फ़ूड पैकिंग (पैकेजिंग) बिज़नेस, मशीन | Food Packaging Business in Hindi

फ़ूड पैकिंग (पैकेजिंग), बिज़नेस, मशीन, खाद्य सामग्री, पोर्टल (Food Packaging Business, Ideas, Machine, Materials, Industries, Plan, Cost, Sale, Companies in Hindi)

खाद्य पदार्थ जीवन की सबसे बेसिक आवश्यकता हैं जोकि एक आकर्षक व्यवसाय के रूप में भी विकसित हुई है. अपनी व्यस्त जीवन शैली के कारण लोगों के पास खाना पकाने का समय नहीं है, जिसके चलते वे डिब्बाबंद भोजन लेना ज्यादा पसंद करते हैं. बाजार में टारगेट पर ध्यान केन्द्रित करते हुए कोई भी भारत में पैकेज्ड फ़ूड व्यवसाय शुरू करने का निर्णय ले सकता है. आज, बाजार में बहुत सी खाद्य पैकेजिंग का व्यवसाय करने वाली कंपनियां हैं जोकि तेजी से बढ़ रही हैं. आप किसी एक का चयन कर उसके साथ जुड़ सकते हैं, जो पैकेजिंग एवं बिक्री दोनों करती है. हालांकि इसके साथ जुड़ने के लिए सारी जाँच पड़ताल करना बेहद आवश्यक है ताकि उद्देश्यों की पूर्ती हो सके. ऐसे में आपकी मदद करने के लिए एक खाद्य पैकेजिंग बिज़नेस को शुरू करने का चरणबद्ध तरीका हम यहाँ बता रहे हैं. तो लेख के साथ बने रहिये.

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भारत में फ़ूड पैकेजिंग बिज़नेस शुरू करने के लिए महत्वपूर्ण बिंदु

  • एक बिज़नेस प्लान बनाना :- खाद्य पैकेजिंग के व्यवसाय को शुरू करने के लिए उसके मैनेजमेंट और उसके संचालन के बारे में रणनीति बनाना आवश्यक है. इसके लिए उद्यमी को सबसे पहले उस खाद्य प्रकार का चयन करना होगा जिसकी पैकेजिंग का व्यवसाय शुरू करना वह चाहता है. इसके चयन के लिए आप ऐसे खाद्य पदार्थ का चयन कर उसे प्राथमिकता दें जिसकी मांग ज्यादा होती है. और जिसकी पैकेजिंग आप आसानी से कर सकते हैं. कम मांग वाले खाद्य पदार्थ की पैकेजिंग करने का विकल्प चुनना जोखिम भरा हो सकता है. इसलिए इसकी प्लानिंग पहले ही कर लें.  
  • बिज़नेस स्ट्रक्चर का चयन करना :- बिज़नेस की प्लानिंग करने के इसके संचालन का एक स्ट्रक्चर तैयार करना भी आवश्यक है. उद्यमी को ऑपरेशन की साइकिल को तैयार करने पर विशेष ध्यान देना चाहिये. रूपरेखा तैयार करने के लिए उद्यमियों को सोर्सेज की तलाश करनी होगी. यदि उद्यमी खाद्य का निर्माण एवं पैकेजिंग दोनों का कार्य करना चाहता है तो उसके लिए व्यापार और खुदरा बिक्री वाली पत्रिकाएं मदद करेंगी. क्योकि इससे उपयुक्त जानकारी मिल जाती है.
  • पैकेजिंग यूनिट शुरू करने के लिए लोकेशन :- पैकेजिंग का बिज़नेस करने के लिए लोकेशन भी महत्वपूर्ण है. क्योकि यदि यह अच्छी नहीं होती है तो इससे व्यवसाय में असर होता है. इसलिए इसके लिए ऐसी लोकेशन का चयन करें जिससे इसकी गुणवत्ता को खराब किये बिना इनपुट प्राप्त हों. अतः पैकेजिंग इकाई का स्थान इस तरह रखा जाना चाहिए कि कच्चे माल की खरीद के साथ – साथ पैकेज्ड सामानों की बिक्री का कार्य करने में आसानी हो.
  • बैंक चालू खाता :- एक चालू बैंक खाता इनकारपोरेशन के समय लेनदेन करने के लिए महत्वपूर्ण है. इसके बाद इस व्यवसाय को समर्पित चालू खाता के माध्यम से सभी टैक्स रिटर्न फाइल किये जाते हैं.

