उत्तर प्रदेश कुक्कुट पालन कर्ज योजना से पाए सब्सिडी पर लोन

उत्तर प्रदेश कुक्कुट पालन कर्ज योजना (Uttar Pradesh Kukkut Palan Poulty Farming Scheme in Hindi)

हमारे देश में मुर्गी के अण्डों एवं चिकन की उपलब्धता की आवश्यकता हर वक्त बनी हुई है. ऐसे में मुर्गी पालन व्यवसाय करना एक फायदे का सौदा साबित हो सकता है. आपके लिए एक अच्छी खबर यह है, कि इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए केंद्र एवं राज्य दोनों सरकारें आपको सब्सिडी के साथ – साथ उस पर लोन भी प्रदान करते हुए आपकी मदद करने जा रही हैं. तो फिर चलिए देर किस बात की हैं, यदि आप इस व्यवसाय को करने के इच्छुक हैं, तो इसके लिए आवेदन करिये. इसमें आप किस तरह से अप्लाई करेंगे एवं इसमें आपको कितनी सब्सिडी एवं लोन प्राप्त होगा. इन सभी चीजों की जानकारी हम आपको यहाँ दे रहे हैं.

UP kukkut palan yojana

उत्तर प्रदेश कुक्कुट पालन कर्ज योजना की विशेषताएं

  • स्वयं का व्यवसाय शुरू करने में सहायता :- इस योजना को उत्तरप्रदेश सरकार ने युवाओं को अपना स्वयं का व्यवसाय शुरू करने के लिए सहायता देने के लिए शुरू किया है. जिससे उनमे आत्मनिर्भरता बनी रहे.
  • किसानों के लिए भी आय का अवसर :- इस योजना के माध्यम से उत्तरप्रदेश सरकार किसानों को भी खेती के साथ – साथ पशुपालन एवं मुर्गी पालन के लिए मदद कर उन्हें अतिरिक्त आय का अवसर प्रदान कर रही है.
  • लोन सुविधा :- इस योजना में मुर्गी पालन यूनिट शुरू करने वाले व्यक्ति को राज्य एवं केंद्र सरकार मिलकर यह सुविधा प्रदान कर रही है, कि वे सब्सिडी पर लोन प्राप्त कर सकते हैं और उसका भुगतान उन्हें कुछ प्रतिशत ही करना होगा बाकी सारा भुगतान सरकारों द्वारा किया जायेगा. इसके पहले मुर्गी पालन के लिए सब्सिडी योजना हरियाणा में भी शुरू की जा चुकी है.
  • लाइसेंस एवं स्वच्छता का प्रमाण :- उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा लाभार्थी को मुर्गी पालन यूनिट के लिए लाइसेंस एवं स्वच्छता का प्रमाण भी प्रदान किया जायेगा.

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उत्तर प्रदेश कुक्कुट पालन कर्ज योजना में आवश्यकताएं

  • उत्तर पदेश सरकार ने इस कुक्कुट पालन कर्ज योजना के लिए सबसे आवश्यक आवश्यकता यह निर्धारित की है, कि यह यूनिट साफ़ सुथरी जगह पर शुरू की जानी चाहिए.
  • साफ सुथरी जगह होने के साथ – साथ मुर्गी पालकों को यह भी ध्यान रखना होगा, कि उनकी यह मुर्गी पालन यूनिट ऐसे स्थान पर हो जहाँ पहुंचना आसान हो, यानि यह गाँव एवं शहर से कुछ ही दुरी पर हो. इससे एक तो यह होगा, कि लोग आसानी से वहां पहुँच सकेंगे और दूसरा यह कि शहर के शोर शराबे एवं अन्य दिक्कतों से पशुओं को भी कोई परेशानी न होगी.
  • मुर्गियों के लिए जो स्थान आपने चुना है, उसके लिए यह आवश्यक है, कि वह सडक से कुछ ऊँची सतह पर हो, लगभग 10 इंच. जिससे कि अन्य जीव – जंतु जैसे चूहे एवं सांप अपना बिल ना बनाएं. इसके आलवा दीवार आंशिक रूप से खुली हुई होनी चाहिए ताकि मुर्गियों को पर्याप्त हवा मिल सकें.   
  • अच्छी किस्म की मुर्गियों का चयन करें. जिससे लोग आपकी मुर्गी पालन यूनिट की ओर आकर्षित हों, जैसे उनका सिर चौड़ा, बड़े अंडे देने वाली साथ ही उनकी कलगी लाल, पेट बड़ा और त्वचा कोमल एवं चमकदार होनी चाहिए.
  • मुर्गियों के लिए एक जगह के साथ – साथ उनके आहार का भी अच्छे से ध्यान रखना आवश्यक है. जिसमे पानी, शर्करा, प्रोटीन, खनिज पदार्थ, विटामिन युक्त चीजें शामिल होनी चाहिए. ये सभी आहार ऐसे हैं, जो मुर्गियों की बढ़ोत्तरी में मददगार होते हैं. यह आहार आप स्वयं भी तैयार कर सकते हैं, या चाहे तो आप इसे बाजार से भी खरीद सकते हैं.
  • इसके अलावा आहार के लिए एक बर्तन भी चाहिए होगा, अंडे रखने के लिए ट्रे एवं बक्सा होना चाहिए. इसके साथ ही उनके रोगों के बचाव के लिए टीकाकरण एवं औषधि की भी पूरी व्यवस्था होनी चाहिए.   
  • इसके अलावा आवश्यकताओं में हम पानी, बिजली एवं यातायात की सुविधा भी प्रदान करने के बारे में बात कर रहे हैं.
  • सबसे अहम बात यह है कि मुर्गियां एक समय के बाद कम अंडे देने लगती है ऐसे में आपकी आय में कमी आ सकती है. इसके लिए अच्छा होगा कि जो मुर्गियां कमजोर हो गई हैं और कम अंडे दे रही हैं, आप कम से कम 1 साल में उनकी बदली कर दीजिये.

