टिफ़िन सर्विस का बिज़नेस कैसे शुरू करें | How to Setup Tiffin Service centre in hindi

टिफ़िन सर्विस का बिज़नेस कम लागत में घर से कैसे शुरू करें ( How to start Tiffin Service centre Business plan in hindi )

एक सर्वे के अनुसार अधिकतर भारतीय अपने रोजाना के खाने में घर का बना खाना ही पसंद करते है, और साथ ही में हमारे देश में अधिकतर लोग शिक्षा, नौकरी और व्यवसाय जैसे कई कारणो से अपने निवास से पलायन करते है. टिफ़िन सर्विस सेंटर इन्ही लोगों को टार्गेट करती है, जो शिक्षा, नौकरी या अन्य किसी उद्देश्य से अपने घर से दूर रहते है और अपने घर का बना खाना नहीं खा पाते. यह व्यापर आप अपने घर से छोटे रूप से शुरू कर सकते है. यह व्यापर घरेलु महिलाओं के लिए भी बहुत अच्छा व्यापार है.

TIFFIN SERVICE centre

टिफ़िन सर्विस सेंटर के प्रकार (Types Of Tiffin Service Center)

टिफ़िन सर्विस सेंटर का केवल एक ही मकसद होता है, घर से दूर रह रहे लोगों को घर जैसा और अच्छा खाना उपलब्ध करवाना. आप चाहे तो दो तरह से इसे संचालित कर सकते है –

  • लोगों को उनके स्थान पर टिफ़िन पहुंचाना – इस तरह की टिफ़िन सर्विस में आपको खाना तैयार करके अपने ग्राहको तक स्वयं पहुंचाना होता है. यह टिफ़िन सर्विस कॉलेज जाने वाले छात्रो के द्वारा ज़्यादातर रूप से चुनी जाती है, क्योंकि वे सुबह जल्दी ही अपने कॉलेज के लिए निकल जाते है, तो ऐसे समय में आपके द्वारा दी गई सुविधा उनके लिए सहायक होती है.
  • अपने स्वयं के स्थान पर ग्राहको को भोजन उपलब्ध करवाना – इस तरह कि टिफ़िन सर्विस में आपको एक ऐसे स्थान की भी जरूरत होगी, जहां आप अपने ग्राहको को बैठाकर गर्म खाना परोस सके. इस सर्विस को ग्राहको द्वारा ज्यादा चुना जाता है, क्योंकि इस माध्यम से उन्हे गर्म खाना उपलब्ध हो जाता है.

आवश्यक सामाग्री (Things and Equipment Require)

हर व्यापार को शुरू करने के पहले आपको कुछ पूर्व तैयारी करनी होती है, कुछ पूर्व उपकरणों की जरूरत होती है. ठीक उसी प्रकार से आपको इस व्यवसाय में भी कुछ समान का प्रबंध पहले से करना होगा, ताकि आपको अपने व्यापार में कोई परेशानी ना आए. इस व्यापार में लगने वाले आवश्यक उपकरण निम्न है –

  • खाना बनाने के बर्तन – अगर आप यह व्यापार शुरू करते है, तो खाना बनाने के बर्तन सबसे महत्वपूर्ण चीज है. हालांकि आप अपने घर के बर्तन भी उपयोग में ले सकते है, परंतु अगर आप ज्यादा टिफ़िन सप्लाई करते है, तो आपको ज्यादा मात्रा में खाना बनाना होगा, जिसके लिए आपको बड़े बर्तनों का प्रबंध करना होगा.
  • टिफ़िन – इस व्यवसाय में आपके लिए दूसरी आवश्यक सामग्री टिफ़िन होती है. इन्ही टिफ़िन में आप अपने ग्राहकों को उनके स्थान पर खाना उपलब्ध करवाते है. हो सके तो आपको आधुनिक और आकर्षक टिफ़िन का चयन करना चाहिए, ताकि ग्राहक आपके टिफ़िन से आकर्षित हो सके.
  • एलुमिनियम फॉयल बॉक्स (Aluminium foil box) – अगर आप टिफिन नहीं खरीदना चाहते या शुरू में खरीदने मे आप सछम नहीं है, तो शुरू में आप एलुमिनियम फॉयल बॉक्स खरीद कर उन पर खाना पैक कर भी दे सकते है.
  • टेबल और कुर्सी – अगर आप अपने ग्राहकों को अपने स्थान पर खाना उपलब्ध करवाते है, तो उन्हे बैठाकर खाना परोसने के लिए आपको टेबल और कुर्सी का प्रबंध भी करना होगा.
  • खाना परोसने के लिए बर्तन – क्योंकि आपको रोजाना कई लोगों को व्यवस्थित खाना परोसना होगा, इसके लिए भी आपको अलग से बर्तनों का प्रबंध करना होगा.
  • खाना बनाने के लिए आवश्यक सामाग्री का प्रबंध – आपको रोजाना कई लोगों को खाना उपलब्ध करवाना होगा, इसके लिए आपको खाना बनाने के लिए अनाज, तेल, गैस सिलेंडर आदि का प्रबंध भी करना होगा, ताकि आप सही समय पर लोगों को खाना उपलब्ध करवा पाये. 

रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस (Registration and licenses)

इस व्यापार के लिए आपको निम्न रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता पड़ेगी.

  • शॉप एक्ट लाइसेंस– अगर आप अपने व्यापार को किसी दुकान में शुरू करते है, तो आपके शॉप एक्ट लाइसेंस लेना आवश्यक हो जाता है.
  • एफएसएसएआई लाइसेंस – अगर आप किसी भी तरह का खाने का व्यापार शुरू करते है, तो आपके लिए यह आवश्यक है कि आपका खाना अच्छी क्वालिटी का हो और यह किसी के लिए नुकसानदायक ना हो. और इस चीज को सुनिश्चित करने के लिए आपको फूड लाइसेंस लेना आवश्यक है, यह आपके खाने कि क्वालिटी चेक करने के बाद उसे प्रामाणिकता प्रदान करता है.
  • ट्रेड लाइसेंस – ट्रेड लाइसेंस शहर मुंसिपल कार्पोरेशन द्वारा दिया जाने वाला एक लाइसेंस है, जो किसी भी प्रकार के व्यापार के लिए आवश्यक होता है.
  • फायर एनओसी अगर आप अपने व्यापार में किसी ऐसी चीज का उपयोग करते है, जिसमे आग का उपयोग होता तो आपको फायर डिपार्टमेंट से नो ऑबजेक्शन सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य होता है.
  • सोसाइटी एनओसी – अगर आप अपना व्यापार किसी सोसाइटी में शुरू करते है तो आपको अपनी सोसाइटी से पर्मिशन लेना होता है. और अगर आपकी सोसाइटी को इससे कोई दिक्कत नहीं होती है तो वह आपको नो ऑबजेक्शन सर्टिफिकेट प्रदान करती है.

अगर आप यह व्यापर छोटे रूप मे घर से शुरू करना चाहते है, तो आपको इतने सारे लाइसेंस की आवश्यकता नहीं होगी.

टिफ़िन मेनू  (Menu )– आपके द्वारा दिये जाने वाले टिफ़िन का मेनू कुछ हद तक आपके एरिया और वहाँ के खाने पर भी निर्भर करता है. वैसे समान्यतः टिफ़िन में आपको दाल, चावल, सब्जी, रोटी और सलाद देना अनिवार्य होता है. कुछ लोग सप्ताह में एक दिन रविवार को स्पेशल टिफ़िन में मांसाहार प्रदान करते है. अगर आप केवल शाकाहारी खाना ही प्रदान करते है, तब भी आपको सप्ताह में एक दिन कुछ अलग स्पेशल भोजन प्रदान करना अनिवार्य होता है.

टिफ़िन की कीमत कैसे तय करें (How to decide Tiffine Price)

अब सवाल उठता है कि आप अपने टिफ़िन की कीमत कितनी रखे, तो इसके लिए आपको अपने एरिया में रिसर्च करना होगी और आस-पास में अन्य सर्विस सेंटर की कीमत पता करके उनके हिसाब से ही अपने टिफ़िन की कीमत तय करनी होगी. वैसे अगर आप कच्चा हिसाब लगाना चाहे, तो अभी फिलहाल एक टिफ़िन की कीमत 2000 रूपय के आस-पास है.

टार्गेट कस्टमर (Target Customer) – आपके व्यापार में आपके टार्गेट कस्टमर निम्न होंगे .