भारत में फ़ास्ट फ़ूड का बिज़नेस शुरू करने के लिए आवश्यक है गुणवत्ता, इसका विशेष ध्यान रखें.

फ़ूड पैकेजिंग बिज़नेस में रजिस्ट्रेशन एवं लाइसेंस

  • एफएसएसएआई रजिस्ट्रेशन :- खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 उत्पादन, निर्माण, प्रोसेसिंग, वितरण, बिक्री, आयात, निर्यात और किसी भी खाद्य या पेय पदार्थ को स्टॉक करने से संबंधित व्यवसायिक गतिविधियों के लिए खाद्य लाइसेंस को अनिवार्य करता है. डेयरी व्यवसाय, प्रोसेसिंग यूनिट्स और होटल्स के लिए विशेष नियम निर्धारित किये गये हैं. इसके लिए एफएसएसएआई का रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरना होता है. जब पंजीकरण प्रक्रिया पूरी हो जाती है, तो उद्यम को व्यवस्य चलाने के लिए एक व्यवसायिक इकाई और लाइसेंस मिलता है.
  • एमएसएमई रजिस्ट्रेशन :- यदि छोटी यूनिट्स एवं सहायक यूनिट्स के रूप में यह व्यवसाय करते हैं जिसमें 10 मिलियन से कम के संयंत्र और मशीनरी है, उन्हें एमएसएमई के तहत खुद के बिज़नेस को रजिस्टर करना होगा. इससे उन्हें सरकार की ओर से फायदा भी मिलेगा.
  • नगरपालिका निकाय से एनओसी प्रमाण पत्र :- अपने व्यवसाय की यूनिट शुरू करने से पहले उद्यमी को नगरपालिका निकाय से एनओसी प्रमाण पत्र प्राप्त करना होगा.
  • जीएसटी रजिस्ट्रेशन :- किसी व्यवसाय का कानूनी रूप से संचालन करने के लिए जीएसटी रजिस्ट्रेशन फाइल करना आवश्यक है. रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता के आधार पर मासिक, त्रैमासिक और वार्षिक रूप से रिटर्न दाखिल करना होता है.
  • ट्रेडमार्क रजिस्ट्रेशन :- आपके बिज़नेस ब्रांड एवं स्लोगन की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है आपका व्यवसाय यूनिट यूनिक हो. यह स्ट्रक्चर तैयार होने के बाद प्राप्त किया जा सकता है. ट्रेडमार्क लाइसेंस के लिए केवल एक ओनर का ही नाम होना चाहिए जो यह व्यवसाय कर रहा है.  

एफएसएसएआई के तहत बड़े रजिस्ट्रेशन  

  • बेसिक रजिस्ट्रेशन :- सभी छोटे या स्टार्टअप बिज़नेस जिनका सालाना टर्नओवर 12 लाख रूपये से अधिक है उन्हें इस रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता होती है. यदि बिक्री बढती है, तो बेसिक रजिस्ट्रेशन को राज्य लाइसेंस में अपग्रेड किया जा सकता है.
  • राज्य एफएसएसएआई लाइसेंस :- 12 से 20 करोड़ रूपये के वार्षिक करोबार वाली मध्यम आकार की कंपनियां राज्य लाइसेंस के लिए पात्र हैं.
  • केन्द्रीय एफएसएसएआई लाइसेंस :- 20 करोड़ से अधिक के वार्षिक कारोबार वाले बड़े व्यवसाय आमतौर पर केन्द्रीय लाइसेंस के लिए पात्र होते हैं. यह भी सरकारी कार्यालयों, खाद्य उत्पादों के आयात निर्यात के लिए माल एवं सेवाओं की आपूर्ति करने के लिए आवश्यक है.

