरणों पर आधारित व्यापार है. सोलर सेल का उपयोग सूर्य के प्रकाश से  इलेक्ट्रीसिटी बनाने में किया जाता हैं. वैसे तो सरकार ने भारत मे कई हद तक बिजली की समस्या का समाधान करने का प्रयास किया है, परंतु अब भी कई ग्रामीण क्षेत्र ऐसे है, जहां बिजली बहुत कम उपलब्ध होती है. इसी के साथ बढ़ते बिजली के बिल भी लोगों को मुश्किल में डालते है. परंतु सोलर उपकरण इन सभी समस्याओं का समाधान प्रदान करते है. आजकल अपनी समस्याओं से निजात पाने के लिए कई लोग इस ओर आकर्षित हुए है, इसलिए आज के समय में सोलर उपकरण और इससे संबंधित व्यापार में अपार संभावनाएं नजर आ रही है.

Solar Plant Business

अगर आप भी कोई व्यापार शुरू करने का सोच रहें है, तो यह आपके लिए एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता हैं. क्योकि अब तक इस व्यापार ने बहुत कम मार्केट एरिया को कवर किया है, इसलिए आपके पास इसमें बहुत बड़ा मार्केट होगा, जो कि स्वयं इस तरह के उपकरणों मे रुचि रखता है.

अगर आप इस व्यापार को शुरू करने का सोच रहे है, तो इसे कैसे शुरू कर सकते है, आपको इसमे कितना खर्च करना होगा, आपको इसमें किसी ट्रेनिंग की आवश्यकता पड़ेगी या नहीं, और आपको इसमें कितना लाभ होगा, आपके इन सवालो के जवाब हम आज अपने इस आर्टिकल के माध्यम से देने जा रहे है.

सोलर व्यापार क्षेत्र में निम्न तरह से पैसा कमा सकते है (How to earn Money in Solar Energy Plant Business or Most Profitable Solar Business Ideas)

सोलर इंडस्ट्री में प्रोडक्ट और सर्विस दोनों के आधार पर बिजनेस शुरू कर सकते हैं. हालांकि इसके लिये आपको बहुत बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को आकर्षित करना होगा या इसके स्थान पर किसी विशेष वर्ग को आकर्षित करके भी बिजनेस शुरू किया जा सकता हैं, लेकिन इसके लिए  सोलर बिजनेस के सभी पहलुओं को गहराई से समझने की जरुरत होगी.

