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स्टेशनरी दुकान का व्यापार कैसे शुरू करें | How to open a Stationery Store in Hindi

लेखन-सामग्री दुकान (स्टेशनरी शॉप) का व्यापार कैसे शुरू करें | How to open a Stationery Store in Hindi

पूरे भारत में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में लेखन-सामग्री की दुकान खोलना काफी फायदेमंद व्यापार है, क्योंकि इसकी मांग बाजार में हमेशा बनी रहती है. सबसे ज्यादा लेखन-सामग्री की मांग स्कूल, कॉलेजों एवं दफ्तरों में रहती है, जो कभी भी बंद नहीं होने वाले हैं. मतलब आपका व्यापार हमेशा  चलता रहेगा और आप पैसे कमाते रहेंगे. जिस तरह कॉपी बनाने का बिज़नेस बहुत सरल है उसी तरह यह व्यापार भी घर पर रहकर खोलना अच्छा है.

स्टेशनरी दुकान

लेखनसामग्री दुकान खोलने के लिए किन किन चीजों की जरुरत पड़ेगी?

दुकान खोलने के लिए जगह (Required Place for Stationery Shop)

स्टेशनरी दुकान खोलने के लिए आपको कुछ जमीन या कमरे की आवश्यकता होगी, जहां आप अपनी दुकान स्थापित कर सकें. इस व्यापार की सबसे खास बात यह है कि आप इसको घर में भी आसानी से खोल सकते हैं. इसके लिए अगर आप अपने मकान के बाहर वाले कमरे को चुनेगें तो आपके लिए काफी अच्छा रहेगा. या फिर जमीन लेकर उसमें लकड़ी की सहायता से भी दुकान का निर्माण कर सकते हैं. हालांकि जब आप बहुत छोटे स्तर पर स्टेशनरी शॉप खोलने की सोच रहे हो तभी लकड़ी की सहायता से दुकान तैयार करने का काम करें.

अगर आप चाहें तो किराये पर भी कमरा या दुकान ले सकते हैं या इस दुकान को आप मॉल में भी खोल सकते हैं, लेकिन यहां किराया अधिक लग सकता है. इसलिए अपना बजट देखकर ही फैसला लें कि आपको कौन सा विकल्प चुनना हैं.

आपको उसके लिए न्यूनतम 400 वर्ग मीटर की आवश्यकता पड़ती है, जिसमें आप स्टेशनरी दुकान का सारा सामान आसानी से मैनेज कर सकेंगे. अगर आप चाहें तो अपने व्यापार के स्तर के हिसाब से ज्यादा जगह भी ले सकते हैं.

बाजार एवं व्यापारिक सम्भावना के हिसाब से स्थान का चयन (Selection of Place)

स्थान का चयन करने की बात की जाये तो आपके लिए किसी ऑफिस, स्कूल, कॉलेज या कोचिंग सेंटर के पास दुकान खोलना काफी फायदेमंद होगा. या फिर जहां अधिक संख्या में छात्र रहते हों ऐसे क्षेत्रों में भी स्टेशनरी दुकान खोलना लाभदायक होता है.

फर्नीचर स्थापित करना (set up furniture for stationery shop)

स्टेशनरी की दुकान खोलने के लिए फर्नीचर की व्यवस्था करना अत्यंत आवश्यक है, इसलिए इसके दो तरीके हैं या तो किसी बढ़ई से अपना फर्नीचर तैयार करवा लें. या बाजार से पहले से बना हुआ फर्नीचर खरीद लें. यदि आपकी पसंद का फर्नीचर नहीं मिलता है तो आप खुद से ही डिजाइन तैयार कर के बढ़ई को बनाने को दे दें. वहीं अगर आपके पास कम समय है तो बाजार से रेडीमेड फर्नीचर खरीद लें,  यहां भी आपको काफी डिजाइन मिल जाएंगी.

अगर आप बड़े और अच्छे स्तर पर खोलना चाहें तो इसके लिए आप  दी गई लिंक  पर http://retaildesignblog.net/category/spaces/store-design/paper-stationery/  स्टेशनरी शॉप के डिजाइंस देख सकते हैं. फिर इसके अनुसार ही अपनी दुकान का सेटअप कर लें. जिस वजह से आपकी दुकान और भी आकर्षक एवं व्यवस्थित बनी रहेगी. वहीँ आप फर्नीचर को ऑनलाइन मंगवाना चाहते हैं तो अमेज़न, क्विकर एवं अन्य ऑनलाइन शॉपिंग पोर्टल से भी मंगवा सकते हैं.