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फ़ूड पैकेजिंग बिज़नेस का बाजार में स्कोप

  • उत्पाद के आधार पर भारत में खाद्य पैकेजिंग बाजार कठोर, अर्ध कठोर एवं लचीला है.
  • सामग्री के आधार पर भारत खाद्य पैकेजिंग बाजार में पेपर और पेपरबोर्ड, प्लास्टिक, मेटल, कांच एवं अन्य चीजों का उपयोग किया जाता है.
  • बाय एंड यूजर के आधार पर भारत खाद्य पैकेजिंग बाजार बेकरी एवं कांफेक्शनरी, डेयरी प्रोडक्ट, फल सब्जियां, मांस और समुद्री भोजन, सॉस और ड्रेसिंग एवं अन्य चीजें शामिल हैं.

फ़ूड पैकेजिंग बिज़नेस में कर्मचारियों की आवश्यकता एवं ट्रेनिंग

एफएसएसएआई खाद्य सामग्री को हैंडल करने में कर्मचारियों का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करता है. इसमें वे सभी शामिल होते हैं जो खाद्य क्षेत्र से जुड़े होते हैं, इसमें वे खाद्य पैकेजिंग एवं निर्माण कार्य करने वाले दोनों ही तरह के लोग प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं. जो व्यक्ति इस बिज़नेस के साथ जुड़ने के इच्छुक है, उन्हें सप्लाई चैन, खुदरा और खाद्य तैयारी के माध्यम से खाद्य हैंडलिंग के पहलूओं को सिखाना होता है. जब वे प्रशिक्षण अच्छी तरह से प्राप्त कर लेते हैं तो उसके बाद उन्हें एफएसएसएआई द्वारा प्रमाण पत्र भी प्रदान किया जाता है.

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फ़ूड पैकेजिंग बिज़नेस में आवश्यक मशीनरी एवं उपकरण

खाद्य पैकेजिंग व्यवसाय में आवश्यक मशीनरी और रसोई उपकरण पैक किये जाने वाले खाद्य पदार्थ पर निर्भर करता है. कभी – कभी इसके लिए बड़ी मशीनों एवं उपकरणों की आवश्यकता होती हैं तब बड़ी लागत लगती है. हालांकि सरकार इसमें उद्यमियों की मदद करने के लिए सामने आती है. उदहारण के लिए मुद्रा लोन मशीनरी एवं उपकरण खरीदने के लिए छोटे व्यवसायों को वित्त का लाभ उठाने में मदद कर सकता है.

अतः उद्यमी इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक लाइसेंस एवं रजिस्ट्रेशन करा लेने के बाद फ़ूड पैकेजिंग का बिज़नेस शुरू कर सकता है. सभी नियमों को पालन करना आवश्यक है.

FAQ’s

Q : फ़ूड पैकेजिंग बिज़नेस क्या है ?

Ans : खाद्य सामग्री की पैकेजिंग करने का व्यवसाय है, जिससे खाद्य सामग्री सुरक्षित रहे.

Q : क्या पैकेजिंग एक अच्छा व्यवसाय है ?

Ans : जी हां, क्योकि इस व्यवसाय की मांग बाजार में बहुत है.

Q : फ़ूड पैकेजिंग बिज़नेस में मशीनरी की लागत कितनी है ?

Ans : यह आपके खाद्य उत्पाद पर निर्भर करता हैं कि कौनसे उत्पाद की पैकेजिंग आप कर रहे हैं.

Q : पैकेजिंग व्यवसाय कैसे शुरू करें ?

Ans : प्लानिंग के साथ इस व्यवसाय को शुरू किया जा सकता है.

Q : फ़ूड की पैकेजिंग क्यों की जाती है ?

Ans : सुरक्षा के लिए

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