  • सोलर एनर्जी ऑडिटिंग (Solar Energy Auditing) – ये पूरी तरह जानकारी आधारित बिजनेस हैं,सोलर एनर्जी ऑडीटर के तौर पर आपका पहला काम एनर्जी की आवश्यकता सम्बन्धित जानकारियाँ एकत्र करना हैं. जब भी कोई सोलर एनेर्जी पैनल लगाना चाहे, तो उसे सबसे पहले यही काम करना पड़ता हैं. हालांकि ऑडिटर वास्तव में सेल्सपर्सन ही होता हैं, जो कि ऊर्जा के स्त्रोतों की  मार्केटिंग करता हैं,और ऊर्जा उपभोग के सम्बंध में लोगों को जानकारी देता हैं, इस बिजनेस के लिए बहुत कम संसाधनों की आवश्यकता होती हैं, इसे घर से भी शुरू किया जा सकता हैं.
  • सोलर पैनल इंस्टालेशन (Solar Panel Installation)- सोलर पैनल का बिजनेस शुरू करने किए लिए पर्याप्त जानकरी और तकनीकी स्किल होनी चाहिए. ये बिजनेस काफी प्रोफिटेबल हैं और इससे आकर्षक रिवेन्यु भी मिलता हैं. फ्रेश पैनल इंस्टालेशन के अलावा आप रिपेयरिंग सर्विस का काम भी देख सकते हैं. हालांकि बिजनेस में थोडा इन्वेस्टमेंट,स्टाफ और मार्केटिंग सम्बन्धित खर्चे होते हैं.
  • सोलर प्रोडक्ट डिस्ट्रीब्यूशन (Solar Product Distribution)- यदि आप ऊर्जा के क्षेत्र  में डिस्ट्रीब्यूशन या ट्रेडिंग का बिजनेस करना चाहते हैं, तो ये  सबसे उपयुक्त बिजनेस हैं. हालांकि आपको इसके लिए किसी ऐसी अच्छी कम्पनी को खोजना होगा, जिसे आपके एरिया में डिस्ट्रीब्युटर की तलाश हो. आप अपने एरिया में बेचने के लिए अन्य देशों से भी माल इम्पोर्ट कर सकते हैं.
  • सोलर प्रोडक्ट मैन्युफैक्चरिंग (Solar Product Manufacturing)- ये एक पूँजी प्रधान  बिजनेस हैं, जिसमें आपके पास मार्केटिंग और फाइनेंशीयल प्रोजेक्शन का बिजनेस प्लान भी होना चाहिए. इसके अलावा  आप कुछ सोलर प्रोडक्ट्स के ट्रेडिशनल आइटम भी विकसित कर सकते हैं. इनमें सबसे ट्रेंडिंग सेगमेंट सोलर लाईट,सोलर गैजेट और सोलर रिचार्जर हैं,यदि आपका प्रोडक्ट उपभोक्ता को पसंद आता हैं, ये तुरंत पोप्युलर हो सकता हैं.
  • सोलर सिस्टम रिपेयरिंग एंड मेंटेंनेस (Solar System Repairing & Maintenance)-ये मार्केट सर्विस के बाद का बिजनेस हैं,सोलर प्रोजेक्ट के  इंस्टालेशन के बाद भी इसके मेंटेनेन्स के लिए रोज  संभालने और रिपेयर करने की जरूरत होती हैं. इसलिए इस  क्षेत्र में भी बहुत सम्भावानाये हैं,हालांकि इस बिजनेस में टेक्निकल और नेटवर्किंग स्किल्स की जरूरत होती हैं, लेकिन ये कम कॉस्ट वाला स्टार्टअप हैं .

सोलर बिजनेस में सोलर प्रोडक्ट के डिस्ट्रीब्यूटर ( Solar Product Distributor type in Solar Plant Business )

इसमें अपना खुद का व्यापर स्थापित के बहुत से अवसर मिल सकते हैं, जिनमें मुख्य निम्न हैं-

  1. बिजनेस एसोसिएट बनकर
  2. डीलरशिप लेकर
  3. डिस्ट्रीब्यूटरशिप लेकर
  4. फ्रेंचाईजी लेकर
  5. एजेंट बनकर

आप इनमें से किसी भी विकल्प का चयन करके सोलर एनर्जी के क्षेत्र में पैसा कमा सकते है. आप किस विकल्प का चयन करते है, यह पूरी तरह से आपके इनवेस्टमेंट पर निर्भर करता है.

  • सोलर बिज़नस एसोशिएट (Solar Business associate) 

सोलर बिजनेस एसोसिएट वह व्यक्ति होता है, जिसे कंपनी अपने सभी उपकरण के संबंध में संपूर्ण ट्रेनिंग प्रदान करती है. अब आगे यह व्यक्ति अपने एरिया में लोगों को यह जानकारी देता है और कंपनी के प्रॉडक्ट को मार्केट में बेचने का काम करता है. इस तरह से कंपनी के प्रॉडक्ट को मार्केट में स्थान मिलता है और कंपनी का प्रॉफ़िट होता है. आपके द्वारा की गई प्रत्येक सेल के लिए कंपनी आपको आपका कमिशन प्रदान करती है. इस तरह से एक बार ट्रेनिंग पर इनवेस्टमेंट के बाद यह पूर्ण रूप से कमिशन पर आधारित व्यापार है.

