महिला उद्यमियों के लिए भारत सरकार द्वारा संचालित 9 योजनाएं 

महिला उद्यमियों के लिए 2019 में भारत सरकार द्वारा संचालित 9 योजनाएं (9 Loan Schemes 2019 For Women Entrepreneurs In India in hindi)

भारत में स्टार्टअप इंडिया के आंकड़ों की तुलना करें, तो भारत के कुल उधमियों में से महिला उद्यमी सिर्फ 8 मिलियन हैं और दूसरी तरफ पुरुष उद्यमी 50 मिलियन से भी ज्यादा है. इन्हीं आंकड़ों से हम पता लगा सकते हैं, कि हमारे देश में कितनी कम संख्या में महिला उद्यमी मौजूद है. महिला सशक्तिकरण और महिलाओं की उद्यमशीलता को देखते हुए भारत सरकार द्वारा बहुत सारी ऐसी योजनाएं लागू की गई है जिससे महिला उद्यमी भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम में हर जगह देखी जा सकती हैं. महिलाएं भी अब ना केवल घरों की चार दीवारी के भीतर रहकर काम ना करेगी, बल्कि महिलाएं भी अपना खुद का बिजनेस भी शुरू कर पाएगी, बिना किसी आर्थिक रुकावट के.

Women Entrepreneurs loan Schemes

भारत सरकार के अलावा बैंक शाखाओं ने भी महिलाओं के हौसले को नई उड़ान देने के लिए विशेष प्रकार के ऋण उपलब्ध करवाएं, ताकि वह शुरुआती व्यवसाय बड़ी ही आसानी से शुरू कर सकें. आज हम आपको बताएंगे महिला उद्यमियों के लिए सरकार द्वारा कौन-कौन सी नई योजनाएं बनाई गई हैं, जिनसे महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिले और अपने नए स्टार्टअप को शुरू करें, तो चलिए जानते हैं इन नई योजनाओं के बारे में –

1. अन्नपूर्णा योजना (Annapurna Scheme)

भारत सरकार द्वारा अन्नपूर्णा योजना को 31 अक्टूबर 2015 को जयपुर जिले के बमोरी गांव से शुरू किया गया. अन्नपूर्णा योजना के तहत वे महिला उद्यमी जो पैक किए गए भोजन, नाश्ते आदि खाद्य वस्तुओं को बेचने के लिए खाद्य खानपान उद्योग स्थापित करना चाहती हैं. इस योजना के भीतर स्टेट बैंक ऑफ मैसूर के द्वारा उन महिला उद्यमियों को पचास हजार रुपए की ऋण राशि दी जाएगी और जिसे 36 महीनों की मासिक किस्तों पर भुगतान करना होगा. यह ऋण महिला उद्यमी की प्राथमिक जरूरतों को पूर्ण करने के लिए दिया जाएगा, यानी कि बर्तन और अन्य उपकरणों को खरीदने के लिए. इस ऋण की ब्याज दर बाजार दर के हिसाब से लगाई जाएगी और यह ऋण प्राप्त करने के लिए महिला उद्यमी को एक गारंटर की आवश्यकता होती हैं, क्योंकि बिना गारंटर महिला उद्यमी को यह ऋण नहीं दिया जाएगा. भारत सरकार द्वारा उठाया गया महिला उद्यमीयों के लिए काफी अच्छा कदम है.

2. ओरिएंटल महिला विकास योजना (Orient Mahila Vikas Yojana Scheme)-

वे महिलाएं जो व्यक्तिगत रूप से या फिर संयुक्त रूप से एक मालिकाना चिंता के चलते 51% शेयर पूंजी रखती हैं, उन्हें ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स के द्वारा ऋण प्रदान किया जाता है. इस योजना के तहत लघु उद्योगों में महिला उद्यमी को 10 लाख से लेकर ₹2500000 तक का ऋण दिया जाता है और इस ऋण को लेने के लिए किसी भी प्रकार के गारंटर की आवश्यकता नहीं होती हैं. अगर महिला उद्यमी अपने ऋण को पुनरभुगतान करना चाहता है तो उसकी अवधि 7 वर्ष है. इसके तहत 2% ऋण ब्याज दर की महिला उद्यमी को रियायत भी दी जाती हैं.

3. मुद्रा योजना महिला उद्यमी (Mudra Yojana Scheme For Women)

भारत सरकार द्वारा संचालित इस योजना के तहत वे महिलाएं जो, अपना व्यवसाय छोटे उद्यमों से शुरू करना चाहती हैं, जैसे ट्यूशन सेंटर, टेलरिंग यूनिट या फिर ब्यूटी पार्लर तो उन्हें किसी सम पार्श्विक गारंटर की आवश्यकता के बिना ऋण दिया जाता है. ऋण प्रदान करते समय आपको एक मुद्रा कार्ड भी दिया जाएगा और यह मुद्रा कार्ड आपके क्रेडिट कार्ड के समान ही कार्य करेगा और इस पर ऋण राशि के 10% तक सीमित धनराशि जमा होगी. मुद्रा योजना का लाभ आप तीन जनों के द्वारा उठा सकते हैं, जो कि इस प्रकार है –

  • शिशु – इसमें ऋण राशि 50000 तक सीमित हैं.
  • किशोर – इसमें ऋण राशि 50000 से लेकर 5 लाख रुपए के बीच होती हैं. इसका लाभ स्थापित उद्यम वाले लोगों द्वारा उठाया जा सकता है.
  • तरुण – इसमें ऋण राशि 1000000 रुपए तक की होती हैं.

इन तीन चरणों के द्वारा महिला उद्यमी इस मुद्रा योजना का लाभ बड़ी ही आसानी से उठा सकती हैं और अपने व्यवसाय को अच्छा कर सकती है.