किन किन बस्तुओं को बेच सकते हैं? (Stationery Items List for Sale)

लेखन-सामग्री दुकान (स्टेशनरी शॉप) में विशेष रूप से पेन, किताबें, नोटबुक, स्टेपलर, कैलकुलेटर, पेंसिल एवं पढ़ाई में उपयोगी समान को ही बेचा जाता है. लेकिन आजकल स्टेशनरी दुकान रखने वाले लोग ग्रीटिंग कार्ड, शादी कार्ड, एवं गिफ्ट कार्ड भी रखने लगे हैं. सीधे शब्दों में कहा जाए तो स्टेशनरी शॉप में आप लोगों के उपयोग की छोटी-छोटी चीजें भी रख सकते हैं.

कहाँ से खरीदे स्टेशनरी शॉप में बेचने का सामान ( Where to Buy Stationery Items)

स्टेशनरी की दुकान में बेचे जाने वाला सामान ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से खरीदा जा सकता है, लेकिन ध्यान रहे अगर आप सीधे पेन, पेंसिल, किताबें या अन्य स्टेशनरी सामान बनाने वाली कंपनी से संपर्क कर लेते हैं तो आप बहुत फायदा उठा सकते हैं. वहीँ अगर आप ऑनलाइन बेचे जाने वाले स्टेशनरी सामान को मंगवाना चाहते हैं तो http://www.delhistationerystore.com/stationery-products-suppliers-in-delhi.html पर जाकर होलसेलर से संपर्क कर सकते हैं. होलसेलर से सीधे खरीददारी करने का सबसे बड़ा फायदा है कि आपको स्टेशनरी सामान काफी कम कीमत में आसानी से मिल जाता है.

स्टेशनरी दुकान के लिए आवश्यक दस्तावेज (Required Documents For Stationery Store)

इसके लिए आपको पहले तो पैन कार्ड की आवश्यकता पड़ती है एवं सरकार के नए नियमों के अनुसार दुकान के मालिक के पास आधार कार्ड भी जरुरी होगा. इसके साथ-साथ आपके पास बैंक सम्बन्धी कार्य पूरे होने चाहिए जैसे आपका बैंक में खाता होना चाहिए.

जिस जमीन पर दुकान बनी है अगर वो जमीन आपकी है तो उसके दस्तावेज पूरे होने चाहिए, यदि आपने किराये पर दुकान ली है तो आपके और दुकान या जमीन के मालिक के बीच समझौता पत्र होना आवश्यक है.

लाइसेंस एवं पंजीकरण की आवश्यकता (license for stationery store)

शॉप एंड इस्टैब्लिशमेंट एक्ट

  • स्टेशनरी शॉप खोलने के लिए आपको ‘शॉप एंड इस्टैब्लिशमेंट एक्ट’ के अंतर्गत अपना पंजीकरण कराना होगा एवं इस एक्ट के अंतर्गत आने वाले नियमों का पालन करना होगा. इसमें मुख्य रूप से आपके एवं कर्मचारियों के काम करने के दिन, छुट्टी एवं एक दिन में काम करने का समय निश्चित किया जाता है, इतना ही नहीं इसके अंतर्गत धार्मिक एवं सरकारी छुट्टियों के दिन आपको अपनी दुकान बंद करनी पड़ेगी.
  • आपने अपनी दुकान से जो भी व्यापार किया है उसका लेखा-जोखा अपने पास सुरक्षित रखना पड़ेगा. इतना ही नहीं आपने अपनी दुकान के मैन्टेनेंस में जो खर्च किया है, या कुछ और पैसे निवेश किये है तो ये सभी डाटा सुरक्षित रखना आवश्यक है.
  • इन नियमों में वेतन एवं वेतन में होने वाली कटौती के नियम भी निश्चित किए गए हैं. इन नियमों में दुकान में काम करने वालों के वेतन से सम्बंधित सभी नियम के साथ-साथ काम से निकालने के नियम भी दिए गए हैं. ये नियम महिलाओं एवं पुरुषों दोनों के लिए निश्चित किये जाते हैं.