सोलर बिज़नस एसोशिएट के लिए आपको कितना निवेश करना होगा  (Investment For Solar Business Associate) – अगर आप बिजनेस एसोसिएट बनकर इस व्यापार को करना चाहते है, तो आपको एक बार लगभग 25 से 30 हजार रुपय खर्च कर कंपनी से ट्रेनिंग लेनी होगी. इसके बाद आप मार्केट में जाकर इसके प्रॉडक्ट सेल कर मुनाफा कमा सकते है.

सोलर बिज़नस एसोशिएट को होने वाला लाभ (Profit Of Solar Business Associate) – अगर आप व्यापार के इस तरीके का चयन करते है, तो इसमे होने वाला लाभ पूर्ण रूप से आपकी मेहनत पर निर्भर करता है. आप मेहनत कर जीतने उपकरण मार्केट में बेचेंगे, उतना अधिक लाभ आपको मिलेगा. वैसे आप चाहें तो 10 हजार रुपय से लेकर लाखों रुपय हर महीने कमा सकते है.

  • सोलर बिज़नस के लिए डीलरशिप लेकर (Dealership for Solar Business) 

आप अगर चाहे तो सोलर उपकरणों की डीलरशिप लेकर भी अपना व्यवसाय शुरू कर सकते है. भारत मे मौजूद कई कंपनीस अपने व्यवसाय को बढ़ाने के लिए अगर –अलग शहरों में डीलर बना रही है. परंतु इसके लिए आपको इन्वेस्ट अधिक करना होगा और आपके पास सेल्स और मार्केटिंग टीम होना भी अनिवार्य है. अगर आप किसी कंपनी का डीलरशिप लेते है, तो कंपनी आपको मार्केटिंग और प्रमोशन में पूर्ण सहायता करती है, परंतु आपके व्यापार की सफलता आपके ऊपर अधिक निर्भर करती है.

डीलरशिप लेने के लिए कितना निवेश करना होगा (Investment For Dealership) – आपको सोलर उपकरणों की डीलरशिप लेने में कितना निवेश करना पड़ेगा, यह पूर्ण रूप से इस बात पर निर्भर करता है की आप किस कंपनी से डीलरशिप ले रहे है. अगर आप सू-कैम कंपनी की डीलरशिप लेते है, तो आपको इसके लिए 2 लाख निवेश करना होगा, परंतु अगर आप भारत सोलर एनर्जी नमक कंपनी से डीलरशिप लेते है, तो आपको 50 हजार में डीलरशिप मिल जाएगी. परंतु उनकी शर्त के अनुसार आपको 3 लाख का सामान पहली खरीदी में खरीदना होगा, इस प्रकार से आपका कुल प्रथम निवेश 3.5 लाख होगा. इसके अलावा भी आप अन्य सोलर कंपनीस जैसे मोजर बियर, इंडोसोलर और आदित्य सोलर जैसी कंपनीस के साथ डीलर शिप के लिए सोच सकते है, इनके बारे में संपूर्ण जानकारी आपको इनकी ऑफ़िशियल साइट पर मिल जाएगी.

डीलरशिप लेकर होने वाला लाभ (Profit In Dealership) – इसमें होने वाला लाभ भी पूर्ण रूप से आपके मार्केट पर निर्भर करता है, अगर आपका एरिया ऐसा है और आपके यहाँ इन उपकरणों की सेल अधिक है, तो आप इस व्यापार के द्वारा अधिक पैसा कमा सकते है. आप चाहे तो इसमें लाखो की कमाई कर सकते है.

  • डिस्ट्रीब्यूटरशिप लेकर (Distributor for Solar Energy Business) 

डिस्ट्रीब्यूटर वह व्यक्ति होता है, जो अंतिम ग्राहक और डीलर के बीच की कड़ी होता है. यही वह व्यक्ति होता है, जो विभिन्न स्टोर्स, या विभिन्न ऑनलाइन चैनल और डीलर्स के माध्यम से उपकरणों को ग्राहको के लिए उपलब्ध करवाता है. अगर आप सोलर उपकरणों के डिस्ट्रीब्यूटर बनना चाहते है, तो आपको इसके लिए निवेश भी अधिक करना होगा. इसके लिए आपको कंपनी के माध्यम से ट्रेनिंग भी दी जाएगी और आपको अपने राज्य शासन और अन्य विभागो के अनुरूप कुछ लाईसेंस भी लेने होगे.