  • शिक्षा के लिए घर से दूर रहने वाले विद्यार्थी – आज कल कई शहरो में विद्यार्थी अपने घर से दूर रहकर शिक्षा ग्रहण करते है. ऐसे में घर जैसा खाना उनकी सबसे बड़ी जरूरत है और आपके लिए यह आपके टार्गेट कस्टमर होते है.
  • जॉब के लिए घर से बाहर रहने वाले बेचलर्स – कई लोगों को नौकरी के उद्देश्य से अपने घर और परिवार से दूर अंजान शहर में रहना होता है. ऐसे में अपने खाने के लिए ये लोग इन्ही टिफ़िन सर्विस सेंटर पर निर्भर रहते है और यह आपके लिए आपके टार्गेट कस्टमर हो सकते है.
  • जॉब करने वाली महिलाएं – महिलाएं जो बाहर जाकर जॉब करती है और अपनी व्यस्त दिनचर्या में खाना बनाने का टाइम नहीं निकाल पाती, आप उन्हे भी अपना टार्गेट कस्टमर बना सकते है.
  • स्कूल और कॉलेज – कई स्कूल अपने विद्यार्थियों को स्कूल में ही खाना प्रदान करते है, ऐसे में अगर आप यहाँ कांट्रैक्ट लेते है, तो यह आपके लिए अच्छा बिज़नस का स्कोप हो सकता है. इसके अलावा आप कॉलेज में भी कैंटीन का कांट्रैक्ट ले सकते है.

इनवेस्टमेंट (Investment in Tiffine Centre) –

अगर आप अपने घर से टिफ़िन बनाकर लोगों को उनके घर तक सप्लाइ करते है, तो आपको केवल कुछ टिफ़िन या एलुमिनियम फॉयल बॉक्स खरीदने होंगे और खाना बनाने के लिए समान खरीदना होगा. इसमें आपको बहुत कम लागत लगेगी. आप मात्र 5-10 हजार रूपये लगाकर अपनी कमाई की शुरुआत कर सकते है.

इसके अलावा अगर आप लोगों को अपने स्थान पर खाना सर्व करते है, तो आपको जगह, टेबल, कुर्सी और खाने के बर्तन भी खरीदने होंगे और आपका इनवेस्टमेंट बढ़ जायेगा. ऐसी स्थिति में आपको लगभग 50 हजार से लेकर 1 लाख तक का खर्चा करना होगा.

लाभ (Profit) –

यह व्यवसाय एक फायदे का सौदा है, इसमें आप लगभग 40% तक का लाभ कमा सकतें है. जैसे यदि आप एक टिफ़िन 2000 में सप्लाइ करते है, तो आप इसमें 800 रुपये तक बचा सकतें है. इस तरह से इस व्यवसाय में आपकी संपूर्ण कमाई आपके द्वारा सप्लाइ किए गए टिफ़िन की संख्या पर निर्भर करती है.

लोकेशन (Location )–

अगर आप यह व्यापार शुरू करने का सोच रहें है तो आपके लिए यह अच्छा होगा, कि आप इसे किसी स्कूल, कॉलेज के पास शुरू करें, ताकि आपको स्टूडेंट्स से अच्छा बिज़नस मिले. इसके अलावा आप किसी ऑफिस एरिया के नजदीक भी अपना टिफ़िन सेंटर शुरू कर सकते है, यहाँ आप वर्किंग लोगों को दोपहर का खाना सप्लाइ कर अच्छी कमाई कर सकते है.

रिस्क (Risk )–

हर व्यापार की तरह इस व्यापार में भी कई रिस्क है, जिसका आपको ध्यान रखना होता है, ताकि आपको किसी बड़े नुकसान का सामना ना करना पढे. इस व्यापार में आने वाले रिस्क निम्न है –

  • खाने का टेस्ट – कई बार ऐसा हो सकता है कि आपके खाने का टेस्ट आपके ग्राहकों के टेस्ट से अलग हो, ऐसे में आपके व्यापार को नुकसान का सामना कर पढ़ सकता है. इस स्थिति से निपटने के लिए आपको अपना व्यापार शुरू करने से पूर्व अच्छे से रिसर्च करना आवश्यक है.
  • प्रतिद्वंदी के टिफिन की कीमत – हो सकता है कि आपके कॉम्पिटिटर आपसे कम कीमत में खाना सप्लाइ करते हो, ऐसी स्थिति में यह आपके लिए रिस्क साबित हो सकता है.
  • खाना बनाने का सामान महंगा होने का रिस्क – हो सकता है कि ऑफ सीजन में दाल, चावल और सब्जियाँ जैसी चीजे महंगी हो जाए. ऐसी स्थिति में आपको इस समय कम प्रॉफ़िट होगा, तो आपको इस स्थिति के लिए तैयार रहना होगा.