उत्तर प्रदेश कुक्कुट पालन कर्ज योजना में मिलने वाली सब्सिडी (Subsidy)

उत्तरप्रदेश सरकार कुक्कुट पालन कर्ज योजना में लाभार्थियों को सब्सिडी की सुविधा प्रदान की जा रही है. उन्हें अलग – अलग श्रेणी के आधार पर सब्सिडी दी जाएगी जैसे जो लोग सामान्य जाति के हैं उन्हें कुल लागत पर 25 % सब्सिडी प्रदान होगी. वही अगर कोई व्यक्ति अनुसूचित जाति एवं जनजाति का है तो उसे 35 % तक की सब्सिडी सरकार द्वारा प्रदान की जाएगी. यह उन्हें नाबार्ड या एमएमएसई के द्वारा दी जाएगी. आपको बता दें कि एमएसएमई के तहत 59 मिनिट बिज़नस लोन के लिए में आवेदन किया जा सकता है.

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उत्तर प्रदेश कुक्कुट पालन कर्ज योजना में लोन राशि ( Loan Amount)

इस योजना को एक नीति के तहत चलाया जा रहा है जिसका नाम है कुक्कुट पालन विकास नीति. जोकि मुर्गी पालनें वाले लोगों को लाभ पहुंचा रही है. इस नीति के तहत लाभार्थियों को 2 श्रेणी के आधार पर यूनिट शुरू करने का विकल्प दिया जा रहा है. जैसे यदि लाभार्थी 30 हजार पक्षियों के साथ कमर्शियल यूनिट शुरू करता है तो उसे शुरू करने के लिए उन्हें लगभग डेढ़ करोड़ रूपये की लागत की आवश्यकता पड़ेगी जिसमे से उन्हें कम से कम 50 लाख रूपये का भुगतान खुद करना होगा और बाकी का बैंक से सब्सिडी पर लोन लेना होगा. इसके अलावा यदि वे 10 हजार पक्षियों के साथ कमर्शियल यूनिट शुरू करते हैं तो उन्हें इसके लिए लगभग 70 लाख लागत आयेगी जिसमें से उन्हें 21 लाख देने होंगे ओर बाकि का 49 लाख रूपये का लोन बैंक से प्राप्त हो जायेगा. अतः यह योजना छोटे एवं बड़े दोनों ही तरह के मुर्गी पालकों को लाभ पहुंचा रही है.

उत्तर प्रदेश कुक्कुट पालन कर्ज योजना में लोन के लिए पात्रता मापदंड ( Eligibility Criteria)

  • उत्तरप्रदेश निवासी :- ऐसे व्यक्ति जो उत्तरप्रदेश में रहते हैं और उत्तरप्रदेश की सीमा के अंदर ही मुर्गी पालन व्यवसाय करना चाहते हैं उन्हें इस योजना का लाभ लेने के लिए शामिल किया जायेगा.
  • जमीनी पात्रता :- लाभार्थी ऐसा होना चाहिए, जिसके पास खुद की कम से कम 1 से 3 एकड़ तक की जमीन हो.
  • बैंक में खाता :- बैंक में खाता होना आज के समय में सभी के लिए आवश्यक हैं, इसके बिना कोई भी पैसों का लेनदेन नहीं हो सकता है. और खास कर जब सरकार की बात आती हैं, तो आज के समय में सरकार लोगों को कैशलेस लेनदेन करने के लिए प्रोत्साहित भी कर रही है.