डिस्ट्रीब्यूटर बनने के लिए निवेश (Investment For Become a Distributor) – डिस्ट्रीब्यूटर बनने के लिए आपको अपेक्षाकृत अधिक निवेश करना होगा, भारत सोलर एनर्जी कंपनी डिस्ट्रीब्यूटरशिप लेने के लिए आपको 7 से 8 लाख तक का निवेश आएगा. जिसमें लगभग 1 लाख आपसे कंपनी की तरफ से फीस के रूप में लिए जाते है.

लाभ (Profit) – इसमें आपके पास सर्व करने के लिए अपेक्षाकृत बड़ा मार्केट होगा इसलिए आपके लाभ का प्रतिशत भी ज्यादा होगा. आप इसके द्वारा भी हजारो से लाखो रुपयों की कमाई हर महीने कर सकते है.

  • सोलर एनर्जी के क्षेत्र में बिज़नेस फ्रेंचाईजी लेकर (Franchise for Solar energy Business) 

आप चाहें तो विभिन्न नामी कंपनियों से अपने व्यापार के लिए फ्रेंचाईजी भी ले सकते है और अपने एरिया में व्यापार शुरू कर सकते है. इसके लिए आपको विभिन्न कंपनियों द्वारा अलग अलग शुल्क लेकर ट्रेनिंग की सुविधा भी दी जाती है. परंतु आपको फ्रेंचाईजी लेने के लिए अपने एरिया में अपना एक ऑफिस भी स्थापित करना होता है, जहां से आप अपना काम संचालित करेंगे.

निवेश (Investment) – अगर आप इस व्यापार की फ्रेंचाईजी लेने के इच्छुक है तो आपको अपने शहर के हिसाब से निवेश करना होगा. इसके लिए आपको लगभग 20 से लेकर 40 हजार तक का खर्चा आ सकता है परंतु इसमे आपको अपने ऑफिस सेट करने का खर्चा अलग से आएगा.

लाभ (Profit) – इसका लाभ भी आपकी कंपनी के नाम और आपके काम पर निर्भर करेगा. आप जितना व्यापार करेंगे आपका लाभ उतना ही अधिक होगा. आप चाहे तो इसके द्वारा लाखो की कमाई कर सकते है.

  • सोलर एनर्जी बिज़नेस एजेंट बनकर (Become a Solar Equipment Agent for Business) –

अगर आपके पास इस व्यापार में निवेश करने के लिए ज्यादा पैसा नहीं है तब भी आप इस व्यापार में इन्वेस्ट करके पैसा बना सकते है. कम निवेश में पैसा कमाने के लिए आप इसमें एजेंट बनने का विकल्प अपना सकते है. एजेंट बनकर आप इस कंपनी के प्रॉडक्ट बेच और इन्स्टाल कर सकते है. इसके बदले में आपको कंपनी द्वारा कमिशन दिया जाएगा.

निवेश (Investment) – जैसा की हमने आपको पहले ही बताया की आपको एजेंट बनने के लिए बहुत कम निवेश करना होगा तो इसमें आप मात्र 8 से 12 हजार तक का इनवेस्टमेंट करके लाभ कमा सकते है.

लाभ (Profit) – आप सोलर उपकरण एजेंट बनकर और कंपनी के प्रॉडक्ट इन्स्टाल करके या बेचकर अच्छा खासा लाभ कमा सकते है. आप अनुमानित रूप से इसके जरिये हर महीने हजारो की कमाई कर सकते है.