शॉप एंड इस्टैब्लिशमेंट एक्ट के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें (How to Apply Online for the Shop and Establishment Act )

  1. इसके ऑनलाइन आवेदन के लिए आपको इस लिंक http://www.labour.delhigovt.nic.in/ser/FSE01_Registration.asp पर जाकर कुछ जानकारियां भरनी होंगी और फार्म सबमिट करना पड़ेगा. इन जानकारियों में नाम, पता, एवं दुकान का प्रकार आदि भरना पड़ता है.
  2. इसके अलावा अपनी दुकान की वेबसाइट एवं आप किसे मैनेजर बना रहे हैं और अपने किसी एक रिश्तेदार का नाम भी भरना होगा. इसी तरह के आपको 10 फार्म भरने पड़ते हैं. जिसमें दुकान एवं ऊपर दिए गए शॉप एंड इस्टैब्लिशमेंट एक्ट के नियमों से सम्बंधित सभी जानकारियां भरी जाती हैं.
  3. जब दुकान के मालिक द्वारा भरी गई सभी जानकारियों की पुष्टि हो जाएगी, तब 10 दिन के बाद सरकार आपको लाइसेंस देगी और इसकी मदद से आप अपना व्यापार सुचारु रूप से चला पाएंगे.
  4. किसी वजह से आपको ऑनलाइन प्रक्रिया से लाइसेंस के लिए आवेदन करने में परेशानी आती है, तो आप सीधे नगर पालिका में जाकर सम्पर्क कर सकते हैं, आपको ऑफलाइन प्रक्रिया द्वारा भी ये लाइसेंस दिए जाने की सरकार ने प्रक्रिया बना रखी है. 

स्टेशनरी शॉप खोलने के फायदे (Benefits of opening a Stationery Shop)

स्टेशनरी शॉप में होने वाला फायदा प्रोडक्ट पर निर्भर करता है, इतना ही नहीं प्रोडक्ट के ब्रांड, नाम एवं कंपनी के हिसाब से लाभ प्राप्त होता है. अगर आप ब्रांड के प्रोडक्ट बेचते हैं तो आपको अनब्रांडेड प्रोडक्ट के मुकाबले कम फायदा होगा. जहां आप किसी ब्रांडेड प्रोडक्ट को बेचकर अधिकतम 30-40 प्रतिशत का मुनाफा कमा सकेंगे, वहीं अनब्रांडेड प्रोडक्ट को बेचकर 2 से 4 गुना तक लाभ कमाया जा सकता है.

भारत में इस व्यापार को करने में आपके द्वारा लगाई गयी कीमत का लगभग 35 प्रतिशत तक मुनाफा कमाना आसान होता है.  उदाहरण के तौर पर पेन और पेंसिल के व्यापार में आपको 8 से लेकर 15 प्रतिशत तक लाभ मिल जाता है. जबकि आप अनब्रांडेड डायरी, नोटबुक, किताबें बेचते हैं तो आप 55 प्रतिशत तक का लाभ कमा सकते हैं जो कि औसतन 35 प्रतिशत है. इससे सरल भाषा में कहा जाए तो आप 1 लाख रुपय लगाकर 35 हजार के आस-पास कमा लेते हैं.

स्टेशनरी स्टोर या शॉप में लगने वाली लागत (Cost open a Stationery Store in Hindi)

भारत में स्टेशनरी शॉप खोलने के लिए कम से कम 50 हजार रुपय की लागत लगाना सही रहता है, बांकी आपके ऊपर निर्भर करता है कि कितना बड़ा व्यापार खोलना चाहते हैं. स्टेशनरी शॉप खोलने का व्यापार कम इन्वेस्टमेंट में अधिक लाभ कमाने वाला व्यापार है. आप बड़े स्तर पर 10 लाख से ऊपर लगाकर भी शुरू कर सकते हैं.