इस व्यापार में इम्प्रूवमेंट के स्कोप (Scope Of Improvement) –

  • ग्राहको से फीडबेक किसी भी व्यापार में ग्राहक सर्वोपरि होता है, उसे किसी भी चीज के लिए फोर्स नहीं किया जा सकता और उसके टेस्ट का ध्यान रखना अनिवार्य है. अगर आप अपने ग्राहको से हफ्ते में एक बार या 15 दिन में एक बार फीडबेक लेते है, तो यह आपको अपने व्यापार में सुधार के लिए सहायक होंगे.
  • अपने मेनू में खाने की चीजे जोड़ना अगर आप अपने खाने में मेनू के अतिरिक्त अन्य खाने की चीज भी जोड़ते है, तो यह आपके ग्राहकों को आकर्षित करता है और आपके व्यापार में विस्तार के लिए सहायक होते है.
  • आधुनिक टिफ़िन का प्रयोग अगर आप अपने ग्राहकों के लिए समान्य टिफ़िन की जगह प्लास्टिक के आधुनिक टिफ़िन का प्रयोग करते है, तो यह आपके व्यापार में आकर्षण बढ़ाएगा.
  • अपने मेनू में बदलाव करते रहना अगर आप रोजाना एक जैसा खाना अपने ग्राहकों को देंगे, तो आपके ग्राहक इससे बोर हो जाएंगे, इसलिए आपके लिए आवश्यक है कि आप अपने मेनू में बदलाव करते रहें.

मार्केटिंग कैसे करें (Marketing / How to take Order) –

मार्केटिंग किसी भी व्यवसाय के लिए बहुत जरूरी चीज है, इससे लोगों को आपके बारे में पता चलता है और आपका व्यापार बढ़ता है. इस व्यापार के लिए मार्केटिंग के तरीके निम्न है.

  • कॉलेज और इंस्टीट्यूट में एड़ करना – आप चाहे तो अपने टिफ़िन सेंटर का एड़ अपने शहर के प्रतिष्ठित कॉलेज या इंस्टीट्यूट में जाकर वहाँ से पर्मिशन प्राप्त करके कर सकते है, इससे स्टूडेंट्स को आपके बिज़नस के बारे में पता चलेगा और आपके ग्राहक बनेंगे.
  • ऑनलाइन एड – आप चाहे तो आजकल के विभिन्न आधुनिक तरीको जैसे सोशल मीडिया या अपनी वैबसाइट डिज़ाइन करके भी एड कर सकतें है. आज के समय में कोई भी व्यक्ति जब किसी चीज को सर्च करता है, तो वह सबसे पहले ऑनलाइन सर्च करके आपके बारे में अन्य ग्राहकों के रिव्यू चेक करता है, इसलिए यह आपके लिए मार्केटिंग का अच्छा प्लेटफॉर्म साबित हो सकता है.
  • लोकल चैनल पर एड – आप चाहें तो शहर के लोकल टीवी या रेडियो चैनल पर एड़ भी कर सकतें है और अपने ग्राहक बना सकते है.
  • होर्डिंग, पंपलेट और लोकल न्यूज़ पेपर द्वारा – आप चाहे तो अपने एरिया में अपने टिफ़िन सेंटर का एड़ होर्डिंग लगवाकर या पंपलेट बटवाकर भी कर सकते है. इसके अलावा आप चाहें तो अपने यहाँ के लोकल न्यूज़ पेपर या पत्रिका में विज्ञापन भी दे सकते है.

इस तरह से टिफ़िन सर्विस सेंटर का व्यापार एक बेहद कम लागत में शुरू किए जा सकने वाला मुनाफे का व्यापार है. आप इसे बहुत छोटे स्तर पर शुरू करके अपार सफलता प्राप्त कर सकते है. हमने अपने इस आर्टिकल से आपको इस व्यापार के संबंध में संपूर्ण जानकारी पहुंचाने की कोशिश की है.

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