खिलौने का बिजनेस कैसे करें | Toy Making Business in Hindi

खिलौने का बिजनेस कैसे करें, बनाने का तरीका, मशीन, सामग्री, फैक्ट्री, कीमत, लाभ (Toy Making Business, Industries, How to Start, Machine, Cost, Plan, Investment in Hindi)

बच्चों को विभिन्न प्रकार के खिलौने खेलने का बहुत शौक होता हैं. और यह आज के समय से नहीं बल्कि पहले से चला आ रहा है. अंतर सिर्फ इतना है कि पहले लोग मिट्टी एवं स्टील से बने खिलौने खेला करते थे, और आज के बच्चे टेक्नोलॉजी वाली दुनिया में गैजेट्स, बैटरी से चलने वाले खिलौने एवं विभिन्न तरह के प्लास्टिक और सॉफ्ट खिलौने खेलना पसंद करते हैं. पहले के मुकाबले आज के समय में खिलौने का बाजार भी बहुत अधिक बढ़ गया है. हालही में मोदी जी ने भारतीय खिलौने के बाजार को वैश्विक स्तर पर बढ़ाने की बात कहीं हैं वे चाहते हैं कि भारत में खिलौने का कारोबार इतना बढ़े कि यह एक वैश्विक स्तर पर हब बन जाएँ. इस लेख में आपको मोदी जी द्वारा लोगों को आत्मनिर्भर बनने के लिए किये गये आह्वान एवं घरेलू खिलौने बनाने के व्यवसाय की जानकारी मिल जाएगी.

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मोदी जी का लोकल खिलौनों के लिए वोकल बनने का आह्वान

हमारे देश में चीन से आने वाले खिलौने का बाजार बहुत अधिक बढ़ा हुआ है किन्तु पिछले कुछ महीने पहले गलवान घाटी के तनाव को देखते हुए पूरे देश में चीन से आयात होने वाले उत्पादों को बॉयकोट करने की लहर चल रही है. ऐसे में चीन से बड़ी मात्रा में आयात होने वाले खिलौने अब बाजारमे बिकना बहुत कम हो गये हैं. इसे ध्यान में रखते हुए मोदी जी ने हालही में अपने ‘मन की बात’ प्रोग्राम में भारतीय खिलौनों को घरेलू स्तर से वैश्विक स्तर तक पहुँचाने के लिए देशवासियों से आह्वान किया है. वे चाहते हैं कि देश में घरेलू करोबार वैश्विक स्तर तक बढ़ें. उनका कहना है कि विश्व टॉय इंडस्ट्री 7 लाख करोड़ रूपये का बिज़नेस करती हैं. जिसमें हमारे भारत देश का हिस्सा न के बराबर है. इस आह्वान के साथ मोदी जी देश को इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की बात कर रहे हैं. वे यह कहना चाहते हैं कि लोकल खिलौनें के बिज़नेस के लिए वोकल बनना होगा. इसमें उन्हें सबका साथ चाहिए.

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बाजार में खिलौने के व्यवसाय की मांग

आपको बता दें कि जनसंख्या के अनुसार भारत में बच्चों की संख्या अन्य देश के मुकाबले बहुत अधिक है. जाहिर ही बात हैं बच्चे ज्यादा हैं तो खिलौने भी ज्यादा बिकते होंगे. इससे देश में खिलौने का व्यवसाय भी बहुत अधिक बढ़ रहा है. अब तक चीन से आने वाले खिलौनों का सबसे बड़ा बाजार भारत बना हुआ था. किन्तु अब मोदी जी द्वारा किये गये आह्वान के चलते देश में खिलौनों का एक वैश्विक हब बनाया जाना है. ताकि हमारा भारत देश इस मामले में आत्मनिर्भर बन सके. इसलिए अब भारतीय खिलौने के व्यवसाय की मांग भी भारत में बहुत अधिक बढ़ सकती है.

खिलौने बनाने के व्यवसाय की शुरुआत कैसे करें

खिलौने बनाने के व्यवसाय की शुरूआत करने के लिए सबसे पहले तो आपका इसमें कलात्मक होना आवश्यक है, यानि आपको विभिन्न तरह के खिलौने बनाने आने चाहिए. इसके लिए ये बिलकुल भी जरुरी नहीं है कि आपका हाइली एजुकेटेड हों. लेकिन आपकी खिलौने बनाने में स्किल बहुत ही बेहतर होना चाहिये. स्किल के अलावा आपको यह ध्यान में रखना आवश्यक है की किस तरह के खिलौने बच्चों को ज्यादा पसंद आते हैं. इसके अलावा अपने बिज़नेस की मार्केटिंग करना भी बेहद जरुरी है. इससे आप इस बिज़नेस की शुरुआत कर सकते हैं.