भारत में मौजूद प्रमुख सोलर पावर कंपनियां (Solar Equipment Companies In India) –   

इस क्षेत्र में अपार संभावनाओं को देखते हुये कई अग्रणी कंपनियां इस और अपना ध्यान आकर्षित कर रही है. अभी फिलहाल भारत में इस क्षेत्र में कार्यरत कंपनियां और उनके ऑफ़िशियल साइट इस प्रकार से है.

लाइसेंस और सर्टिफिकेट (License and Certification)

इसके लिए कई तरह के सर्टिफिकेशन की जरूरत होगी. आपको ये लाइसेंस और सर्टिफिकेट प्राप्त करने के लिए योग्यता हासिल करनी होंगे,जिसमें  निम्न सर्टिफिकेट शामिल किये.

  • टिन नंबर (TIN number)
  • एसोसिएशन का आर्टिकल (The article of Association)
  • मेमोरेंडम का एक आर्टिकल (An article of Memorandum)
  • कमेंस्मेंट का एक आर्टिकल (Certificate of Commencement)

ऑथोरिटी को किसी भी तरह गलत जानकारी मिलने पर वो आपको  लाइसेंस नही देगी, दो मुख्य सर्टिफिकेट और डॉक्यूमेंट जिनके नाम दी आर्टिकल ऑफ़ एसोशिएसन एंड आर्टिकल ऑफ़ मेमोरेंडम हैं,उनकी आपको बिजनेस शुरू करने में सख्त आवश्यकता होगी.

सोलर बिजनेस में सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी (Government subsidies in the solar business)

भारत सरकार ने सोलर एनर्जी प्रोडक्शन के क्षेत्र में जो सबसे महत्वपूर्ण कदम उठाया  हैं वो “जवाहर नेहरु नेशनल सोलर मिशन” की स्थापना हैं. इसका उद्देश्य 2022 तक 20 हजार मेगावाट की सोलर एनेर्जी का उत्पादन करना हैं. ये 20 मिलियन स्क्वेयर मीटर के एरिया में सोलर एनेर्जी का उत्पादन करता हैं.

इसके अलावा एक और सरकारी योजना के द्वारा सब्सिडी हैं “सोलर एनर्जी सब्सिडी स्कीम” की, जो कि सोलर पैनल के उपयोग को बढ़ावा देती हैं. ये सोलर पैनल बनाने में मदद नहीं करती, लेकिन सोलर पैनल के उपभोक्ताओं के लिए उपयोगी है. ये उन लोगो को सब्सिडी देती हैं जिन्होंने अपने घर में सोलर पैनल लगा रखे हैं.

एक अन्य प्रोजेक्ट एसइसीआई (SECI) प्रोजेक्ट का उद्देश्य बड़े पैमाने पर रूफटॉप सोलर पैनल लगाना हैं. यह सरकार की योजनाओं को एक जगह केन्द्रित करके इसका ज्यादा से ज्यादा लाभ उठाने के लिए चलाया जाने वाला प्रोजेक्ट हैं. इससे जो लोग अपनी छतों पर सोलर पैनल लगवाना चाहते हैं उनके लिए इसके निर्माण और इंस्टालेशन में आसानी होती हैं

अगर आप सोलर एनर्जी से जुड़ा कोई भी व्यापार स्टार्ट करते है, तो यह आपके लिए फायदे का सौदा ही होगा, क्योंकि भारत की जलवायु कुछ इस तरह की है, कि यहाँ सोलर उपकरण अच्छा काम करते है. इसी के साथ यहाँ ग्रामीण क्षेत्रो में ऐसे उपकरणों की सख्त आवश्यकता भी है. इन्ही संभावनाओं को देखते हुए कई बड़े और नामी कंपनियां भी इस क्षेत्र में व्यापार के लिए उतर आई है. आप भी इन कंपनियों के साथ जुड़कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है और स्वयं को सेटल कर सकते है.

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One comment

  1. Sir soler on grid system kaise lagvaye

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