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भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक (एफएसएसएआई ) नियम | Food Safety and Standards Authority of India (FSSAI) in hindi

क्या है भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक (एफएसएसएआई ) अधिनियम | Food Safety and Standards Authority of India (FSSAI) act rule kya hai in hindi

एफएसएसएआई भोजन के मानकों को स्थापित करने के लिए उत्तरदायी है. खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता के लिए एफएसएसएआई किसी भी भोजन में इस्तेमाल होने वाले रासायनिक, पोषक गुणों, भोजने के रंग, महक, आकार इत्यादि की जांच करता है. जांच में सही पाए जाने के बाद ही उसे विक्रेताओं द्वारा बाजार में बेचा जाता है. खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत एफएसएसएआई निश्चित रूप से खाने में मिलावट पर नियंत्रण करने का कार्य करता है और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करता है.

एफएसएसएआई का पूरा नाम क्या है (FSSAI full form)

FSSAI का पूरा नाम Food Safety and Standards Authority of India है. जिसे हिंदी में भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण कहा जाता है. एफएसएसएआई को 5 अगस्त सन् 2008 से शुरू किया गया. इसको खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के अनुसार ही प्रयोग में लाया गया था. देश में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की शुद्धता जांचने के उद्देश्य से एफएसएसएआई को स्थापित किया गया था.

fssai

भारत में खाद्य पदार्थों से जुड़े कई अधिनियम थे, जिनकों एफएसएसएआई के आने के बाद खत्म कर दिया गया था. खत्म किए गए एक्टों के नाम इस प्रकार हैं-

खाद्य व्यभिचार अधिनियम (1954), फल उत्पाद आदेश (1955), मांस खाद्य उत्पाद आदेश (1973), वनस्पति तेल उत्पाद (नियंत्रण) आदेश, (1947), खाद्य तेल पैकेजिंग (विनियमन) आदेश (1988), सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टेड ऑयल, डी-ओमेड मेल एंड एडिबल फ्लोर (नियंत्रण) आदेश, (1967) और दूध और दूध उत्पाद आदेश(1992).

एफएसएसएआई का गठन अगस्त 2011
मुख्यालय नई दिल्ली
एजेंसी के अधिकारी आशीष बहुगुणा, अध्यक्ष पवन कुमार अग्रवाल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी
पैरेंट एजेंसी स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार
वेबसाइट www.fssai.gov.in

 एफएसएसएआई का मुख्यालय 

भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण का मुख्यालय देश की राजधानी दिल्ली में हैं. वहीं इसके अध्यक्ष तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी की नियुक्ति भारत सरकार द्वारा की जाती है. इसके अध्यक्ष भारत सरकार के सचिव रैंक के होते हैं. वहीं अगर इसके मुख्यलायों की बात करें तो नई दिल्ली के अलावा इसके पूरे देश में 6 क्षेत्रीय कार्यालय हैं. जो कि दिल्ली, गुवाहाटी, मुंबई, कोलकाता, कोचीन और चेन्नई में स्थित हैं. इसके अलावा एफएसएसएआई द्वारा अधिसूचित कई लैबोरेटरीज भारत भर में स्थित हैं.

एफएसएसएआई के कार्य ( How does FSSAI work in hindi)

भारत सरकार द्वारा एफएसएसएआई को निम्नलिखित कार्यों को करने के उद्देश्यों के लिए स्थापित किया गया है. एफएसएसएआई के अंतर्गत नीचे बताए गए कार्य आते हैं, जो कि इस प्रकार हैं :-

  • दिशानिर्देश को निर्धारित करना एफएसएसएआई का सबसे महत्वपूर्ण कार्य खाद्य वस्तुओं से जुड़े दिशा-निर्देशों को बनाना है और ये सुनिश्चित करना है कि उनके द्वारा बनाए गए दिशा-निर्देशों का पालन देश में किया जा रहा है की नहीं.
  • प्रमाणन देना एफएसएसएआई का जो अगला सबसे महत्वपूर्ण काम है, वो है खाद्य व्यवसायियों के द्वारा बनाए गए खाने की जांच करना और ये सुनिश्चित करना की वो लोगों द्वारा खाने योग्य है की नहीं. अगर खाना जांच में सही पाए जाता है तो उसे प्रमाणन दिया जाता है.
  • नेटवर्क की स्थापना– अपने देश में एक सूचना नेटवर्क की स्थापना करना जिससे कि आम उपभोक्ता, पंचायत आदि खाद्य संरक्षा और इससे जुड़े मुद्दों के संबंध में आसानी से सूचना प्राप्त कर सकें.
  • प्रशिक्षण देना–  खाद्य व्यवसाय में जो लोग शामिल हैं या फिर जो लोग शामिल होना चाहते हैं उनके के लिए वक्त-वक्त पर प्रशिक्षण कार्यक्रर्मों का आयोजन करना. जिसके जरिए उनको खाद्य व्यवसाय से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी जाती है.