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उत्तर प्रदेश कुक्कुट पालन कर्ज योजना के तहत आवश्यक दस्तावेज

  • आधार कार्ड :- लाभार्थी के पास अपनी पहचान स्वरुप खुद का आधार कार्ड होना आवश्यक है. इसके बिना वह मुर्गी पालन यूनिट के लिए आवेदन करने के लिए पात्र नहीं माना जायेगा.
  • पहचान प्रमाण पत्र :- लाभार्थी इस योजना के तहत अपना ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी कार्ड, पैन कार्ड या पासपोर्ट में से एक दस्तावेज अपने साथ रखें.
  • पते का प्रमाण :- लाभार्थी को अपने उत्तरप्रदेश का निवासी दर्शाने के लिए अपने पते के प्रमाण स्वरुप राशन कार्ड, बिजली बिल, टेलीफोन बिल, पानी बिल या लीज एग्रीमेंट की कॉपी जमा कर सकते हैं. 
  • जमीन का मालिक होने का प्रमाण :- यह साबित करने के लिए कि लाभार्थी के पास खुद की जमीन है उन्हें उसके प्रमाण पत्र की कॉपी देनी होगी.
  • बैंक पासबुक या स्टेटमेंट :- लाभार्थी से इस योजना के तहत लोन लेने के लिए आवेदन करने के लिए बैंक के पासबुक या फिर हालही कीक स्टेटमेंट की कॉपी भी मांगी जा सकती है. इसलिए आवेदक यह भी अपने साथ अवश्य रखें.
  • प्रोजेक्ट रिपोर्ट :- आवेदन के दौरान लाभार्थी को अपने मुर्गी पालन यूनिट की एक प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनानी होगी, जिसमें सभी चीजों का पूरा पूरा ब्यौरा दिया हुआ होगा.
  • पासपोर्ट आकार की फोटोग्राफ :- आवेदकों को अपने आवेदन के दौरान पासपोर्ट आकार की फोटोग्राफ भी दिखानी पड़ सकती हैं. इसे भी वे अपने साथ रखें.

उत्तर प्रदेश कुक्कुट पालन कर्ज योजना में लोन कैसे प्राप्त होगा

इसके अंतर्गत लोन के लिए अप्लाई करने के लिए आप अपने सभी पेपर्स को इकठ्ठा करें और इसे लेकर अपने पास के किसी बैंक शाखा में पहुँच जाएँ. वहां पहुँचकर आपको सभी जानकारी प्राप्त हो जाएगी, और सभी दस्तावेजों की जाँच होने के बाद आपका वहां से लोन अप्रूव कर दिया जायेगा और इसके बाद आपको लोन राशि प्राप्त हो जायेगी. 

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इस तरह से यदि आप भी एक तरह की पशुपालन यूनिट शुरू करने के बारे में सोच रहे हैं तो देर किस बात की है, जल्द से जल्द इसके लिए अपना आवेदन देकर अपनी आय के साधन को सुनिश्चित करें.

एफएक्यू’स (FAQ’s)

Q : उत्तर प्रदेश कुक्कुट पालन कर्ज योजना के तहत लाभ प्रदान करने वाले बैंक्स कौन – कौन से हैं ?

Ans : उत्तर प्रदेश कुक्कुट पालन कर्ज योजना के तहत लाभ प्रदान करने वाले बैंक्स की सूची में स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया, आईडीबीआई बैंक, फेडरल बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ़ इंडिया, एचडीएफसी बैंक एवं आईसीआईसीआई बैंक आदि शामिल है.

Q : मुर्गी पालन यूनिट का लाभ किस तरह से मिलेगा ?

Ans : मुर्गी पालन यूनिट स्थापित करने के लिए सरकार ने सब्सिडी पर लोन प्रदान करने की योजना बनाई है. जिसके माध्यम से वे अपनी खुद की मुर्गी पालन यूनिट शुरू कर सकते हैं.

Q : मुर्गी पालन यूनिट शुरू करने के लिए मिलने वाला लोन किस – किस काम के लिए मिलेगा ?

Ans : मुर्गी पालन यूनिट शुरू करने के लिए लोन पोल्ट्री के शेड, मुर्गियों के भोजन के लिए कमरा एवं इसी तरह की कुछ सुविधाओं के लिए मिलेगा. लेकिन इसके लिए जो लोन प्राप्त होगा उसका उपयोग केवल इन्हीं काम के लिए ही किया जायेगा.

Q : क्या मुर्गी पालन यूनिट शुरू करने के लिए प्रशिक्षित होना आवश्यक है ?

Ans : जी नहीं, ऐसा कोई भी प्रावधान सुनिश्चित नहीं किया गया है कि मुर्गी पालन यूनिट शुरू करने वाला व्यक्ति प्रशिक्षित हो लेकिन उनके लिए यह आवश्यक है कि उन्हें इसका अनुभव होना चाहिए. यानि कि वह इससे पहले इस तरह के व्यवसाय से जुड़ा हुआ हो तो बेहतर होगा.

Q : लोन प्राप्त होने के बाद इसे चुकाने की अवधि क्या है ?

Ans : जब लाभार्थी ने लोन प्राप्त कर लिया तो उसे उसके बाद 5 वर्ष की अवधि दी जाएगी उस लोन को चुकाने के लिए. यदि वह इस अवधि में लोन नहीं चुका पाता है तो उसके बाद उसे इसके लिए 6 महीने की अवधि और प्रदान की जाएगी. किन्तु इसके बाद उनसे ब्याज वसूला जाने लगेगा.

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