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खिलौने बनाने के लिए आवश्यक कच्चा माल

खिलौने बनाने के लिए आवश्यक कच्चे माल की बात करने से पहले आप यह जानें कि आप किस तरह के खिलौने का बिज़नेस करना चाहते हैं, सॉफ्ट टॉयज का या गैजेट्स का या फिर प्लास्टिक का या बैटरी के चलने वाले खिलौनों का. इनमें से आप किसी भी प्रकार के खिलौने बनाने के व्यवसाय की शुरूआत कर सकते हैं. और उसके अनुसार कच्चे माल को थोक बाजार से खरीद सकते हैं.    

खिलौने बनाने के लिए मशीनरी

खिलौने बनाने के लिए आवश्यक कच्चा मिल जाने के बाद बात आती हैं मशीनरी की, तो आपको बता दें कि खिलौने बनाने के लिए विभिन्न तरह की मशीनरी की आवश्यकता होती है. जैसे कि सॉफ्ट टॉयज के लिए सिलाई मशीन, इसके अलावा प्लास्टिक बॉडी वाले गैजेट्स एवं बैटरी वाले खिलौनों के लिए भी मशीन जिसमें विभिन्न तरह एक मोल्ड लगाये जाते हैं.

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खिलौने बनाने के व्यवसाय के लिए आवश्यक स्थान

खिलौने बनाने के व्यवसाय के लिए कम से कम 1000 वर्ग मीटर का क्षेत्र चाहिए, जोकि ऐसे स्थान पर हो जिसकी मुख्य बाजार से कुछ दूरी हो. क्योकि खिलौने बनाने की मशीन स्थापित करने के लिए आपको एनओसी लेनी होगी और वह तभी मिलेगी जब आपकी फैक्ट्री कुछ दूरी पर हो. इसके अलावा खिलौने बनाने के लिए कच्चे माल, मशीनरी एवं स्टॉक को रखने के लिए बड़ा स्थान भी होना चाहिए.

भारत में खिलौने बनाने वाली कंपनीज

आज के समय भारत में कई ‘मेक इन इंडिया’ कंपनी खुल गई हैं जोकि खिलौने का निर्माण कर रही है. जैसे कि ‘खिलौने वाला’. खिलौने बनाने वाली कंपनी भारत में तेजी से विकास की राह पर चल रही हैं. आप चाहे तो इन कम्पनीज से फ्रैंचाइज़ी लेकर भी व्यवसाय की शुरुआत कर सकते हैं. भारत में घरेलू खिलौने बनाने का व्यवसाय धीरे धीरे बढ़ सकते हैं जिसके सामने चीन की खिलौने कुछ भी नहीं है.

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खिलौने बनाने की प्रक्रिया

यदि आप सॉफ्ट टॉयज बनाने का व्यवसाय करते हैं तो इसे आप कपड़े सिलने वाली सिलाई मशीन का इस्तेमाल करके बना सकते हैं. और इसके अलावा यदि आप गैजेट्स या प्लेट स्टेशन या फिर बैटरी से चलने वाले खिलौने बनाना चाहते हैं तो इसे आप आटोमेटिक मशीन की सहायता से बना सकते हैं.

खिलौने बनाने के व्यवसाय के लिए आवश्यक लाइसेंस

  • व्यापार रजिस्ट्रेशन :- सबसे पहले तो आपको अपने व्यवसाय का उद्योग आधार या एमएसएमई के तहत रजिस्ट्रेशन कराना होगा इससे आपको सरकार द्वारा दी जाने वाली वित्तीय सहायता का लाभ मिल सकेगा.
  • ट्रेड लाइसेंस :- अपने व्यवसाय को एक ब्रांड नाम देने के लिए आपको ट्रैड लाइसेंस प्राप्त करना होगा.
  • जीएसटी रजिस्ट्रेशन :- सरकार द्वारा जब से जीएसटी की शुरुआत हुई हैं. सभी करोबारियों को जीएसटी में रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य हो गया है, इसलिए आपको इसमें रजिस्टर होना होगा.
  • एनओसी :- आपको खिलौने बनाने की फैक्ट्री स्थापित करने के लिए एनओसी लेना होगा, जोकि आपको प्रदूषण बोर्ड की ओर से प्राप्त होगी.