एफएसएसएआई से जरूरी है मंजूरी लेना (FSSAI product approval )

एफएसएसएआई का मुख्य काम खाद्य मार्केटिंग, बिक्री, भंडारण, आपूर्ति और विनिर्माण को नियंत्रित करना है. किसी भी निर्माता को उसके खाद्य पदार्थों को बेचने से पहले एफएसएसएआई में आवेदन करना पड़ता है. जिसके बाद एफएसएसएआई अधिकारी आवेदनों के खाद्य उत्पादों के प्रयोगशाला परीक्षण के आधार पर उन्हें प्रमाण पत्र जारी करते हैं. वहीं खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई का प्रावधान भी है. एफएसएसएआई के अधिकारी किसी भी व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर सकते हैं जो खराब खाने के सामान को सार्वजनिक रूप से बेचता है.

एफएसएसएआई के अंतर्गत आने वाले उत्पाद (FSSAI product specification )

एफएसएसएआई निम्नलिखित खाद्य उत्पादों का मानदंड निर्धारित करती है और ये सुनिश्चित करती है कि इन उत्पाद का उत्पादन उसके द्वारा बनाए गए दिशा-निर्देशों के अधीन किया जाए और ये लोगों के सेहत के लिए सही हों.

1 डेयरी उत्पादों
2 तेल और वसा
3 फल और सब्जी उत्पादों
4 अनाज उत्पादों
5 मांस उत्पादों
6 मछली उत्पादों
7 मिठाई
8 नमक, मसालों और संबंधित उत्पादों
9 पेय पदार्थ

एफएसएसएआई लाइसेंस लेने के लिए आवेदन प्रक्रिया (How to apply FSSAI license procedure Online in hindi )

  • अगर आप खाद्य लाइसेंस लेना चाहते हैं तो सबसे पहले आपको http://foodlicensing.fssai.gov.in/precheck/precheckunitdetails.aspx लिंक पर जाकर ये पता करना होगा की आप ये लाइसेंस लेने के लिए योग्य हैं की नहीं.
  • पहले चरण को पूरा करने के बाद आपको https://foodlicensing.fssai.gov.in/index.aspx लिंक पर जाकर, इस लिकं पर पूछी गई जानकारियों को भरना होगा.
  • वहीं एफएसएसएआई खाद्य व्यापार और कारोबार की प्रकृति के आधार पर लाइसेंस जारी करती है. जिन कारोबारियों का कारोबार 12 लाख से  20 करोड़ के बीच का है, वो राज्य लाइसेंस के अंतर्गत आते हैं और अगर किसी कारोबारी का कारोबार  20 करोड़ से ऊपर है वो केंद्रीय लाइसेंस की श्रेणी में आते हैं.

नीचे बताए गए लिंक्स पर जाकर आपको लाइसेंस लेने के लिए कौन-कौन से दस्तावेजों की जरूरत है और इस प्रक्रिया में कितना खर्च आएगा. ये सब जानकारी आसानी से मिल जाएगी.

 केंद्रीय लाइसेंस (Central license Registration) –  https://foodlicensing.fssai.gov.in/indexCL.aspx

राज्य लाइसेंस के लिए लिंक (State license Registration)– https://foodlicensing.fssai.gov.in/indexSL.aspx

लाइसेंस कैसे रद्द किया जा सकता है? (fssai license rejection)

वहीं अगर आपको लाइसेंस मिल जाता है और उसके बाद आपके द्वारा बनाएं गए खाने के उत्पाद में कोई कमी मिलती है या फिर वो एफएसएसएआई द्वारा तैयार किए गए मानकों पर सही नहीं पाया जाता है. तो आपका लाइसेंस रद्द किया जा सकता है. इसलिए लाइसेंस मिलने के बाद भी अपने उत्पाद की शुद्धता से कोई समझौता करना आपको भारी पड़ सकता है.

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