मार्केटिंग

  1. बाजार में अपनी स्टेशनरी शॉप स्थापित करने के लिए आपको ग्राहक ढूढ़ने होते हैं, पहले आपको प्रचार करना होगा कि आपने स्टेशनरी शॉप खोली है. इसके लिए आप पोस्टर, बैनर, टीवी और रेडिओ में से किसी का भी सहारा ले सकते हैं.
  2. स्टेशनरी सामान की सबसे ज्यादा जरुरत ऑफिस, कॉलेज एवं स्कूलों में पड़ती है, इसलिए आप कोशिश करें कि आप इनके मालिकों से स्वयं मिलने जाए और अपनी शॉप से सामान खरीदने के लिए इनके मालिकों को मनाने की कोशिश करें. अगर आप ऐसा करने में सफल हो जाते हैं तो यहां से आप काफी धन कमा सकेंगे.

मैनेजमेंट कैसे करें (How to manage stationery shop)

  • सबसे पहले तो आपको अपनी दुकान में हर दिन कैसे और कितने घंटे काम करना है,  इसकी एक शीट बनानी होगी. जिसको आप प्रतिदिन भर सकें. इतना ही नहीं साथ में एक दिन में कितने का व्यापार हुआ है और कौन सी बस्तुएं अधिक या कम मात्रा में बेचीं गई हैं इन सबका लेखा-जोखा रखना भी अच्छा होगा. ऐसा करने से आपको पता रहेगा कि कब किस स्टेशनरी सामान की कमी होने वाली है और आप इसको पहले से ही मैनेज कर लेंगे.
  • आप जो भी स्टेशनरी प्रोडक्ट बेचते हैं, उनका मूल्य निर्धारित करना बहुत जरुरी है. ब्रांडेड सामान को तो आप उसके अधिकतम मूल्य से नहीं बेच पाएंगे, लेकिन अनब्रांडेड स्टेशनरी प्रोडक्ट को आप अपने अनुसार 2 गुना या 3 गुना मूल्य बड़ाकर भी बेच सकते हैं. जिसका सीधा असर आपकी  दुकान को होने वाले फायदे पर होगा.
  • अगले स्टेप में आपको पेमेंट यानी ग्राहक से पैसे लेने के साधन तैयार करने होंगे. इसके लिए आप नेटबैंकिंग और पेटीएम का इस्तेमाल कर सकते हैं जिससे ग्राहक को पेमेंट करने में कोई परेशानी ना हो.
  • अगर आप नहीं चाहते की आप खुद से ही अपनी दुकान का ब्यौरा तैयार करें तो मार्केट में उपलब्ध किसी कंप्यूटर सॉफ्टवेयर की मदद ले सकते हैं. या किसी कम्पनी या सॉफ्टवेयर इंजीनियर से अपनी जरुरत के हिसाब से सॉफ्टवेयर बनवा सकते हैं.
  • अपनी दुकान में सीसीटीवी कैमरे लगवाना आवश्यक है, जिससे आप आसानी से कर्मचारियों एवं चोरों पर नजर रख सकेंगे. अगर आपने स्टेशनरी शॉप अपने घर में ही खोली है तो सीसीटीवी कैमरे की कोई खास जरुरत नहीं पड़ती है.
  • आप अपनी दुकान के लिए खरीदे गए सामान को स्टोर करने के लिए एक अलग से कमरा चुन लें. जिससे आपकी दुकान में स्थान की कमी नहीं हो पाएगी और आपके कर्मचरियों को काम करने में कोई परेशानी भी नहीं उठानी पड़ेगी. जिस वजह से आपके व्यापार के काम में तेजी आएगी.

निष्कर्ष (conclusion)

भारत में इस समय शिक्षा पर बहुत अधिक जोर दिया जा रहा है और आगे आने वाले समय में भी शैक्षिक स्तर पर वृद्धि देखी जाएगी.  इससे ये तो साफ है कि इस व्यापार से आप हमेसा लाभ कमाते रहेंगे और इसकी मांग भी बाजार में बनी रहती है.  ऊपर से स्टेशनरी के व्यापार में फायदा भी अच्छा खासा होता हैं. सभी मायनों में स्टेशनरी व्यापार या दुकान को चलाना फायदेमंद है. ऊपर से कम से कम लागत में भी स्टेशनरी शॉप खोल सकते हैं और जल्दी से कम समय में अधिक लाभ कमा सकते हैं.

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