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खिलौने बनाने के व्यवसाय के लिए कर्मचारियों की आवश्यकता

यदि आप खिलौने बनाने की फैक्ट्री स्थापित करने की योजना बना रहे हैं तो आपको कुछ कर्मचारियों की आवश्यकता पड़ेगी, जोकि खिलौने की मशीन के संचालन एवं उसकी पैकेजिंग करने में उनकी मदद करेंगे. हालांकि इसमें काम करने वाले व्यापारियों को आपको कुछ वेतन प्रतिमाह देना होगा. 

खिलौने बनाने के बाद इसे कहाँ बेचें

खिलौने बनाने के बाद आप इसे होलसेल में बेच सकते हैं. इसका होलसेल मार्केट वैसे तो हर शहर में होता ही हैं किन्तु यदि आप इसे बाहर के शहरों में भी बेचते हैं तो इससे आपकी बहुत अच्छी आमदनी हो सकती है.

खिलौने बनाने के व्यवसाय में लगने वाली कुल लागत

खिलौने बनाने के व्यवसाय में सभी चीजों के खर्चे को मिलाया जाये तो आपको 3 से 5 लाख रूपये का शुरूआती खर्च करना ही होगा. इसके लिए आप बैंक से लोन ले सकते हैं, या फिर सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ ले सकते हैं. इतनी पूंजी में मशीनरी, कच्चा माल, कर्मचारियों का वेतन आदि जो भी चीजें हैं सभी कुछ शामिल है.

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खिलौने बनाने के व्यवसाय में प्रॉफिट

चुकी आने वाले समय में खिलौने बनाने के व्यवसाय की मांग और भी अधिक बढने वाली हैं इसलिए आपको इस बिज़नेस को करने में प्रॉफिट भी ज्यादा मिलेगा. किसी एक खिलौने को बनाने में यदि आपको 100 रूपये की लागत लग रही हैं, तो इसे आप बाजार में 150 से 200 रूपये में बेच सकते हैं. जिससे आपको प्रति खिलौने 50 से 100 रूपये का प्रॉफिट हो सकता है. इससे प्रतिमाह आप लाखों ही नहीं बल्कि करोड़ों में भी कमाई करने लग जायेंगे.

खिलौने बनाने के व्यवसाय की मार्केटिंग

खिलौने बनाने के व्यवसाय में आपको अपने खिलौने के निर्माण के बाद इसकी मार्केटिंग करना भी आवश्यक है. क्योकि बिना मार्केटिंग के किसी को आपके प्रोडक्ट के बारे में जानकारी नहीं मिलेगी. इससे आपको कोई मुनाफा नहीं मिलेगा. मार्केटिंग के लिए आप अपने खिलौनों के सैंपल बाजार में दिखा सकते हैं. इसके अलावा पेपर एवं न्यूज़ चैनल में ऐड दे सकते हैं.

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तो यह था करोड़ों का फायदा देने वाला बिज़नेस. आप भी इस व्यवसाय को शुरू करके मोदी जी की भारत को आत्मनिर्भर बनाने की मुहीम का हिस्सा बनिए. और हालही में मोदी जी द्वारा खिलौने का वैश्विक स्तर पर हब भारत में बनाने के उद्देश्य को पूरा करने के लिए भी उनका साथ दीजिये.

FAQ

Q : खिलौने बनाने को लेकर मोदी जी ने क्या आह्वान किया है ?

Ans : लोकल खिलौनों को वोकल बनाने का आह्वान किया है.

Q : खिलौने बनाने का व्यवसाय कैसे शुरू करें ?

Ans : खिलौने बनाने के लिए कलात्मक दिमाग की आवश्यकता है. इसके आलवा आप खिलौने बनाने वाली कंपनी से फ्रैंचाइज़ी ले सकते हैं.

Q : भारत में खिलौने बनाने वाली कंपनी कौन सी है ?

Ans : खिलौने वाला कंपनी

Q : क्या खिलौने बनाने का व्यवसाय प्रॉफिटेबल है ?

Ans : हां बिलकुल, बच्चों को काफी पसंद होने के कारण इनकी बाजार में मांग ज्यादा होती है.

Q : खिलौने बनाने के व्यवसाय में निवेश कितना करना होगा ?

Ans : लगभग 5 लाख रूपये.

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