4. भारतीय महिला बैंक व्यवसायिक ऋण (Bharatiya Mahila Bank Business Loan)

भारतीय महिला बैंक व्यवसायीक ऋण को उन महिला उद्यमियों के लिए लघु किया गया है, जो अपना नया उद्यम खुदरा क्षेत्र में संपत्ति, और SME खिलाफ  शुरू करना चाहती है. महिला उद्यमी को इस योजना के तहत अधिकतम ऋण राशि 200000000 तक दी जाती हैं और जिस पर  0.25% की छूट भी दी जाती है. इसे ऋण राशि पर ब्याज दर आमतौर पर 10.15% या फिर उससे अधिक की होती है. भारतीय महिला बैंक व्यवसायीकरण योजना की सबसे अच्छी बात यह है, कि यह लघु और सूक्ष्म उद्यम के लिए क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट के तहत एक करोड़ तक के ऋण के लिए सवपार्श्विक सुरक्षा की आवश्यकता नहीं होती हैं.

5. देना शक्ति योजना (Dena Shakti Scheme)

अगर महिला उद्यमी कृषि, विनिर्माण ,सूक्ष्म-ऋण,खुदरा स्टोर या फिर  सूक्ष्म उद्यमों के क्षेत्र में अपना व्यवसाय बढ़ाना चाहती हैं और जिन्हें वित्तीय सहायता की आवश्यकता होती हैं उन्हें इस प्रकार के ऋण देना शक्ति योजना के तहत प्रदान किए जाते हैं. महिला उद्यमी को खुदरा व्यापार के लिए इस योजना के तहत अधिकतम ऋण राशि 2000000 दी जाती है, जिस पर ब्याज दर जीरो प्वाइंट 25% होती हैं. ऋण में प्रदान की गई बैंक द्वारा इस राशि को महिला उद्यमी किस्तों के मासिक भुगतान के द्वारा बड़ी ही आसानी से चुका सकती हैं.

6. उद्योगिनी योजना (Udyogini Scheme)

इसी योजना के तहत वह महिला उद्यमी जिनकी आयु 18 से 45 वर्ष है और जो अपना व्यवसाय कृषि, खुदरा और छोटे उद्यमी क्षेत्र  में कर रही हैं, उन्हें एक लाख रुपए तक ऋण दिया जाता है. अगर महिला उद्यमी के परिवार की वार्षिक आय ₹45000 से कम है, तभी वह इस योजना के द्वारा ऋण ले सकते हैं अन्यथा नहीं. इसकी सबसे अच्छी बात यह है, कि एससी और एसटी श्रेणियों की विधवा, निराशत्र या विकलांग महिलाओं को ₹10000 तक के ऋण पर 30% की सब्सिडी भी प्रदान की जाती है. उद्योगिनी योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी के द्वारा महिला उद्यमी अपने स्टार्टअप को काफी अच्छा ग्रो कर सकती हैं.

7. सेण्ट कल्याणी योजना (Cent Kalyani Scheme)

अगर महिला अपना नया उद्यम शुरू करना चाहती हैं या फिर उसे संशोधित करना चाहती हैं, तो सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के द्वारा उन्हें ऋण की डीएचएस योजना का लाभ दिया जाता है. इस योजना के तहत यह ऋण उन महिला उद्यमियों द्वारा लिया जा सकता है जो गांव, लघु , और मध्यम उद्योगों, स्वरोजगार, कृषि खुदरा व्यापार जैसे व्यवसायिक उद्यमों में शामिल होती हैं. इसी योजना के तहत महिला उद्यमी को ऋण लेते समय किसी भी गारंटर की आवश्यकता नहीं पड़ती हैं और इस योजना के तहत दी जाने वाले अधिकतम ऋण राशि 1 लाख हैं.

8. महिला उद्यम निधि योजना (Mahila Udyam Nidhi Scheme)

महिला उद्यम निधि योजना को पंजाब नेशनल बैंक द्वारा शुरू किया गया है और इस योजना का उद्देश्य लघु उद्योग में शामिल महिला उद्यमों को ऋण देकर उनका समर्थन करना है. महिला उद्यम निधि योजना के तहत दी जाने वाली ऋण राशि को महिला उद्यमी द्वारा 10 वर्षों की अवधि में बड़ी ही आसानी से चुकाया जा सकता है. महिला निधि योजना के तहत ब्यूटी पार्लर, डे केयर सेंटर, ऑटो रिक्शा दो पहिया वाहन का राधे खरीदने की अलग-अलग ऋण योजनाएं भी शामिल हैं और इसी योजना के तहत दी जाने वाली अधिकतम ऋण राशि 1000000 रुपए हैं.

9. स्त्री शक्ति योजना (Stree Shakti Package For Women Entrepreneurs)-

यह योजना महिला उद्यमियों को ऋण राशि में छूट की दर प्रधान करवाती हैं. इसी योजना के तहत अगर महिला उद्यमी की ऋण की राशि 200000 से अधिक होती हैं, तो यह 0.50% की छूट उस ब्याज दर पर प्रदान करवाती है. सरकार द्वारा इसी योजना को एसबीआई बैंक की अधिकांश शाखाओं द्वारा संचालित की गई है.

भारत सरकार द्वारा महिला उद्यमियों को अपने व्यवसाय को बढ़ाने के लिए इन सभी अच्छी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है. महिला सशक्तिकरण और महिला एंपावरमेंट को बढ़ाने के लिए बैंक और सरकार द्वारा उठाए गए यह कदम काफी लाभान्वित है.अगर आप भी अपना नया स्टार्टअप खोलना चाहते हैं तो इन सभी योजनाओं की मदद से अपने नए स्टार्टअप को एक नई दिशा दें.

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One comment

  1. Thanks for all the information about this topic.

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